6 से 7 किलो वजन के गहने: जानिए किन मुश्किलों को पार करके यश के लिए बनाए गए थे ये भारी-भरकम ऑर्नामेंट्स
रामायण में यश के रावण लुक के पीछे अमरापाली के तरंग अरोड़ा का बड़ा हाथ रहा है. जानिए कैसे त्रिशूल, सांप और भारी-भरकम गोल्ड-प्लेटेड गहनों से तैयार हुआ यह खतरनाक अवतार.
सिनेमा के गलियारों में इन दिनों नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' की गूंज चारों तरफ सुनाई दे रही है. इस भव्य फिल्म में सिर्फ वीएफएक्स और एक्टिंग ने ही नहीं, बल्कि किरदारों के गेटअप और ज्वेलरी ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया है. साउथ सुपरस्टार यश द्वारा निभाए गए रावण के किरदार का खूंखार और शानदार लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में 'हाउस ऑफ आम्रपाली' के क्रिएटिव हेड तरंग अरोड़ा ने एनडीटीवी को दिए एक खास इंटरव्यू में इस बात से पर्दा उठाया है कि आखिर कैसे त्रिशूल, सांपों के मोटिफ्स और भारी-भरकम चेस्ट प्लेट्स के जरिए इस आइकॉनिक लुक को तैयार किया गया था.
ज्वैलरी की प्लानिंग कैसे की गई?
फिल्म के रिलीज होने के बाद से ही हर तरफ रावण के रूप में यश के अभिनय और उनके खूंखार अंदाज की तारीफ हो रही है. 'हाउस ऑफ आम्रपाली' के ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, इस महाकाव्य के लिए ब्रांड ने 18 महीनों में 4,500 से ज्यादा ज्वेलरी पीस तैयार किए थे. एनडीटीवी से बातचीत करते हुए तरंग अरोड़ा ने बताया कि अयोध्या और लंका के बीच एक साफ अंतर दिखाना बहुत जरूरी था क्योंकि लंका सोने की नगरी मानी जाती थी. राम, सीता और लक्ष्मण वनवास में थे, इसलिए उनके वस्त्र और गहने बेहद साधारण रखे गए थे, लेकिन रावण के किरदार को पूरी तरह से ओवर-द-टॉप और भारी-भरकम दिखाना था ताकि उसकी ताकत का अहसास हो सके.
क्या है 6 से 7 किलो वजन के गहने और चेस्ट प्लेट की कहानी?
रावण के लुक को सबसे खतरनाक और भारी दिखाने के लिए डिजाइनर्स ने उसकी छाती पर पहने जाने वाले बड़े-बड़े चेस्ट प्लेट्स तैयार किए थे. तरंग अरोड़ा ने बताया कि जब रावण क्लिफ से अपने लोगों को संबोधित करता है, तो इस भारी-भरकम चेस्ट प्लेट की झलक साफ दिखाई देती है. इन पीसेज को बनाने वाले कारीगरों ने इस बात का खास ख्याल रखा कि भले ही गहने भारी और भव्य दिखें, लेकिन अभिनेता को इन्हें 6 घंटे तक पहनने में कोई तकलीफ न हो. इसके लिए मेटल के नीचे सॉफ्ट लाइनिंग जोड़ी गईं ताकि यश को किसी भी तरह की असहजता का सामना न करना पड़े.
रावण के लिए कुल 13 अलग-अलग लुक्स
चूंकि रावण भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था, इसलिए उसके गहनों में शिव से जुड़ी चीजों को बहुत ही बारीकी से उकेरा गया था. डिजाइनर्स ने उसकी ज्वेलरी में सांपों के मोटिफ्स, त्रिशूल और शेरों की नक्काशी का इस्तेमाल किया. इसके अलावा, उसके कुछ हैंडकफ्स और चेस्ट प्लेट पर असुरों के चेहरे भी बने हुए थे. रावण के लिए इस्तेमाल किए गए ब्रास और गोल्ड-प्लेटेड गहनों के रंग जानबूझकर थोड़े डार्क रखे गए थे, जिसमें नीला, काला और हरा रंग शामिल था. 'ट्राइब आम्रपाली' ने रावण के लिए कुल 13 अलग-अलग लुक्स तैयार किए थे, जिसमें हर लुक में 8 से 10 पीस शामिल थे और हर एक सेट का कुल वजन लगभग 6 से 7 किलो के आसपास था.
डिजाइनिंग के दौरान आने वाली चुनौतियां
तरंग अरोड़ा ने यह भी खुलासा किया कि रावण के लिए ये सारे पीस डिजाइन करना उनकी टीम के लिए सबसे बड़ा टास्क था. इसे तैयार करने में बहुत ज्यादा वक्त, मेहनत और बार-बार डिजाइन बदलने का प्रोसेस शामिल रहा. कारीगर खुद इन गहनों को पहनकर टेस्ट करते थे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अभिनेता आसानी से चल-फिर सके और धातु चुभे नहीं. एक तरफ उसे एक खतरनाक असुरराज दिखाना था और दूसरी तरफ भगवान शिव के परम भक्त व योद्धा का रूप भी देना था, जिसे इन बेहतरीन कारीगरों ने बखूबी पर्दे पर उतार कर इतिहास रच दिया है.