नंबर-1 फिल्मों का रिकॉर्ड, 8000 करोड़ का कलेक्शन; शाहरुख खान ने कैसे छोड़ा अपने दौर के सितारों को पीछे?
शाहरुख खान ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी बादशाहत से बॉलीवुड के तमाम सितारों को पीछे छोड़ दिया है. 8000 करोड़ रुपये की कमाई, 10 ब्लॉकबस्टर और सबसे ज्यादा नंबर-1 फिल्मों का रिकॉर्ड उनके स्टारडम की कहानी बयां करता है. आखिर कैसे बने शाहरुख बॉलीवुड के 'किंग'?
90 के दशक में जब यह सवाल उठा कि अमिताभ बच्चन के बाद बॉलीवुड के टॉप स्टार की कमान कौन संभालेगा? तो तीन खान सामने आए. कुछ ही महीनों के अंतराल पर जन्मे इन तीनों अभिनेताओं ने लगभग एक साथ अपने करियर की शुरुआत की और एक ही समय में लीड एक्टर के रूप में अपनी पहचान बनाई. अगले पांच सालों तक शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान के नाम लगभग हमेशा एक साथ लिए जाते थे. किसी भी उभरते हुए स्टार को 'चौथा खान' कहा जाने लगा. लेकिन फिर एक ऐसा समय आया जब शाहरुख सबसे अलग हो गए और उन्हें 'किंग खान' का खिताब मिला.
लगभग चार दशकों के अपने करियर में शाहरुख खान ने खुद को हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे सफल अभिनेताओं में से एक के रूप में स्थापित किया है. बॉक्स ऑफिस पर लगभग ₹8000 करोड़ की कमाई और विदेशों में शानदार रिकॉर्ड के साथ वे सच में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के नंबर वन स्टार रहे हैं. आइए एक नजर डालते हैं कि उनके इस शानदार करियर के आंकड़े क्या कहते हैं.
शाहरुख खान बाकी खानों से कैसे अलग?
शाहरुख ने 1992 में फिल्मों में कदम रखा, जो सलमान और आमिर के डेब्यू के चार साल बाद की बात है. तब तक बाकी दोनों अभिनेताओं के नाम पर सोलो हिट फिल्में दर्ज हो चुकी थीं. वहीं दूसरी ओर, शाहरुख ने दो-हीरो वाली फिल्मों (दीवाना, किंग अंकल) से शुरुआत की और यहां तक कि विलेन (डर, अंजाम) का किरदार भी निभाया. फिर भी उन्होंने इस फासले को खत्म कर दिया और जल्द ही आमिर और सलमान के बराबर आ गए. 90 के पूरे दशक में ये तीनों खान हिंदी फिल्मों के टॉप अभिनेता रहे, जिनमें शाहरुख और सलमान और आमिर से आगे थे.
सदी के साथ ही हालात भी बदल गए. 2000 से 2007 के बीच बॉक्स ऑफिस पर सलमान का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा. उनकी कई फिल्में फ्लॉप रहीं और उन्हें बस 'नो एंट्री' और 'पार्टनर' जैसी कुछ फिल्मों में ही सफलता मिली. आमिर ने फिल्मों का चयन में ज्यादा सावधानी बरती और एक ही फिल्म 'मंगल पांडे' को चार साल दिए, जो बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं कर पाई. दूसरी तरफ, शाहरुख खान का दौर बहुत शानदार रहा. उन्होंने लगातार 'मोहब्बतें', 'कभी खुशी कभी गम', 'देवदास', 'कल हो ना हो', 'वीर-ज़ारा' और 'ओम शांति ओम' जैसी यादगार और सुपरहिट फिल्में दीं. इस दौरान उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर कुल 1326 करोड़ रुपये की जबरदस्त कमाई की, जो आमिर और सलमान की कुल कमाई से भी कहीं ज्यादा थी.
एक बार फिर-सिर्फ तीनों खान
2008-09 में हालात फिर बदले. आमिर की 'गजनी' ने 100 करोड़ क्लब की शुरुआत की. जबकि सलमान ने 'वांटेड' और 'दबंग' के साथ अपने 'भाई' वाले दौर में कदम रखा. अगले छह सालों में ये दोनों एक्टर शाहरुख खान के बराबर आ गए. शाहरुख के पास 'चेन्नई एक्सप्रेस' और 'हैप्पी न्यू ईयर' जैसी बड़ी हिट फिल्में थीं, लेकिन सलमान और आमिर ने 'दबंग', 'एक था टाइगर', '3 इडियट्स' और 'पीके' जैसी अहम फिल्मों के जरिए लोगों पर कहीं ज्यादा गहरा असर डाला. बॉक्स ऑफिस की कमाई के मामले में तीनों अभिनेता लगभग एक जैसे लेवल पर थे.
और फिर शाहरुख के करियर का सबसे बुरा दौर आया. 2015 के बाद शाहरुख की कोई भी फिल्म पूरी तरह से हिट नहीं रही. 'दिलवाले' या 'रईस' जैसी फिल्मों में उन्हें कुछ हद तक सफलता जरूर मिली. लेकिन उनकी कमाई उस लेवल की नहीं रही जितनी उनके समकालीन कलाकारों की फिल्मों की थी. उसी दौरान आमिर खान 'दंगल' के साथ छाए हुए थे, जबकि सलमान खान ने भी 'सुल्तान' और 'बजरंगी भाईजान' के जरिए बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े. यहां तक कि अक्षय कुमार ने भी लगातार कई हिट फिल्में देकर इस दौरान बॉक्स ऑफिस पर शाहरुख से कहीं ज्यादा कमाई की.
कोविड महामारी के बाद की वापसी
कोविड महामारी ने भारतीय दर्शकों के सिनेमा देखने के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल दिया. OTT के आने से पहली बार सिनेमाघरों के सामने चुनौती खड़ी हो गई. सलमान और आमिर दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. दोनों की फिल्में, 'लाल सिंह चड्ढा' और 'राधे' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रहीं. अक्षय कुमार को भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उनकी कई फिल्में लगातार फ्लॉप रहीं. इसके बाद उन्होंने वापसी की. वहीं दूसरी ओर, शाहरुख खान ने महामारी के बाद के शुरुआती कुछ साल ब्रेक लेकर बिताए और फिर 2023 में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.
2020 के बाद से केवल तीन फिल्मों में काम करने के बावजूद वे इस दौरान सबसे ज्यादा कमाई करने वाले दूसरे भारतीय अभिनेता हैं. उनसे आगे केवल रणवीर सिंह हैं. इस समय में उनकी कुल कमाई ₹2671 करोड़ रही, जो सलमान (₹902 करोड़) और आमिर (₹359 करोड़) की कमाई से कहीं ज्यादा है. इसके साथ ही उनकी अब तक की कुल बॉक्स ऑफिस कमाई ₹8000 करोड़ तक पहुंच गई है, जो सलमान खान के बराबर है. आमिर की कुल कमाई अभी लगभग ₹6600 करोड़ है, लेकिन उन्होंने कम फिल्में की हैं.
सबसे सफल नंबर वन स्टार बने शाहरुख
लेकिन शाहरुख की सफलता को सिर्फ आंकड़ों के आधार पर आंकना और वह भी अलग-अलग दौर की महंगाई और टिकट की औसत कीमतों को नजरअंदाज करते हुए बेमानी है. उनके स्टारडम को मापने का एक बेहतर तरीका यह देखना है कि उन्होंने साल-दर-साल बॉक्स ऑफिस पर किस तरह अपना दबदबा बनाए रखा है. अपने करियर के दौरान शाहरुख ने 64 फिल्मों में लीड एक्टर का किरदार निभाया है. इनमें से 10 ब्लॉकबस्टर रही हैं, जबकि 30 अन्य फिल्में सुपरहिट या हिट रही हैं. सलमान खान ने लीड एक्टर के तौर पर 88 फिल्मों में काम किया है, जिनमें 15 ब्लॉकबस्टर और 22 अन्य सफल फिल्में शामिल हैं. इन तीनों में सबसे ज्यादा सोच-समझकर फिल्में चुनने वाले आमिर खान ने लीड एक्टर में केवल 43 फिल्में की हैं, जिनमें 7 ब्लॉकबस्टर और 14 अन्य सफल फिल्में हैं. दिलीप कुमार को छोड़कर शाहरुख का सक्सेस रेट सभी प्रमुख अभिनेताओं में सबसे बेहतर है. ये दोनों ही ऐसे बड़े स्टार हैं जिनका सफलता दर 50% से अधिक है.
इसमें सबसे खास बात यह है कि शाहरुख ने कितने सालों तक अपना दबदबा बनाए रखा है. 1992 में अपने डेब्यू के बाद से शाहरुख ने 10 बार साल की नंबर 1 फिल्म दी है. इस मामले में दिलीप कुमार आठ सालों के साथ दूसरे नंबर पर हैं. उनके बाद अमिताभ बच्चन और आमिर खान हैं, जिनकी सात-सात फिल्में नंबर 1 रहीं. फिर राज कपूर हैं, जिनकी छह फिल्में नंबर 1 रहीं. शाहरुख इकलौते ऐसे भारतीय एक्टर भी हैं, जिनकी चार अलग-अलग दशकों में नंबर 1 फिल्म रही है. 1990 के दशक में उनकी दो 2000 के दशक में छह और 2010 के दशक (माई नेम इज खान) और 2020 के दशक (जवान) में एक-एक फिल्म नंबर 1 रही.
2000 के दशक में शाहरुख के दबदबे की एक बड़ी वजह विदेशों में उनकी जबरदस्त पॉपुलैरिटी थी. चीन में आमिर की सफलता के बावजूद शाहरुख विदेशों में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले भारतीय स्टार बने हुए हैं. भारत के बाहर उनकी फिल्मों ने लगभग 400-500 मिलियन डॉलर की कमाई की है, जो अपने आप में एक और रिकॉर्ड है. 61 साल की उम्र में भी शाहरुख खान की रफ्तार कम होती नहीं दिख रही, रुकने की तो दूर की बात है. रजनीकांत और ममूटी ने दिखाया है कि कैसे कोई हीरो 70 की उम्र में भी अपना दबदबा बनाए रख सकता है. ऐसे में कोई वजह नहीं है कि शाहरुख खान भी उनके नक्शेकदम पर न चल सकें. अगर वह ऐसा करते हैं, तो कहना मुश्किल है कि वह अपना दबदबा और कितना आगे तक ले जाएंगे.