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एक्टर-फिल्म निर्माता कमल हासन अपनी अगली फिल्म के लिए निर्देशक एसयू अरुण कुमार के साथ काम कर रहे हैं. ऐसे में धनतेरस के मौके पर फिल्म का पोस्टर रिलीज हुआ है, जिसके बाद अब मेकर्स ने फिल्म के नाम से भी पर्दा उठा दिया है. KH237 के नाम से जानी जाने वाली फिल्म को आखिरकार इसका ऑफिशियल नाम मिल गया है. कमल हासन की KH237 का नाम रखा गया 'संडियार' रखा गया है. यह अगले साल रिलीज होने वाली है.
मेकर्स ने कमल हासन का एक दिलचस्प पोस्टर शेयर करते हुए टाइटल का ऐलान किया. कमल फिल्म्स इंटरनेशनल ने लिखा, 'संडियार.' दिलचस्प बात यह है कि कमल हासन की 2004 की फिल्म 'विरुमांडी' का मूल शीर्षक 'संडियार' था. तमिल भाषा में इस शब्द का मोटा-मोटा अर्थ 'दबंग' या 'उपद्रवी' होता है. हालांकि, 2003 में इस टाइटल को लेकर विवाद खड़ा हो गया.
के कृष्णसामी के नेतृत्व वाले दलित राजनीतिक संगठन 'पुथिया तमिलगम' ने आरोप लगाया कि यह फिल्म जाति-आधारित हिंसा का महिमामंडन करती है और इससे दक्षिणी तमिलनाडु में तनाव बढ़ सकता है. विरोध-प्रदर्शनों के बाद कमल ने आखिरकार फिल्म का नाम बदलकर 'विरुमांडी' रख दिया.
'संडियार' स्टंट कोरियोग्राफर जोड़ी 'अनब-अरीव' (AnbAriv) के लिए भी एक अहम प्रोजेक्ट है. इससे पहले उन्होंने कमल हासन के साथ काम करने को लेकर अपना उत्साह जाहिर किया था. 2024 में उन्होंने लिखा था, 'अब तक हम अपनी नजरों से सिनेमा को देखते आए हैं! और अब, खुद सिनेमा ने हमें अपनी नज़रों से देखा है! हमारे लिए सिनेमा का मतलब ही कमल हासन हैं! कमल सर, यह हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धि है! हम अपना बेहतरीन काम देने का वादा करते हैं.'
बता दें कि कमल हासन आखिरी बार 2025 की फिल्म 'ठग लाइफ' में नजर आए थे, जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही. करीब 180 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 97 करोड़ रुपये ही कमा पाई.
इससे पहले 'द हॉलीवुड रिपोर्टर' से बातचीत में कमल हासन की बेटी और एक्ट्रेस श्रुति हासन ने बताया कि बॉक्स ऑफिस पर मिली असफलताओं को लेकर उनके पिता का नजरिया क्या है. उन्होंने कहा कि कमर्शियल आंकड़े उन पर उस तरह का असर नहीं डालते, जैसा कि लोग शायद सोचते हैं.
उन्होंने कहा, 'मेरे पापा एक ऐसे दौर और ऐसी सोच से आते हैं, जहां उन्होंने अपनी सारी कमाई वापस सिनेमा में ही लगा दी. उन्होंने इसे किसी दूसरी प्रॉपर्टी या तीसरी कार खरीदने में खर्च नहीं किया, बल्कि सब कुछ वापस सिनेमा में ही चला गया. मुझे नहीं लगता कि आंकड़ों का यह खेल उन पर उस तरह का असर डालता है, जैसा कि लोग समझते हैं. यह तो असल में अचानक अमीर बने लोगों वाली समस्या है.