न सीरियल किलर, न आम मर्डर मिस्ट्री! फिर कौन कर रहा था ये खौफनाक हत्याएं? दिमाग घुमा देगा इस क्राइम थिलर का Twist
Must Watch Crime Thriller: OTT पर लगातार रोमांटिक फिल्में और लव स्टोरी देखकर अगर अब आपका मूड कुछ अलग देखने का है, तो तमिल सिनेमा की ये फिल्म आपको पसंद आएगी. साल 2011 में रिलीज हुई ये फिल्म पहली नजर में भले ही एक क्राइम मिस्ट्री लगे, लेकिन कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, मामला काफी पेचीदा होता चला जाता है. फिल्म में सस्पेंस है, खौफ है और ऐसे ट्विस्ट हैं, जो बार-बार सोचने पर मजबूर करते हैं कि आखिर पर्दे के पीछे चल क्या रहा है.
मिस्किन के निर्देशन में बनी इस फिल्म का डार्क ट्रीटमेंट इसे आम क्राइम फिल्मों से अलग फील देता है. अगर आपको ऐसी कहानियां पसंद हैं जिनमें हर कुछ मिनट बाद कोई नया सवाल खड़ा हो जाए, तो ये फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में जगह बना सकती है. फिल्म की शुरुआत ही ऐसी घटना से होती है, जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं. चेन्नई की बारिश से भीगी सड़कों पर इंसानी हाथ बरामद होते हैं. लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इन कटे हुए हाथों को किसी कचरे की तरह नहीं, बल्कि बाकायदा गिफ्ट पैक किए गए डिब्बों में रखा गया होता है.
अब सवाल उठता है कि आखिर कोई हत्यारा लाश के हिस्सों को इस तरह पैक करके पुलिस के सामने क्यों भेज रहा है? इस अजीबोगरीब मामले से शहर में हड़कंप मच जाता है और पुलिस जांच शुरू करती है. शुरुआत में केस जितना सीधा लगता है, उसकी परतें खुलने के बाद कहानी उतनी ही उलझती चली जाती है.
बहन के गायब होने का दर्द भी झेल रहा है जे.के.
इस केस की जिम्मेदारी सीबी-सीआईडी अधिकारी जेके यानी जे.कृष्णामूर्ती को मिलती है, जिसका किरदार चेरन ने निभाया है. लेकिन जेके की अपनी जिंदगी भी किसी मुश्किल केस से कम नहीं है. उसकी बहन करीब तीन महीने से लापता है और तमाम कोशिशों के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस गुमशुदगी ने जेके को अंदर से काफी तोड़ दिया है. वो नौकरी छोड़ने का फैसला तक कर लेता है, लेकिन उसका सीनियर ऑफिसर इस्तीफा एक्सेप्ट नहीं करता है. इसके बाद जेके को इस मिस्टीरियस केस की जांच में जुटना पड़ता है. वो अपनी हेल्पर तमिलसेल्वी और मेन पैथोलॉजिस्ट डॉ. जुडास के साथ सबूतों को जोड़ना शुरू करता है.
एक के बाद एक खुले कई राज
जांच आगे बढ़ती है तो जे.के. को एहसास होता है कि मामला सिर्फ कुछ मर्डर्स का नहीं है. बरामद किए जा रहे हाथों के पीछे ऐसे लोगों का कनेक्शन सामने आता है, जिनका संबंध अपराध की दुनिया और सोसायटी के बड़े-नामचीन चेहरों से है. जांच की कड़ियां कुछ पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंचती हैं. धीरे-धीरे एक बड़े सेक्सु वर्कर और अपराध सिंडिकेट की तस्वीर सामने आने लगती है. यानी जेके जिस केस को सुलझाने निकला था, वो अब एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश बन जाता है, जिसमें कई ताकतवर लोग शामिल दिखाई देते हैं. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत ये है कि हर जवाब के साथ एक नया सवाल खड़ा करती रहती है.
असली ट्विस्ट आते ही बदल जाता है पूरा खेल
फिल्म में सबसे बड़ा झटका उस समय लगता है, जब हत्याओं के पीछे किसी आम सीरियल किलर की कहानी नहीं निकलती. जांच एक बड़े डॉक्टर और उसकी पत्नी के परिवार तक पहुंचती है. यहां से कहानी पूरी तरह नया मोड़ लेती है और लोग सोचने लगते हैं कि आखिर इस पूरे खूनी खेल की असली वजह क्या है. फिल्म लगातार अपने किरदारों और घटनाओं को लेकर सस्पेंस बनाए रखती है. यही वजह है कि जैसे-जैसे क्लाइमैक्स करीब आता है, एक्साइटमेंट और बढ़ती जाती है. अगर आपको ऐसी क्राइम थ्रिलर पसंद हैं, जिनमें कहानी सिर्फ गोली-बंदूक और पीछा करने तक ही नहीं रहती, बल्कि अपराध के पीछे की वजह को भी सीरियसनेस से दिखाया जाता है, तो तमिल फिल्म 'युद्धम सेई' एक अलग एक्सपीरियंस दे सकती है.
2011 की फिल्म को मिली 7.9 IMDb रेटिंग
फिल्म 'युद्धम सेई' साल 2011 में रिलीज हुई तमिल क्राइम थ्रिलर है. फिल्म में एक्टर चेरन, दीपा शाह, वाई.जी. महेंद्रन और लक्ष्मी रामकृष्णन अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं. फिल्म की कहानी लिखने के साथ इसका निर्देशन मिस्किन ने किया है और इसका प्रोडेक्शन AGS एंटरटेनमेंट ने किया है. फिल्म को आईएमडीबी पर 7.9 की रेटिंग मिली है. ऐसे ऑडियंस के लिए ये रेटिंग खास मायने रखती है, जिन्हें मर्डर मिस्ट्री, सस्पेंस और डार्क क्राइम स्टोरीज पसंद हैं. अगर ओटीटी पर अगली बार कोई रोमांटिक फिल्म शुरू करने के बजाय कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो दिमाग को लगातार सवालों में उलझाए रखे, तो 'युद्धम सेई' को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. ये फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म JIO HOTSTAR पर अवेलेबल है.