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नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता को मिला सोना महापात्रा का साथ, बोलीं-आप उनसे क्या उम्मीद कर रहे हैं

नाना पाटेकर के निधन को लेकर तनुश्री दत्ता की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है. सिंगर सोना महापात्रा ने तनुश्री का समर्थन करते हुए सवाल उठाया कि ट्रॉमा पर बोलने वाली महिला से चुप रहने की उम्मीद क्यों की जाए?

Written By Swati Singh
Published: Oct 09, 2026, 08:23 PM IST | Updated: Oct 09, 2026, 08:37 PM IST
Image Credit: तनुश्री दत्ता को मिला सोना महापात्रा का साथ
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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को 75 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन की खबर से बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर थी. लेकिन उसी बीच एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना को इविल डैड कह दिया. इसकी वजह से उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. वहीं, अब सिंगर, संगीतकार और गीतकार सोना महापात्रा एक्ट्रेस के समर्थन में सामने आई हैं. साथ ही उहोने उन लोगों की आलोचना की है जो उनके बयानों पर सवाल उठा रहे हैं.

दरअसल, #MeToo मूवमेंट के दौरान तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. अब, नाना पाटेकर के निधन पर दत्ता की हालिया टिप्पणी में उन्होंने उन्हें 'ईविल डेड' कहा था. अब इसका समर्थन करते हुए सोना ने एक वीडियो में कहा, 'कल नाना पाटेकर का निधन हो गया. वे एक मशहूर अभिनेता थे, लोग उनके जाने का दुख मना रहे हैं और यह स्वाभाविक भी है. मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन जो बात मुझे परेशान कर रही है, वह यह है कि लोग तनुश्री दत्ता को ट्रोल कर रहे हैं. सच में आप उनसे क्या उम्मीद करते हैं? इस महिला ने सेट पर इस व्यक्ति द्वारा किए गए अपने यौन उत्पीड़न के बारे में आवाज उठाई, एक थका देने वाली लड़ाई लड़ी. लोगों के सामने अपमान और करियर पर बुरे असर का सामना किया और अब क्या आप उम्मीद करते हैं कि वह आपके लिए दुख जताने का दिखावा करे?'

तनुश्री दत्ता के सपोर्ट में आईं सोना महापात्रा

यह बताते हुए कि उन्होंने देश के #MeToo मूवमेंट को देखा था. महापात्रा ने कहा, 'भारत में #MeToo मूवमेंट के दौरान मैं भी काम करने वाली आर्टिस्ट्स में से एक थी. मुझे एक नेशनल टेलीविजन रियलिटी शो से हटा दिया गया था क्योंकि दूसरी कामकाजी महिलाएं इसमें शामिल नहीं होना चाहती थीं. कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहता.' उन्होंने आगे कहा, 'मैं जानती हूं कि आवाज उठाने की क्या कीमत चुकानी पड़ती है और लोग पूछते हैं, 'आप कोर्ट क्यों नहीं गईं? सबूत कहां है?' क्या महिलाएं काम पर जाते समय छिपा हुआ कैमरा पहनकर जाती हैं? क्या उत्पीड़न हमेशा गवाहों के सामने ही होता है?'

 

 

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जो किसी को सिर्फ इसलिए संत मान लेते हैं क्योंकि वह अब जिंदा नहीं है. सोना ने कहा, 'MeToo इसलिए हुआ क्योंकि सत्ता, डर और बदले की भावना के कारण आवाज उठाना बहुत मुश्किल हो गया था. और भारत हम बुढ़ापे को अच्छाई और मौत को संत होने से क्यों जोड़ते हैं? किसी की मौत से उसकी जिंदगी के मुश्किल पहलू मिट नहीं जाने चाहिए. आप उनके गुजरने पर दुख मना सकते हैं. लेकिन आप किसी महिला से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह अपने दुख को आसान बनाने के लिए अपनी कहानी को ही बदल दे.'

तनुश्री की बात का समर्थन करते हुए उन्होंने अपनी बात खत्म की और कहा, 'तनुश्री दत्ता को अपनी बात कहने का पूरा हक है, और अगर आपकी हमदर्दी के लिए किसी ऐसी महिला को नीचा दिखाना जरूरी है. जिसने आवाज उठाई है, तो शायद वह हमदर्दी नहीं है. यह पाखंड है.'

एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने सुनाया किस्सा

अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने बताया कि प्राइम विटनेस को तैयार करने में उन्हें 5 साल लगे और बाद में केस बंद कर दिया गया. उन्होंने कहा, "नाना पाटेकर ने केस को बंद करवाया था. सारे सबूत हमारे पास थे, जिस दिन हमारे मेन विटनेस का सबूत कोर्ट में पेश होने वाला था, उसी दिन जज ने केस ही बंद कर दिया. आप सोचिए, हमें एक प्राइम विटनेस (हेयर ड्रेसर) को मनाने में पांच साल लग गए थे. क्योंकि उसको धमकियां आती थीं. हालांकि, उसने फिर भी हलफनामा कोर्ट में दे दिया था. बाद में कोर्ट आकर बयान दिया है कि मैडम जो भी बोल रही हैं, वह मैंने अपनी आंखों से देखा है. पांच साल लगे उस हेयर ड्रेसर को मनाने में."

अभिनेत्री ने बताया कि उनकी हेयर ड्रेसर को कोर्ट में न पेश होने के लिए अलग-अलग जगह से धमकियां आती थीं. अभिनेत्री ने कहा, "उसको पीसीओ से धमकियां आती थी, लोग उसके घर पर जाते थे. फिर, हमें उसे आश्वासन देना पड़ा कि आपको कुछ नहीं होगा. हमने कई सोर्स लगाकर उसको कोर्ट ले गए थे, पांच साल बाद हमारी जीत होने वाली थी. उसी दिन कोर्ट ने केस बंद कर दिया."

अभिनेत्री ने आगे कहा, "यह तो सबको पता है कि जरूरी नहीं है कि जो जीता है, वह सही है और जो नहीं जीता वो गलत है. यहां किसी की जीत नहीं हुई है. बहुत ही चालाकी से हम दोनों का पक्ष रखकर केस को बस बंद कर दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि मैं गलत थी और वह सही थे. जब मुझे परेशानी हुई और मुझ पर जैसा दबाव डाला गया था, मेरे साथ क्या कुछ नहीं हुआ है."

अभिनेत्री का कहना है कि केस के दौरान वे डिप्रेशन से गुजर रही थीं. उन्होंने कहा, 'मैं ऐसी इंसान थी जो बिना डरे बिंदास घूमकर आती थी और मेरी हालत ऐसी हो गई थी कि बाहर जाने के लिए मुझे दस बार सोचना पड़ता था. अजीब चीजें हो रही हैं. हमारी बिल्डिंग के नीचे, मैं बता नहीं सकती कि मेरे साथ क्या हुआ था. नाना पाटेकर बहुत अहंकारी आदमी थे और ईश्वर ने ही उनके प्राण हर लिए हैं. आपको बता नहीं सकती हूं कि मैं किस तरह से परेशान रही थी, मैं डिप्रेशन में चली गई थी.'

(आईएएनएस इनपुट)
 

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About the Author

स्वाति सिंह एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें न्यूज़ मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह Zee News Hindi की डिजिटल टीम के एंटरटेनमेंट (मनोरंजन) सेक्शन में काम कर रही हैं. स्वाति की एक्सपर्टीज बॉलीवुड न्यूज़, सिनेमा, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के ट्रेंड्स और सेलेब्स की इन-डेप्थ रिपोर्टिंग में है.अपने करियर के दौरान स्वाति ने आयुष्मान खुराना, नीना गुप्ता, गजराज राव और ध्वनि भानुशाली जैसी कई जानी-मानी बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री की हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं. Zee News से पहले उन्होंने अमर उजाला, लाइव हिंदुस्तान और लोकमत जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं, जहां काम के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया है.माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से मास कम्युनिकेशन और सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की डिग्री हासिल करने वाली स्वाति, मनोरंजन जगत की खबरों को पाठकों तक रोचक और सटीक ढंग से पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.आप स्वाति सिंह से swati.kumari@india.com पर सीधे ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.
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