पिता स्टार, मां बेस्ट एक्ट्रेस विनर: फिर भी मीडिया से क्यों दूरी बनाकर रखते हैं मल्हार पाटेकर? जानिए फैमिली की अनकही दास्तां
नाना पाटेकर और नीलकांति के बेटे मल्हार पाटेकर के पारिवारिक जीवन और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर एक नजर दौड़ाते हैं. जानें नाना पाटेकर और नीलकांति के रिश्ते, उनके परिवार और जीवन के संघर्षों से जुड़ी कहानी.
बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने चार दशकों तक अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों पर राज किया है, लेकिन उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने हमेशा चकाचौंध और लाइमलाइट से दूरी बनाए रखी. मल्हार पाटेकर ने एक्टिंग के साथ-साथ पर्दे के पीछे फिल्ममेकिंग में अपनी पहचान बनाई है. आइए जानते हैं कि नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर कौन हैं, उनकी पढ़ाई कहाँ से हुई है और उनका करियर कैसा रहा है.
कौन हैं मल्हार पाटेकर?
मल्हार पाटेकर दिग्गज बॉलीवुड और मराठी एक्टर नाना पाटेकर और मराठी एक्ट्रेस नीलकांति पाटेकर के बेटे हैं. नाना पाटेकर और नीलकांति की शादी साल 1978 में थिएटर के दिनों में मुलाकात के बाद हुई थी. दोनों के दो बेटे हुए, जिनका नाम दुर्वासा और मल्हार रखा गया. हालांकि, उनके बड़े बेटे दुर्वासा का बचपन में ही बीमारी के कारण निधन हो गया था. इसके बाद मल्हार ही अपने माता-पिता की इकलौती संतान रहे. पर्सनल डिफरेंसेस के कारण नाना और नीलकांति काफी सालों तक अलग-अलग रहे, लेकिन वे कानूनी रूप से शादीशुदा ही रहे.
नाना की पत्नी नीलकांति पाटेकर कौन हैं?
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति पाटेकर हैं, जो खुद भी मनोरंजन इंडस्ट्री से जुड़ी रही हैं. 1989 में मराठी फिल्म 'आत्मविश्वास' के लिए महाराष्ट्र राज्य सरकार का सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता है. कई सेलिब्रिटी शादियों के उलट, नाना और नीलकांति ने अपनी पर्सनल लाइफ और परिवार को हमेशा चकाचौंध और मीडिया की सुर्खियों से दूर रखा.
हालांकि, दोनों बीते लगभग 35 वर्षों से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे. खुद नाना पाटेकर के बयानों के अनुसार, उनके अलग होने की मुख्य वजह दोनों के स्वभाव और सोच में अंतर होना था. इसके अलावा 1990 के दशक में फिल्म 'अग्नि साक्षी' के दौरान नाना पाटेकर और अभिनेत्री मनीषा कोइराला के बीच नजदीकियों की खबरों ने भी काफी ध्यान खींचा था. फिर भी, इन सब बातों को उनके अलग होने का एकमात्र आधिकारिक कारण नहीं माना जा सकता. रहने की अलग-अलग व्यवस्थाओं और दूरियों के बावजूद नाना और नीलकांति ने कभी कानूनी रूप से तलाक नहीं लिया. वे कानूनी तौर पर शादीशुदा रहे. नाना पाटेकर ने हमेशा अपने जीवन में नीलकांति के योगदान की सराहना की.
मल्हार पाटेकर की क्वालिफिकेशन
मल्हार पाटेकर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई के सरस्वती मंदिर हाई स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने कॉमर्स स्ट्रीम से अपनी आगे की पढ़ाई की. लेकिन धीरे-धीरे उनका रुझान सिनेमा की तरफ बढ़ता चला गया. स्टार किड होने के बावजूद उन्होंने एक्टिंग में डेब्यू करने के बजाय पर्दे के पीछे काम करने की राह चुनी. उन्होंने फिल्ममेकिंग की बारीकियों को समझा और एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की.
पर्दे के पीछे मल्हार का काम
मल्हार ने पर्दे के पीछे रहकर कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया है. उनका सबसे चर्चित काम साल 2013 में आई फिल्म 'द अटैक्स ऑफ 26/11' में देखने को मिला था, जिसे राम गोपाल वर्मा ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में मल्हार ने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था. खास बात यह है कि इस फिल्म में उनके पिता नाना पाटेकर ने एक पुलिस अफसर का अहम किरदार निभाया था. इसके अलावा मल्हार ने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस भी स्थापित किया, जिसका नाम 'नाना साहेब प्रोडक्शन हाउस' है.
बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट किया काम
मल्हार मुख्य रूप से पर्दे के पीछे काम करना पसंद करते हैं, लेकिन वे कैमरे के सामने भी नजर आ चुके हैं. उन्होंने साल 1991 में आई फिल्म 'प्रहार: द फाइनल अटैक' में बतौर बाल कलाकार काम किया था. इस फिल्म को उनके पिता नाना पाटेकर ने खुद डायरेक्ट किया था और उसमें मुख्य भूमिका निभाई थी. इसके बाद मल्हार ने एडल्ट के रूप में साल 2014 में आई हिंदी फिल्म 'द लिटिल गॉडफादर' में सपोर्टिंग रोल निभाया था, जिसमें उनके साथ अंगद बेदी भी नजर आए थे.
लाइमलाइट से दूर एक सादा जीवन
आम तौर पर स्टार किड्स बहुत जल्दी लाइमलाइट और मीडिया की सुर्खियों में आ जाते हैं. लेकिन मल्हार पाटेकर हमेशा सेलिब्रिटी सर्किट से दूर रहना ही पसंद करते हैं. वे बहुत कम इंटरव्यू देते हैं और पब्लिक इवेंट्स में भी नाममात्र ही नजर आते हैं. उन्होंने बाकी स्टार किड्स की तरह बॉलीवुड में बड़ा एक्टिंग करियर बनाने की कोशिश करने के बजाय अपनी पसंद के मुताबिक सादगी भरा जीवन चुना.