Patni Patni Aur Panga 2: आग हादसे के बाद मेकर्स पर गिरी गाज, मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप; CM से की जांच की मांग
Pati Patni Aur Panga 2 Fire: सोमवार शाम मुंबई फिल्म सीटी में आग गाने से अफरा-तफरी मच गई. ये हादसा उस समय हुआ, जब वहां कई शोज की शूटिंग चल रही थी, जिसमें से एक 'पति पत्नी और पंगा 2' भी था. इस घटना के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर लिखकर जांच की मांग की है.
सोमवार के दिन मुंबई फिल्म सिटी में एक ऐसा खौफनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया. टीवी के पॉपुलर शो 'पति पत्नी और पंगा 2' के शूटिंग के दौरान सेट पर अचानक भीषण आग लग गई. जिस समय ये भयानक हादसा हुआ, उस समय सोनाली बेंद्रे और मुनव्वर फारूकी शो को होस्ट कर रहे थे. इस आग की लपटें इतनी तेजी से पूरे सेट पर फैली कि उन्होंने पास ही मौजूद एमटीवी के शो 'हसल' के सेट को भी अपना निशाना बना लिया. लेकिन राहत की बात ये है कि इस भयानक हादसे में किसी के जख्मी होने की खबर नहीं है, मगर इस हादसे ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सेफ्टी की पोल खोलकर रख दी है.
इस हादसे के तुरंत बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) एक्टिव हो गया और उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर भेजकर मामले की पूरी जांच कराने की अपील की. वहीं इस यूनियन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री के सामने तीन जरूरी मांगें रखी हैं.
पत्र लिखकर सीएम से की जांच की मांग
'पति पत्नी और पंगा 2' के सेट पर आग कैसे लगी और वहां आग से बचाव के कोई इंतजाम क्यों नहीं थे, इसकी पूरी जांच की जाए. साथ ही चैनल, निर्माता और प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया जाए. फिल्म सिटी के प्रबंध निदेशक, जो इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं, वो इस्तीफा दें.'सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने शूटिंग लोकेशन पर सेफ्टी प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाए जाने पर गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ये कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है, बल्कि घोर लापरवाही का नतीजा है.
AICWA ने कानूनी एक्शन और सख्त जांच की मांग की
'ये स्टूडियो फिल्म सिटी के अंदर बना है और मैनेजमेंट को अच्छी तरह पता था कि सेट पर जरूरी फायर सेफ्टी का वायलेशन हो रहा है. इस सेट पर फायर सेफ्टी का एक भी उपाय मौजूद नहीं था. ये कोई दुर्घटना नहीं है, बल्कि ये एक बड़ी लापरवाही है. हर दिन हजारों मजदूर और कलाकार इन सेटों पर अपनी जान जोखिम में डालते हैं. जब आग लगती है, तो सबसे ज्यादा नुकसान बेचारे मजदूरों का होता है, न कि मुनाफा कमाने वाले चैनलों और निर्माताओं का. ये ऐसे ही नहीं चल सकता. बड़े लेवल पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को कानून का सामना करना चाहिए.'
'लालच और लापरवाही का नतीजा'
इस घटना के बाद AICWA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जलते हुए सेट का वीडियो शेयर करते हुए सिस्टम की नाकामी को दिखाया और कैप्शन में लिखा, 'लापरवाही अब एक आदत का रूप ले चुकी है, जिसका खामियाजा रोज कमाने वाले मजदूरों को भुगतना पड़ता है.' उन्होंने आगे लिखा, 'मुंबई की फिल्म सिटी फिर जल उठी, और कोई भी जवाबदेह नहीं ठहराया गया. मुंबई की फिल्म सिटी फिर से जल रही है और हमेशा की तरह, कोई भी जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा है'.
इस पोस्ट में आगे लिखा गया कि 'हर साल, हजारों कामगारों और कलाकारों को उन चैनलों, निर्माताओं और प्रोडक्शन हाउसों द्वारा खतरे में धकेल दिया जाता है, जो कुछ रुपये बचाने के लिए बुनियादी फायर सेफ्टी पर खर्च करने से इनकार करते हैं. सेट आग की लपटों में घिर जाते हैं, बेचारे कामगारों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है, और मुनाफा कमाने वाले बिना किसी परिणाम के बच निकलते हैं. फिल्म सिटी में आग लगना कोई दुर्घटना नहीं है.'
सख्त नियमों और फायर सेफ्टी का ऑडिट जरूरी
सोमवार शाम करीब 4 बजे भड़की इस आग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद पैसे बचाने के लिए सिक्योरिटी लेवल को ताक पर रख दिया जाता है. इस स्थिति में सुधार के लिए मजदूर संगठन ने सरकार से मांग की है कि हर शूटिंग लोकेशन का नियमित और जरूरी फायर ऑडिट किया जाए. साथ ही, शूटिंग के दौरान दमकल विभाग और चीजों की तैनाती का रूल बनाएं, ताकि जो भी प्रोडक्शन हाउस या स्टूडियो इन नियमों को तोड़ते हुए पाया जाए, उसका लाइसेंस तुरंत कैंसल कर दिया जाए.