'मंगल रंग' में रणबीर कपूर को हल्दी लगी या हुई चुमावन की रस्म? ‘रामायण’ के सीन को देख कंफ्यूज हुए लोग
बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर और यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'रामायण' का हर किसी को बेसब्री से इंतजार है. फिल्म का पहला गाना 'मंगल रंग' रिलीज हो चुका है, लेकिन इसके रिलीज के साथ ही एक सीन को देखने के बाद दर्शक काफी कन्फ्यूज हो गए. आइए नजर डालते हैं-
नितेश तिवारी की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'रामायण' के ऐलान के बाद से ही फैंस दिल थामकर इंतजार कर रहे हैं. फिल्म किसी न किसी वजह से लगातार चर्चा में बनी ही रहती है. हाल ही में फिल्म का पहला गाना 'मंगल रंग' रिलीज हुआ, जिसे कॉपी बताया गया. अब इसी गाने के एक सीन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है और लोग सवाल उठा रहे हैं.
फिल्म के पहले गाने 'मंगल रंग' में भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर और माता सीता के किरदार में साई पल्लवी नजर आ रही हैं. दोनों गाने में शादी के जश्न और वनवास पर जाने से पहले उनके जीवन के कुछ खास पलों की झलक दिखा रहे हैं. इस खूबसूरत सीन और पारंपरिक माहौल ने दर्शकों का ध्यान खींच लिया है, लेकिन इसी बीच एक खास सीन ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है.
'मंगल रंग' गाने के एक सीन को देख कन्फ्यूज हुए लोग?
दरअसल, इस गाने के एक सीन में भगवान राम के शरीर पर पीले रंग का लेप लगाया जा रहा है और उनके आसपास परिवार की महिलाएं नजर आती हैं. अब इस सीन को देखने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या यह हल्दी की रस्म है या फिर मिथिला की किसी पारंपरिक धार्मिक परंपरा को दिखाया गया है.
हल्दी या चुमावन, आखिर कौन-सी रस्म?
इस सीन को लेकर लोगों के बीच काफी कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह माता सीता की वहां मौजूदगी है. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि अगर यह शादी से पहले होने वाली हल्दी की पारंपरिक रस्म है, तो इस दौरान सीता का राम के साथ नजर आना थोड़ा अलग लगता है. इसी वजह से लोग इस सीन को देखने के बाद दूसरी पारंपरिक रस्मों के बारे में भी चर्चा कर रहे हैं.
अगर आप इस सीन को देखेंगे, तो इसमें भगवान राम को एक भव्य पारिवारिक समारोह के बीच बैठे दिखाया गया है. इस दौरान परिवार की महिलाएं उनके शरीर पर पीले रंग का लेप लगाती नजर आ रही हैं और माहौल में उत्सव की खुशी नजर आ रही है. पहली नजर में कई दर्शकों ने इसे शादी से पहले होने वाली हल्दी की रस्म समझ लिया है. हिंदू विवाह में इस रस्म का बेहद खास महत्व होता है, जिसमें दूल्हा-दुल्हन को शुभकामनाएं देने के लिए हल्दी लगाई जाती है. कुछ यूजर्स का मानना है कि फिल्म के मेकर्स ने इसमें मिथिला की पारंपरिक रस्म 'चुमावन' को शामिल किया है. इसे 'चुमन' भी कहा जाता है.
क्या होती है मिथिला की पारंपरिक रस्म?
वहीं, अगर मिथिला की रस्म चुमावन की बात करें, तो यह मिथिला की पारंपरिक रस्मों में से एक है. शादी के अलावा भी यह रस्म कई जगहों पर की जाती है. इस रस्म में घर के बड़े-बुजुर्ग दूल्हा, दुल्हन या नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देते हैं. यह रस्म उनके खुशहाल शादीशुदा जीवन, लंबी उम्र और अच्छी किस्मत की कामना के लिए की जाती है. इसके साथ ही, बुरी नजर से बचाने के लिए भी यह रस्म निभाई जाती है.