)
बॉक्स ऑफिस क्लैश आज कोई नई बात नहीं है, ये सालों से चली आ रही है और अक्सर सिनेमाघरों में देखने को मिलती है. कभी एक साथ दो फिल्में रिलीज होती हैं तो कभी चार. ऐसा ही कुछ इस साल दिवाली के खास मौके पर भी देखने को मिलेगा. जी हां, एक तरफ होगी रणबीर कपूर की मेगा बजट और मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ और दूसरी तरफ अक्षय कुमार की 32 साल पुरानी सुपरहिट फिल्म ‘मोहरा’, जिसे नए 4K वर्जन में दोबारा बड़े पर्दे पर री-रिलीज किया जा रहा है.
जहां ‘रामायण’ 5 नवंबर को रिलीज होगी, तो वहीं ‘मोहरा’ अगले दिन 6 नवंबर को. दिवाली वीक में होने वाली ये टक्कर सिर्फ कमाई की नहीं, बल्कि दो अलग-अलग दौर के सिनेमा के बीच मुकाबले की कहानी भी है. एक तरफ नई जनरेशन के लिए बड़े विजुअल स्पेक्टेकल है, वहीं दूसरी तरफ 90 के दौर की यादों से जुड़ी ऐसी फिल्म, जिसके गाने और डायलॉग आज भी खूब फेमस हैं. यही वजह है कि ट्रेड सर्किट और सिनेमा प्रेमियों के बीच इस मुकाबले को लेकर एक्साइटमेंट बनी हुई है.

‘दंगल’ जैसी शानदार फिल्म का डायरेक्शन करने वाले नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी ‘रामायण: पार्ट 1’ को लेकर पिछले काफी समय से जबरदस्त बज बना हुआ है. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में, साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी माता सीता के किरदार में और कन्नड़ सुपरस्टार यश लंकापति रावण के किरदार में नजर आने वाले हैं. इसके साथ टीवी स्टार रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में, जबकि सनी देओल पवनपुत्र हनुमान के किरदार में बड़े पर्दे पर तहका मचाने वाले हैं.
इस महाकाव्य की सबसे बड़ी ताकत इसका बेमिसाल विजुअल ट्रीटमेंट और मॉर्डन टेक्निक का कमाल मानी जा रही है. फिल्ममेकर्स ने इसे सिर्फ भारत से जुड़ी एक ट्रेडिशनल फिल्म की तरह नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल सिनेमैटिक एक्सपीरियंस की तरह डिजाइन किया है. ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस फिल्म के बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स और प्रीमियम IMAX फॉर्मेट के प्रेजेंटेशन इस प्रोजेक्ट को बाकी फिल्मों की लीग से हटकर और काफी अलग बनाती है.
देखा जाए तो हमारे देश में दिवाली का त्योहार बड़ी फिल्मों के लिए हमेशा से मोटी कमाई का जरिया रहा है. ‘रामायण’ की सबसे खास बात ये है कि ये फैमिली ऑडियंस के साथ-साथ आज की यंग जनरेशन को भी सिनेमाघरों तक खींचने का मादा रखती है. इसमें भगवान राम की आस्था से जुड़ा वर्ग तो आएगा ही, साथ ही बड़े पर्दे पर जबरदस्त विजुअल्स देखने के शौकीन यंग जनरेशन भी खिंची चली आएगी. इसी वजह से ये उम्मीद की जा रही है कि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच सकती है.
साल 1994 में रिलीज हुई राजीव राय की एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘मोहरा’ हिंदी सिनेमा के इतिहास की उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल है, जिनका असर पीढ़ियों के पार तक फैला हुआ है. अक्षय कुमार का एक्शन अवतार, सुनील शेट्टी का संजीदा अभिनय, नसीरुद्दीन शाह की मिस्टीरियस मौजूदगी और रवीना टंडन का ग्लैमरस अंदाज आज भी लोगों के जेहन में ताजा है. फिल्म के सुपरहिट म्यूजिक ने उस दौर में जो तहलका मचाया था, उसकी गूंज आज भी रील्स और सोशल मीडिया पर सुनाई देती है.
रिलीज के पूरे 32 साल बाद इस फिल्म को दोबारा सिनेमाघरों में लाना महज एक सिंपल सी री-रिलीज नहीं, बल्कि उस सुनहरे दौर के जादू को बड़े पर्दे पर फिर से जीने का एक बहाना है. मेकर्स ने फिल्म के ओरिजिनल प्रिंट को 4K रेजोल्यूशन और मॉडर्न साउंड डिजाइन के साथ रीमास्टर किया है. इस तकनीकी बदलाव का मकसद ये है कि आज के दौर में पली-बढ़ी नई जनरेशन भी उस दौर के एक्शन और ड्रामे को उसी रफ्तार को थिएटर्स में महसूस कर सके और देखे 90s का दौर कैसा होता था.
हालांकि, ‘मोहरा’ को दोबारा मैदान में उतारने की स्ट्रेटेजी किसी बड़े क्लैश की मंशा से पूरी तरह अलग दिखाई देती है. मेकर्स ने इसे पूरे देश में लिमिटेड स्क्रीन्स पर ही रिलीज करने का सोचा है, जहां इनका मैन फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों पर टिका हुआ है. इस फिल्म का मकसद किसी बड़ी रिलीज को चैलेंज करना नहीं, बल्कि अपनी पुरानी वफादार ऑडियंस को थिएटर की सीट तक दोबारा खींचकर लाना है. खास बात ये है कि लोग इसको लेकर भी एक्साइटेड हैं.

कागजों पर देखें तो दोनों फिल्मों के आने में सिर्फ 24 घंटे का फर्क है, इसलिए लोग इसे आमने-सामने की टक्कर मान रहे हैं, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है. ‘रामायण’ को देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बड़े थिएटर्स, मल्टीप्लेक्स और प्रीमियम स्क्रीन्स पर बहुत बड़े लेवल पर रिलीज किया जाएगा. वहीं दूसरी तरफ, ‘मोहरा’ को काफी सोच-समझकर बेहद लिमिटेड और गिनी-चुनी स्क्रीन्स पर ही रिलीज किया जाएगा. इसलिए बाहर से ये क्लैश भले बड़ा लगे, पर दोनों का दायरा एकदम जुदा है.
‘मोहरा’ फिल्म के डायरेक्टर राजीव राय ने अपने हालिया इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि उनकी फिल्म की री-रिलीज का ‘रामायण’ जैसी बड़ी फिल्म से कोई मुकाबला नहीं है. हाल ही में एक मीडिया हाउस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वो किसी रेस में शामिल नहीं हैं. उनका असली मकसद छोटे शहरों के सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों तक पहुंचना है. वो उन लोगों के लिए फिल्म ला रहे हैं, जो 90s का जादू फिर से बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं. दोनों फिल्मों की दुनिया और देखने वाले बिल्कुल अलग हैं.
फिल्म क्रिटिक्स की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या ‘मोहरा’ को लेकर लोगों की पुरानी यादें मल्टीप्लेक्स से बाहर भी भीड़ जुटा पाएंगी. खासकर उन लोगों के लिए जो 90 के दौर में तालियां और सीटियां बजाकर फिल्में देखा करते थे, उनके लिए इसे दोबारा बड़े पर्दे पर देखना एक अलग ही अहसास है. अक्सर देखा गया है कि पुरानी सुपरहिट फिल्में भले ही कोई बहुत बड़ा रिकॉर्ड न तोड़ें, पर वे बिना किसी शोर-शराबे के टिकट खिड़की पर अपनी उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़िया कमाई कर जाती हैं.
अगर देखा जाए तो ‘रामायण’ और ‘मोहरा’ का कम्पेरिजन करना बिल्कुल मीनिंगलेस है, क्योंकि दोनों का जॉनर और ऑडियंस एक-दूसरे से एकदम अलग है. एक तरफ हमारी संस्कृति से जुड़ी पावन धार्मिक कथा है, जिसे आज के दौर में कमाल के विजुअल इफेक्ट्स के साथ पर्दे पर उतारा जाएगा. वहीं, दूसरी तरफ 90 के दौर की जबरदस्त एक्शन, क्राइम और थ्रिलर से भरी मसाला फिल्म है, जिसने अपने समय में सिनेमाघरों में खूब धूम मचाई थी. इसलिए इन दोनों का आपस में कोई मुकाबला ही नहीं बनता.
आज की यंग जनरेशन और टीनएजर्स को ‘रामायण’ खूब पसंद आएगी, क्योंकि इसमें आज के बड़े स्टार्स, जबरदस्त वीएफएक्स और कमाल की टेक्निक देखने को मिलेगी. वहीं, दूसरी तरफ 35 से 50 साल की उम्र वालों के लिए ‘मोहरा’ सिर्फ कोई पिक्चर नहीं, बल्कि उनकी जवानी के सुनहरे दिनों की खूबसूरत याद है. इसीलिए ये फिल्म उन लोगों को भी थियेटर तक खींच लाने का पूरा दम रखती है, जो पिछले काफी वक्त से सिनेमाहॉल में पैर रखने से कतरा रहे हैं या लोगों इन दोनों फिल्मों को एंजॉय कर सकते हैं.
दिवाली की लंबी छुट्टियों में लोग अक्सर एक ही हफ्ते में दो-दो फिल्में देखना पसंद करते हैं. ऐसे में दोनों ही फिल्मों के पास अपनी-अपनी ऑडियंस जुटाने का पूरा मौका रहेगा. कोई फिल्म किसी दूसरी की कमाई नहीं छीनेगी, बल्कि दोनों आराम से ऑडियंस को थिएटर तक खींच लाएंगी. इसलिए इसे दो फिल्मों की आपस की टक्कर या हार-जीत की तरह देखने के बजाय भारतीय सिनेमा के दो शानदार दौर का एक साथ मिलने वाला जश्न समझना चाहिए. इससे टिकट काउंटर और ऑडियंस दोनों को ही खूब फायदा मिलेगा.

अगर देखा जाए तो, त्योहारों से भरा 5 और 6 नवंबर 2026 का ये पूरा हफ्ता घरेलू बॉक्स ऑफिस के इतिहास में एक बेहद दिलचस्प और यादगार अध्याय लिखने जा रहा है. 4000 करोड़ के बजट में बनकर तैयार हुई नमित मल्होत्रा की ‘रामायण’ का पहला पार्ट जहां भारतीय सिनेमा के इतिहास में कमाई के नए रिकॉर्ड तोड़ने और बनाने के इरादे से मैदान में उतरेगी.
वहीं, ‘मोहरा’ अपने सुनहरे दौर की यादों, दमदार डायलॉग्स और चार्टबस्टर गानों के दम पर पुराने कद्रदानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने की कोशिश करेगी. असल में ये मुकाबला सिर्फ दो फिल्मों का नहीं है, बल्कि आज के नए जमाने की मॉर्डन टेक्निक और बीते दौर के इमोशन का खूबसूरत संगम है, जहां असली जीत हर हाल में सिनेमा देखने वाली ऑडियंस की होगी.