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रणबीर कपूर की नई फिल्म ‘रामायण’ सिनेमाघरों में आते ही छा गई. लोग स्टार कास्ट के काम के साथ-साथ फिल्म के बैकग्राउंड और शानदार सीन्स की जमकर तारीफ कर रहे हैं. थिएटर्स से लेकर सोशल मीडिया पर हर कोई इसके सेट्स देखकर हैरान है. अब फिल्म के आर्ट डायरेक्टर रमेश ने बताया है कि फिल्म के सेट को तैयार करने में पूरी टीम ने जी-जान लगा दी थी. अपने हालिया इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि इस बड़े बजट की फिल्म के लिए 150 से भी ज्यादा असली सेट्स बनाए गए थे. टीम की इसी कड़ी मेहनत का नतीजा है कि स्क्रीन पर हर एक नजारा इतना असली और शानदार नजर आ रहा है.
फिल्म के सेट्स को तैयार करने का काम अप्रैल 2024 में मुंबई की फिल्म सिटी में मौजूद प्राइम फोकस स्टूडियो में शुरू हुआ था. डायरेक्टर नितेश तिवारी और उनकी पूरी टीम चाहती थी कि ऑडियंस स्क्रीन पर जो भी देखें, वो बिल्कुल असली लगे. इसलिए उन्होंने सिर्फ कंप्यूटर ग्राफिक्स यानी ग्रीन स्क्रीन के भरोसे बैठने के बजाय फिजिकल सेट्स खड़े करने का फैसला किया. टीम ने फर्श के टेक्सचर से लेकर दीवारों की नक्काशी और सुनहरी सजावट तक, हर छोटी से छोटी चीज पर बहुत ही बारीकी से काम किया. किसी भी डिजाइन को फाइनल करने से पहले उसमें कम से कम 10 से 15 बार बदलाव किए गए.
फिल्म के सेट पर जिस चीज की सबसे ज्यादा हो रही है, वो है रावण का शाही सिंहासन. ये पूरी फिल्म के सेट की सबसे महंगी चीजों में से एक माना जा रहा है. आर्ट डायरेक्टर रमेश की मानें तो कारीगरों ने दिन-रात मेहनत करके इसे तैयार किया और इसे पूरा बनने में लगभग 4 महीने का लंबा वक्त लग गया. इसे बनाने का कुल खर्च करीब 1 करोड़ रुपये के आसपास बताया जा रहा है. टीम ने पहले क्ले के बेस पर फाइबर का इस्तेमाल करके इसका पूरा ढांचा तैयार किया था. फिर इसे असली राजा-महाराजाओं वाला शाही लुक देने के लिए इस पर 24 कैरेट शुद्ध सोने की परत चढ़ाई गई, तब ये बनकर तैयार हुआ.
इसका भारी-भरकम और चमचमाता लुक देखकर हर कोई हैरान रह गया था, लेकिन रावण के सिंहासन से भी ज्यादा महंगा मेकर्स को उसकी बहन शूर्पणखा का भरी-भरकम रथ पड़ा. इस शानदार और यूनिक रथ को तैयार करने में लगभग 3 महीने का वक्त लगा और इस पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत आई. मेकर्स ने बड़े प्रॉप्स इसलिए भी तैयार कराए ताकि एक्टर्स को सीन के दौरान एक्टिंग करने में कोई दिक्कत न आए. इसी सोच के साथ जटायु का 24 फुट ऊंचा कंकाल मॉडल भी खड़ा किया गया था, जिससे शूट के समय एक्टर्स अपनी नजर की दिशा और डायलॉग डिलीवरी सही तरीके से कर सकें.
ऑडियंस का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली चीज 50 फीट के घेरे में बना ‘पुष्पक विमान’ रहा, जिसे पर्दे पर लाने का आइडिया डायरेक्टर नितेश तिवारी के मन में पिछले 6 साल से चल रहा था. इसका साइज इतना बड़ा था कि इसे स्टूडियो की चारदीवारी में एक साथ रेडी करना नामुमकिन था. इसी वजह से कारीगरों ने इसे चार अलग-अलग हिस्सों में बांटकर तैयार किया. इसे रूप देने में पूरी टीम को 40 से 50 दिन का लंबा समय लगा. बाद में इन सभी हिस्सों को एक साथ मिलाकर पूरा विमान तैयार किया गया. विमान की बनावट और पंखों का बारीक काम देखकर कोई भी कह सकता है कि इसे बनाने में कितनी मेहनत लगी है.
इतने शानदार सेट्स को तैयार करना कोई आसान काम नहीं था, इसके लिए एक बहुत भारी टीम दिन रात मेहनत कर रही थी. अकेले ‘लंका’ का सेट बनाने में ही करीब 500 से 600 कामगारों और कारीगरों ने लगातार काम किया. वहीं, कुछ खास और अहम सीन्स को शूट करने के लिए लगभग 1,000 डांसर्स और साथी कलाकारों को एक साथ कैमरे के सामने उतारा गया. डायरेक्टर नितेश तिवारी अपने काम को लेकर काफी सतर्क रहते थे. वे हर दिन शूटिंग शुरू होने से पहले खुद जाकर पूरे सेट की एक एक चीज बारीकी से देखते थे. इतना ही नहीं, शूट से 4 दिन पहले ही वे पूरे आर्ट डिजाइन को अच्छे से देख लेते थे, फिर शूटिंग करते थे.