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'कोई पार्टी का डंडा दिखे तो भीगी बिल्ली बन जाते हैं...', मुश्ताक खान के जनाजे में नहीं पहुंचे स्टार्स तो भड़के रजा मुराद

हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार मुश्ताक खान ने मुंबई के नानवटी अस्पताल में अंतिम सांस ली. उनके निधन के बाद बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की कई हस्तियां उनके घर पहुंचीं, लेकिन कोई बड़ा स्टार नहीं आया. इससे एक्टर रजा मुराद को काफी दुख हुआ और उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की.

Written By Jyoti Rajput
Published: Sep 26, 2026, 02:05 PM IST | Updated: Sep 26, 2026, 02:24 PM IST
Image Credit: मुश्ताक खान के जनाजे में नहीं पहुंचे स्टार्स तो भड़के रजा मुराद
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बॉलीवुड के जाने-माने कलाकार मुश्ताक खान के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. 'वेलकम', 'आशिकी', 'मुझसे शादी करोगी' और 'हेरा फेरी' जैसी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मुश्ताक खान का 24 सितंबर 2026 को निधन हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो पिछले कुछ समय से लिवर कैंसर का इलाज करा रहे थे और मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती थे. उनके निधन के बाद कई कलाकारों ने उन्हें याद किया, लेकिन एक्टर रजा मुराद ने अंतिम विदाई के दौरान फिल्मी सितारों की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर अपना दर्द जाहिर किया है.

रजा मुराद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर कहा कि मुश्ताक खान ने अपनी पूरी जिंदगी फिल्म इंडस्ट्री को दी, लेकिन उनके अंतिम संस्कार में बड़े सितारे नजर नहीं आए. उन्होंने कहा, 'मुझे अफसोस इस बात का है कि ऐसे मौके पर कोई भी स्टार, जिन्हें हम हीरो कहते हैं, वो मुश्ताक खान को आखिरी सलाम तक देने नहीं आए, जबकि, बहुत से उनके साथी-कलाकार आए थे. अगर किसी बिजनेसमेन की शादी होती, तो ये स्टार न सिर्फ शिरकत करते बल्कि वेटर की तरह मेहमानों को खाना भी परोसते.'

'50 मिनट भी न दे पाए'

रजा मुराद ने आगे फिल्म इंडस्ट्री में शोहरत और रिश्तों को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा, 'जब कोई पॉलिटिकल पार्टी अपना डंडा दिखाती है तो ये वहां पर भीगी बिल्ली की तरह पहुंच जाते हैं, लेकिन उस शख्स के जनाजे पर वो शामिल नहीं हुए, जिसने अपने 50 साल इस इंडस्ट्री को दे दिए अपनी पूरी जिंदगी दे दी और इन बड़े स्टार्स ने उन्हें अपने 50 मिनट तक नहीं दिए.' रजा मुराद ने मुश्ताक खान के काम और उनकी पर्सनैलिटी की तारीफ करते हुए कहा, 'मुश्ताक खान अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री का बड़ा नाम बने. उन्होंने कभी किसी कि न दलाली की और न ही चम्चागिरी की. उन्हें न कभी इन स्टार्स की जरूरत पड़ी न जिंदगी के बाद पड़ेगी. '

'शोहरत हमेशा कायम नहीं रहती...'

इतना ही नहीं मुराद ने आगे कहा कि इंसान की शोहरत हमेशा कायम नहीं रहती और आखिर में उसका व्यवहार ही याद रहता है. रजा मुराद ने अपनी बात रखते हुए कहा, 'ये मत भूलिए कि आज जो आपका चेहरा है. कल ये मुरझा जाएगा अगर कोई चीज आपके काम आएगी, तो आपका अच्छा व्यवहार और कुछ नहीं काम आएगा'. उन्होंने मुश्ताक खान के साथ काम कर चुके कलाकारों के अंतिम विदाई में शामिल न होने को लेकर भी दुख जताया और कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस रहेगा कि इतने कलाकारों के साथ काम करने वाले कलाकार को आखिरी वक्त में उनके साथियों का साथ नहीं मिल सका.

गजेंद्र चौहान ने सुनाया आखिरी मुलाकात का किस्सा

एक्टर गजेंद्र चौहान ने भी मुश्ताक खान को याद करते हुए एक इमोशनल किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि करीब 6 महीने पहले एक अवॉर्ड फंक्शन में उनकी मुश्ताक से मुलाकात हुई थी. उस दौरान मुश्ताक ने उन्हें गले लगाया और कहा था, 'एक बार जोर से गले मिल, पता नहीं फिर कब मिलना हो.' उस समय गजेंद्र चौहान इस बात का मतलब नहीं समझ पाए थे, लेकिन मुश्ताक के निधन के बाद उन्हें उनकी कही बात याद आई. उन्होंने कहा कि अब उन्हें लगता है कि शायद मुश्ताक को अपनी बीमारी की गंभीरता का अंदाजा था.

इन फिल्मों में नजर आए मुश्ताक खान

मुश्ताक खान ने लंबे करियर में फिल्मों की एक बड़ी रेंज में काम किया. साल 1990 की 'आशिकी' में रफू मास्टर की भूमिका से उन्हें खास पहचान मिली. इसके बाद 'दिल है कि मानता नहीं', 'सड़क', 'धारावी', 'चमत्कार', 'अकेले हम अकेले तुम', 'इंग्लिश बाबू देसी मेम', 'गदर: एक प्रेम कथा', 'मुझसे शादी करोगी', 'वेलकम', 'रोडी राठौर', खिलाड़ी 786’, ‘वेलकम बैक’, ‘बाला’, ‘बधाई दो’, ‘स्त्री 2’ और ‘गदर 2’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए. उनके हालिया क्रेडिट्स में 'जाट', 'लव करु या शादी', 'उदयपुर फाइल्स' और अन्य प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं.

मुश्ताक खान की खासियत यही रही कि उन्होंने फिल्मों में बड़े या छोटे किरदार की परवाह किए बिना अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. पर्दे पर उनका अंदाज कई बार कुछ ही मिनटों में ऑडियंस का ध्यान खींच लेता था. उनके निधन के बाद रजा मुराद और गजेंद्र चौहान की बातें एक बार फिर इस ओर ध्यान दिलाती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में किसी कलाकार की पहचान सिर्फ उसकी फिल्मों से नहीं, बल्कि उसके रिश्तों और व्यवहार से भी बनती है.

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About the Author

ज्योति सिंह राजपूत जी न्यूज में सब एडिटर हैं और पिछले 1 साल से ज्यादा से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं. दैनिक जागरण प्रिंट और सहारा न्यूज नेटवर्क में ट्रेनिंग लेने के बाद अब Zee News में काम कर रही हैं. कुछ समय तक लाइफस्टाइल की खबरों में काम करने के बाद अब एंटरटेनमेंट में काम कर रही हैं. वहीं हॉलीवुड की खबरों और फिल्मों पर पैनी नजर रखती हैं. उन्होंने पंडित माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी (MCU) से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री हासिल की है. आप Jyoti.Rajput@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं.
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