)
Mirzapur Song Controversy: 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'मिर्जापुर: द मूवी' रिलीज के बाद से ही चर्चा में बनी हुई है, लेकिन अब फिल्म एक गाने को लेकर विवादों में घिर गई है. फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के प्रोडक्शन हाउस के समर्थन वाली फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' अपने एक गाने 'शूरवीर' के इस्तेमाल को लेकर विवादों में घिर गई है.
सोमवार को इस गाने के मूल निर्माता और स्वतंत्र कलाकार रैपरिया बालम ने फिल्म निर्माताओं पर बिना इजाजत गाना इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उनका दावा है कि इस गाने का कॉपीराइट उनके पास है और यह गाना वीर योद्धा महाराणा प्रताप को समर्पित था, इसलिए इसका इस्तेमाल किसी खलनायक विलेन का महिमामंडन करने के लिए करना बेहद आपत्तिजनक है.
'मिर्जापुर: द मूवी' को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है. फिल्म के क्लाइमेक्स में 'शूरवीर' गाने का इस्तेमाल किया गया है, जिसके बाद इस गाने के ओरिजनल कलाकार रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना था कि फिल्म में उनके गाने का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन इसके लिए उनसे अनुमति नहीं ली गई. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आखिर फिल्म की टीम को गाने के इस्तेमाल के अधिकार किसने दिए?
इतना ही नहीं, यह मामला इसलिए भी चर्चा में बना हुआ है क्योंकि 'शूरवीर' सिर्फ एक नॉर्मल गाना नहीं है. रैपरिया बालम के मुताबिक, यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है. ऐसे में फिल्म के गैंगस्टर और हिंसा वाले सीन के साथ इसके इस्तेमाल को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई है. उनका मानना है कि जिस गीत का संबंध महाराणा प्रताप की वीरता और विरासत से है, उसे फिल्म में इस तरह इस्तेमाल करना उसके मूल भाव से काफी अलग है.
सोमवार को सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर 'मिर्जापुर: द मूवी' के मेकर्स पर प्लेजरिज्म का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, 'आज मेरा दिल टूट गया है. आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है. आप कहेंगे कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है. लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मुझसे कोई अनुमति नहीं ली. उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो बिल्कुल नहीं दी. जिसने भी आपको यह अधिकार दिए हैं, मैं चाहता हूं कि आप उनसे पूछें. क्या आपके पास कोई कॉपीराइट है?' उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो में आगे कहा, 'दुख क्यों नहीं होगा? यह राजस्थान का अपमान है. यह महाराणा प्रताप जी का अपमान है और हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. मेरे डीएम में हजारों मैसेज आए हैं, जो कह रहे हैं, 'भाई, आपका गाना मिर्जापुर में है.'
इस विवाद के तुरंत बाद, ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उन्होंने फिल्म में इन-फिल्म इस्तेमाल के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को गाना आधिकारिक तौर पर लाइसेंस किया है. वहीं, रैपरिया बालम के भाई और प्रवक्ता ने इस संबंध पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया, 'रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स पहले एक साथ काम करते थे. हालांकि, वह कागजों पर भागीदार नहीं थे, लेकिन उनके साथ जुड़े हुए थे. वादे के मुताबिक, कुछ वर्षों के बाद वह कानूनी रूप से रिकॉर्ड्स में 50 प्रतिशत के भागीदार बनने वाले थे. यह गाना इस साझेदारी से पहले रिलीज हुआ था. रैपरिया बालम ने उस चैनल के लिए जितने भी गाने बनाए, उनके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला. बाद में, जब साझेदारी की बातचीत शुरू हुई, तो ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने मामले को टालना शुरू कर दिया. दुर्भाग्य से, उनके द्वारा बनाए गए गानों के लिए कभी कोई एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) साइन नहीं किया गया था.'
गाने के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने आगे कहा, 'ये गाने व्यावसायिक नहीं हैं. इनके पीछे का विचार यह था कि आने वाली पीढ़ी हमारे इतिहास से जुड़े. हम चाहते थे कि बच्चे रैप म्यूजिक के जरिए इतिहास सीखें और हमारे नायकों की कहानियों को जानें. हर कलाकार का सपना होता है कि उसका गाना किसी अच्छी फिल्म में हो, हमारा भी यही सपना था, लेकिन विशेष रूप से इस सीरीज के साथ हमारी कुछ विचारधाराएं जुड़ी हैं. मिर्जापुर में मुन्ना भैया गाली-गलौज कर रहे हैं और ड्रग्स ले रहे हैं और उनके किरदार को दर्शाने के लिए उन्होंने इस गाने को बैकग्राउंड म्यूजिक में जोड़ दिया है. यह हमारी राजस्थानी संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान है. अगर कोई युवा इसे देखेगा, तो वह मुन्ना भैया जैसे किरदार को महाराणा प्रताप से जोड़कर देखेगा, जिससे समाज में गलत संदेश जाएगा.'
हालांकि, मुख्य रूप से कॉपीराइट का मुद्दा कलाकार और ट्रूपर रिकॉर्ड्स के बीच है, लेकिन रैपरिया बालम और उनके भाई का मानना है कि एक्सेल एंटरटेनमेंट की टीम को इसके स्रोत की जांच करनी चाहिए थी. उन्होंने कहा, 'गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर है, लेकिन कॉपीराइट हमारे पास है. अगर इसका इस्तेमाल किसी फिल्म में किया जा रहा है, तो उन्हें हमसे अनुमति लेनी होगी. वे इसे लाइसेंस नहीं दे सकते, यह गैरकानूनी है. मिर्जापुर के निर्माता भी इसके लिए जिम्मेदार हैं. उन्हें लाइसेंसिंग से पहले सही दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी. एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने एक गुंडे (गोयन) के किरदार को दर्शाने के लिए महाराणा प्रताप को समर्पित गाना चुना. यह पूरी तरह से गलत चयन है.'