क्यों अपनी फिल्मों के लिए छोटी उम्र की एक्ट्रेस चुनते थे राज कपूर? मंदाकिनी ने उठाया इस राज से पर्दा; बोलीं- ‘क्योंकि उन्हें...’
Mandakini on Raj Kapoor: हाल ही में सालों पहले ‘राम तेरी गंगा मैली’ फिल्म से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली मंदाकिनी ने अपने इंटरव्यू के दौरान अपने करियर अपनी पहली फिल्म से जुड़ी कई बातें शेयर की. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि क्यों राज कपूर अपनी फिल्मों के लिए छोटी उम्र की लड़कियों को चुना करते थे?
सालों तक हिंदी सिनेमा के साथ-साथ अपने फैंस के दिलों पर राज करने वाले खूबसूरत अदाकारा मंदाकिनी आज भले ही फिल्मी पर्दे से दूर हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनके गाने और उनके निभाए गए हर किरदार उनके फैंस को हमेशा उनकी याद दिलाते हैं. उन्होंने महज 16 साल की उम्र में 1985 में राज कपूर की फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. अपनी पहली ही फिल्म से रातोंरात स्टार बनने वाली मंदाकिनी को उनके डेब्यू और अदाकारी के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन भी मिला था.
इसके बाद वे कई फिल्मों में नजर आईं. उनकी कुछ शानदार और चुनिंदा फिल्मों की लिस्ट में ‘डांस डांस’, ‘कमांडो’, ‘जीते हैं शान से’ और ‘प्यार करके देखो’ जैसी कई फिल्मों के नाम शामिल हैं. देखते ही देखते वे 90 के दशक की पॉपुलर और टॉप एक्ट्रेस की लिस्ट में शामिल हो गईं. हाल ही में ANI के साथ इंटरव्यू में मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्हें फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ का ऑफर मिला, तब वे स्कूल में पढ़ती थीं. उनके परिवार और फेमस गीतकार राम भारद्वाज (विशाल भारद्वाज के पिता) के परिवार के बीच पारिवारिक संबंध थे.
राज कपूर से पहली मुलाकात और स्क्रीन टेस्ट
राम भारद्वाज की बेटी और मंदाकिनी की बड़ी बहन मेरठ में एक ही स्कूल में साथ पढ़ती थीं. एक दिन राम भारद्वाज ने उन्हें घर पर देखा और सुझाव दिया कि उन्हें परिवार के साथ मुंबई जाना चाहिए. उन्होंने कुछ लोगों से मिलने की सलाह दी, जिसके बाद मंदाकिनी के माता-पिता तैयार हो गए और उन्होंने मुंबई जाने का पूरा फैसला किया. वहां उनकी मुलाकात राज कपूर से हुई. उन्होंने उनका स्क्रीन टेस्ट लिया और उसने पूछा कि क्या उनके छोटे भाई-बहन हैं और क्या वे उन्हें संभाल लेती हैं या वे रोते हैं तो गोद में उठाती हैं?
उम्र को लेकर फैली गलत धारणा और सच्चाई
मंदाकिनी ने बताया कि राज कपूर को फिल्म के लिए एक ऐसी लड़की की तलाश थी, जो बिल्कुल घरेलू लगे, जिसमें एक भारतीय एहसास हो और जो किसी बच्चे को अपनी गोद में आसानी से संभाल सके. साथ ही मंदाकिनी ने इंटरव्यू में अपनी उम्र को लेकर इंटरनेट पर चल रही गलत जानकारियों का भी खंडन किया. उन्होंने साफ किय लोग अक्सर लिखते हैं कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ के समय उनकी उम्र 20 या 21 साल थी, जो बिल्कुल गलत है. उन्होंने बताया कि जब फिल्म की शूटिंग शुरू हुई तब वे 16 की थी और शूटिंग खत्म होते समय 17 साल की थीं.
क्यों कम उम्र की एक्ट्रेस चुनते थे राज कपूर?
साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि फिल्म में उनके साथ नजर आए राजीव कपूर भी उस समय लगभग 20 साल के थे. जब इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि क्यों राज कपूर अक्सर अपनी फिल्मों के लिए कम उम्र की लड़कियों को चुनते थे? जैसे आपको ‘राम तेरी गंगा मैली’ के लिए, ‘बॉबी’ के लिए डिंपल कपाडिया को, ‘प्रेम रोग’ के लिए पद्मिनी कोल्हापुरे को, तो इसके जवाब में मंदाकिनी ने बताया, ‘क्योंकि उस उम्र में लड़कियों को मोल्ड करना आसान होता है. आप जैसा चाहते हैं उसने वैसा रोल करा सकते है और वे कर देती हैं, क्योंकि वे उस फ्लो में होती है जहां वे अपने काम में बहती जाती है और यही उम्र होती है उनके आगे बढ़ने की तैयारी के लिए’.
राज कपूर के साथ शूटिंग करना कैसा रहा?
मंदाकिनी ने शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि सेट पर राज कपूर का मार्गदर्शन इतना सहज और संवेदनशील होता था कि किसी को डिसकम्फर्ट महसूस ही नहीं होता था. उन्होंने बताया कि राज कपूर हर सीन को इतने प्यार से समझाते थे कि ऐसा लगता था मानो परिवार का ही कोई सदस्य साथ खड़ा होकर आपको बता रहा है कि आगे क्या करना है. सेट का पूरा माहौल किसी धार्मिक या आध्यात्मिक जगह जैसा लगता था, जहां कैमरामैन से लेकर डायरेक्टर तक सभी लोग अपने काम को पूरी निष्ठा और पूजा की तरह समझकर करते थे.
झरने वाले सीन के पीछे की हकीकत
झरने के नीचे फिल्माए गए उनके बोल्ड सीन पर बात करते हुए मंदाकिनी ने कहा कि छोटे शहर से आने के चलते उस समय उनके लिए ये बहुत बड़ी बात थी. जब उन्हें उस सीन के बारे में बताया गया और थोड़ा अजीब लगा, तो उन्होंने खुद को कम्फर्ट रखने के लिए अपनी सफेद साड़ी को डबल लपेट लिया था, ताकि शरीर ज्यादा न दिखे. उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्हें ये नहीं पता था कि ये सीन आगे चलकर इतना फेमस हो जाएगा, बस राज कपूर के बेहतरीन डायरेक्ट और मार्गदर्शन के फ्लो में वो सीन दृश्य स्वाभाविक रूप से पूरा हो गया.