नाना पाटेकर ने हार्ट अटैक के डर से स्टेज पर 'नटसम्राट' करने से किया था इनकार, कहा-25 शो के बाद...'
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने 'नटसम्राट' नाटक से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया था. उन्होंने बताया था कि लगातार मंच पर इस किरदार को निभाने के बाद उन्हें हार्ट अटैक का डर सताने लगा था. इसी वजह से उन्होंने 25 शो के बाद इसे आगे करने से इनकार कर दिया था.
नाना पाटेकर के निधन के बाद अनुभवी अभिनेता की 'नटसम्राट' के बारे में एक पुराना बयान एक फिर से चर्चा में आ गया है. नाना ने 2016 की मराठी फिल्म में गणपतराव रामचंद्र बेलवलकर के तौर पर अपनी सबसे यादगार भूमिकाओं में से एक निभाई थी. उन्होंने एक बार बताया था कि उन्होंने ओरिजिनल स्टेज प्रोडक्शन में वही भूमिका निभाने के बजाय बड़े पर्दे पर यह किरदार क्यों चुना?
नागपुर के रेशिमबाग में आयोजित 'जल क्रांति परिषद' में बोलते हुए नाना ने कहा था कि उन्हें डर था कि मंच पर बार-बार इतने जबरदस्त किरदार को निभाने से उनकी सेहत पर असर पड़ सकता है. उन्होंने उन अभिनेताओं को भी याद किया जिन्होंने पहले इस मशहूर मराठी नाटक में मुख्य भूमिका निभाई थी.
मैं भी हार्ट अटैक से मर जाता: नाना पाटेकर
नाना ने 'नटसम्राट' के स्टेज वर्शन से दूर रहने के अपने फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि एक एक्टर किसी रोल में कितनी ज्यादा इमोशनल एनर्जी लगाता है. उन्होंने कहा था, 'अगर आपको कोई रोल निभाना है, तो अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए आपको उसमें अपनी पूरी जिंदगी लगा देनी पड़ती है.'
इसके बाद एक्टर ने उन लोगों का जिक्र किया जिन्होंने उनसे पहले स्टेज प्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाई थी. नाना ने कहा था, 'अब तक 'नटसम्राट' नाटक में लीड किरदार निभाने वाले सभी एक्टर्स की मौत हार्ट अटैक से हुई है. अगर मैं यह नाटक करता और उस किरदार में पूरी तरह डूब जाता, तो 25 शो के बाद मेरी भी मौत हार्ट अटैक से हो जाती. इसीलिए, नाटक करने के बजाय मैंने 'नटसम्राट' फिल्म में वह किरदार निभाया.'
आखिरकार, उन्होंने नाटक में वह किरदार निभाने के बजाय 2016 में बनी फिल्म में गणपतराव का रोल किया. नाना पाटेकर ने विक्रम गोखले और श्रीराम लागू और अन्य लोगों की तारीफ की. दरअसल, नाना ने उन अभिनेताओं के बारे में भी बात की जिन्होंने सालों से मंच पर 'नटसम्राट' की भूमिका निभाई थी. उन्होंने जिन नामों का जिक्र किया था, उनमें विक्रम गोखले, डॉ. श्रीराम लागू, दत्ता भट्ट और चंद्रकांत गोखले शामिल थे.
नाना ने कहा, 'विक्रम गोखले एक बेहतरीन एक्टर थे और उनके लेवल तक पहुंचना मेरे लिए मुमकिन नहीं है.' उन्होंने इस रोल से जुड़े दूसरे कलाकारों की भी तारीफ की. उन्होंने कहा था, 'नाटक 'नटसम्राट' में डॉ. श्रीराम लागू, दत्ता भट्ट और चंद्रकांत गोखले, सभी ने शानदार एक्टिंग की. इन नाटकों के कई शो हुए. हर परफॉर्मेंस में उन्होंने इस रोल में अपनी पूरी जान लगा दी.'
नाना पाटेकर ने 2016 निभाया गणपतराव बेलवलकर का किरदार
बता दें कि साल 2026 में 'नटसम्राट' रिलीज हुई थी और यह इसी नाम के मशहूर मराठी नाटक पर आधारित थी, जिसे कुसुमाग्रज (जिन्हें वीवी शिरवाडकर के नाम से भी जाना जाता है) ने लिखा था. नाना ने गणपतराव रामचंद्र बेलवलकर का किरदार निभाया, जो थिएटर के एक मशहूर एक्टर थे. इन्हें 'नटसम्राट' के नाम से जाना जाता था.
कहानी गणपतराव के थिएटर से रिटायर होने के बाद की है. वे अपनी संपत्ति अपने बच्चों में बांट देते हैं और उम्मीद करते हैं कि अपनी जिंदगी के बचे हुए साल अपनी पत्नी कावेरी (मेधा मांजरेकर) के साथ शांति से बिताएंगे. हालांकि, रिटायरमेंट के बाद हालात बदल जाते हैं और गणपतराव व कावेरी को अपने बच्चों की उपेक्षा, अपमान और बेरुखी का सामना करना पड़ता है. फिल्म में थिएटर के इस पूर्व स्टार की कहानी दिखाई गई है, जो कभी स्टेज पर खूब मशहूर थे. लेकिन बाद में अपने ही परिवार में खुद को अकेला और अनचाहा महसूस करने लगते हैं. गणपतराव के तौर पर नाना की एक्टिंग उनके करियर के सबसे यादगार किरदारों में से एक बन गई.