'ये मेरे लिए सबसे खराब डील थी...' क्यों महेश भट्ट ने कुणाल खेमू को दी रिश्वत, क्या थी एक्टर को लालच देने की पीछे की वजह?
Mahesh Bhatt offered bribe to Kunal Khemu: बॉलीवुड एक्टर कुणाल खेमू ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट इंडस्ट्र में अपनी पहचान बनाई. उन्होंने मशहूर फिल्ममेकर महेश भट्ट की कई फिल्मों में काम किया. इनमें 'सर', 'हम हैं राही प्यार के' और 'जख्म' जैसी पॉपुलर फिल्में शामिल हैं. इन फिल्मों में उनकी एक्टिंग की लोगों ने खूब तारीफ की. लेकिन हाल ही में एक्टर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है.
एक्टर कुणाल खेमू को हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में गिना जाता है, जिनकी कॉमेडी में अपना अलग ही अंदाज है. एक एक्टर के तौर पर अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया और फिल्म'मडगांव एक्सप्रेस' से खूब तारीफें लूटीं. लेकिन कुणाल की फिल्मी कहानी शुरू हुई थी तब, जब वो खुद ठीक से दुनिया को समझना भी शुरू नहीं कर पाए थे. महज सात साल की उम्र में वो चाइल्ड एक्टर के तौर पर कैमरे के सामने आ गए थे. 90 के दौर में उनकी मासूमियत और शरारती अंदाज ने लोगों का दिल जीत लिया था. इसी दौर की एक मजेदार घटना उन्होंने हाल ही में शेयर की है, जो सुनने में भले ही छोटी लगे, लेकिन कुणाल के लिए उस समय काफी बड़ी बात थी.
एक्टर ने जिस पुराने किस्से का जिक्र किया है वो साल 1993 की फिल्म 'हम हैं राही प्यार के' की शूटिंग के दिनों का है. फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया था और इसमें आमिर खान और जूही चावला लीड रोल में थे. कुणाल भी फिल्म में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर नजर आए थे. तभी एक दिन कुणाल की स्कूल पिकनिक का प्लान बन गया.
पिकनिक या फिल्म का अहम सीन?
कुणाल ने बताया कि स्कूल पिकनिक का प्लान तो बन गया था, लेकिन समस्या ये थी कि उसी समय शूटिंग भी चल रही थी और अगले दिन कुणाल का एक जरूरी सीन था. सात साल के बच्चे के लिए स्कूल की पिकनिक आखिर किसी फिल्म के बड़े सीन से कम थोड़े ही होती है. कुणाल ने बताया कि उनके पिता ने साफ कह दिया था कि वो इस मामले में बीच में नहीं पड़ेंगे और अब भट्ट साहब को ही इसका कोई रास्ता निकालना होगा.
फिर ऐसे हुई महेश भट्ट से डील
महेश भट्ट ने शायद समझ लिया था कि सात साल के कुणाल को मनाना कोई आसान काम नहीं है. इसलिए उन्होंने सीधे बच्चे से ही पूछ लिया कि आखिर ऐसा क्या दिया जाए, जिससे वो पिकनिक छोड़कर शूटिंग के लिए रुक जाएंगे. कुणाल के मुताबिक उस समय समुराई नाम का वीडियो गेम बच्चों के बीच काफी पॉपुलर थ. कुणाल के पास वो गेम नहीं था और बस फिर क्या था, उन्होंने अपनी मांग सामने रख दी.
महेश भट्ट साहब ने वीडियो गेम दिलाने का वादा कर दिया और सौदा पक्का हो गया. कुणाल ने मजाकिया अंदाज में इस पूरे किस्से को याद करते हुए कहा कि उन्हें बाकायदा रिश्वत दी गई थी. यानी बॉलीवुड में उनका पहला बड़ा पेमेंट शायद किसी चेक या फीस के रूप में नहीं, बल्कि एक वीडियो गेम के रूप में आया था.
गेम तो मिल गया, लेकिन बाद में लगा असली झटका
अब कहानी का सबसे मजेदार हिस्सा यहीं से शुरू होता है. कुणाल को वीडियो गेम तो मिल गया, लेकिन पिकनिक मिस करने का दुख अपनी जगह था. उन्होंने बताया कि उनका स्कूल उनके घर से दिखाई देता था. अगली सुबह जब पिकनिक के लिए बच्चों से भरी बस स्कूल के बाहर पहुंची, तो कुणाल घर से ये सब देख रहे थे. ऊपर से उनके दोस्त उन्हें हाथ हिलाकर पूछ रहे थे, 'तू नहीं आ रहा?' जरा सोचिए, एक तरफ हाथ में नया वीडियो गेम और दूसरी तरफ दोस्तों से भरी पिकनिक बस. कुणाल ने इसे अपने जीवन का सबसे खराब सौदा बताया. क्योंकि गेम मिलने की खुशी कुछ देर की थी, लेकिन दोस्तों को पिकनिक जाते हुए देखना उस समय ज्यादा भारी पड़ गया था.
चाइल्ड एक्टर से लीड एक्टर तक की जर्नी
'हम हैं राही प्यार के' कुणाल की 'सर' के बाद दूसरी फिल्म थी. इसके बाद उन्होंने बाल कलाकार के रूप में कई फिल्मों में काम किया और 'जख्म' जैसी फिल्म में उनकी एक्टिंग को काफी पसंद किया गया. खास बात ये है कि महेश भट्ट उनके करियर की कहानी में शुरुआत से ही किसी न किसी रूप में जुड़े रहे थे. बाद में साल 2005 में महेश भट्ट के प्रोडक्शन में रिलीज हुई फिल्म 'कलयुग' से कुणाल ने बतौर लीड एक्टर अपनी पारी शुरू की. यानी जिस निर्देशक ने कभी सात साल के कुणाल को पिकनिक छोड़ने के लिए वीडियो गेम दिलाया था, उसी फिल्मी दुनिया ने आगे चलकर उन्हें लीड एक्टर बनने का मौका भी दिया.
‘मडगांव एक्सप्रेस’ से बनाई निर्देशन में पहचान
कुणाल खेमू की कहानी काफी दिलचस्प है, क्योंकि इसमें बॉलीवुड का एक पूरा दौर समाया हुआ है. एक तरफ सात साल का वो बच्चा है, जो पिकनिक छोड़ने के बदले वीडियो गेम मांग रहा है, तो दूसरी तरफ आज का वही कुणाल है, जिसने अपनी फिल्म बनाकर निर्देशन की दुनिया में भी कदम रख दिया. साल 2024 में आई 'मडगांव एक्सप्रेस' से उन्होंने निर्देशक के तौर पर डेब्यू किया और अपने खास कॉमिक अंदाज से लोगों को खूब हंसाया. लेकिन शायद कुणाल की सबसे प्यारी यादों में वो समुराई वाला किस्सा हमेशा शामिल रहेगा.