स्टार या इंफ्लुएंसर! ऑडियंस पर किसका कंट्रोल? रियलिटी शो की कास्टिंग में अब इसी पर सबसे ज्यादा जोर
Reality TV Trends: बिग बॉस 20 की कास्टिंग से रियलिटी टीवी का बदलता फार्मूला समझें. जानिए कैसे अब टीवी स्टार्स के साथ-साथ इन्फ्लुएंसर्स, गेमर्स और भोजपुरी सेलिब्रिटीज शोज का असली आकर्षण बन रहे हैं.
Reality TV Trends: रियलिटी शो का पूरा मॉडल अब दर्शकों की सक्रिय भागीदारी पर टिका हुआ है. कंटेस्टेंट्स के बीच के विवाद, दोस्ती, रिश्ते और गेम की चर्चा सिर्फ टीवी स्क्रीन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सोशल मीडिया के दौर में कुछ ही घंटों में वायरल हो जाती है.
इसका मौजूदा उदाहरण 'बिग बॉस 20' की कास्टिंग में दिखता है, जहां पारंपरिक टीवी एक्टर्स के साथ भोजपुरी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे, गेमर स्काउट, इन्फ्लुएंसर अर्शिफा खान, रैपर यंग डीएसए और सिंगर ऋति तिवारी जैसे अलग-अलग बैकग्राउंड के चेहरों को शामिल किया गया है.
क्या टीवी स्टार्स की पुरानी पहचान आज भी बड़ी ताकत है?
पारंपरिक टीवी स्टार्स की अहमियत खत्म नहीं हुई है. टीवी कलाकारों के पास लंबे समय तक सीरियल्स और दूसरे टेलीविजन फॉर्मेट्स के जरिए बनाई गई एक गहरी पहचान और स्क्रीन प्रेजेंस होती है. दर्शक उन्हें उनके निभाए किरदारों और सालों से बनी इमेज के कारण जानते हैं, जो शो को एक शुरुआती जान-पहचान प्रदान करती है.
क्या इन्फ्लुएंसर्स-गेमर्स का असली खेल केवल एंगेजमेंट पर टिका है?
दूसरी तरफ डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और गेमर्स की अपनी अलग ताकत होती है. इन्होंने अपना ऑडियंस बेस टीवी से नहीं, बल्कि सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बनाया है. स्काउट जैसे गेमिंग पर्सनालिटी और अर्शिफा खान जैसी कंटेंट क्रिएटर बड़ी ऑनलाइन कम्युनिटीज से आते हैं. इनके फॉलोअर्स सिर्फ शो नहीं देखते, बल्कि कमेंट्स, शेयर और एक्टिव सपोर्ट के जरिए उनके साथ एक डायरेक्ट और मजबूत रिश्ता बनाए रखते हैं.
क्या भोजपुरी-रीजनल स्टार्स लाते हैं एक अलग फैन इकोसिस्टम?
तीसरा मॉडल रीजनल सेलिब्रिटीज, खासकर भोजपुरी स्टार्स का है. इनकी वफादार ऑडियंस सिर्फ किसी एक शो या सोशल मीडिया ऐप से नहीं बनती, बल्कि भोजपुरी सिनेमा, म्यूजिक, यूट्यूब और कल्चरल कनेक्ट से मिलकर एक बड़ा फैन इकोसिस्टम तैयार करती है. यही वजह है कि जब कोई रीजनल स्टार शो में आता है, तो वह अपने साथ एक ऐसा दर्शक वर्ग लाता है जो बाकी कंटेस्टेंट्स से बिल्कुल अलग होता है.
क्या टीआरपी से ज्यादा अब डिजिटल एंगेजमेंट तय कर रहा है सफलता?
आज रियलिटी टीवी के सामने सबसे बड़ा बदलाव TRP (टेलीविजन रेटिंग) और डिजिटल जुड़ाव के बीच का है. अब किसी कंटेस्टेंट की लोकप्रियता को केवल टीवी व्यूअरशिप से नहीं मापा जा सकता, बल्कि सोशल मीडिया पर उसके वीडियो क्लिप्स कितने देखे जा रहे हैं और कितनी बहस छिड़ रही है, यह भी उतना ही मायने रखता है. यही कारण है कि रियलिटी शोज अब एक ही तरह के चेहरों पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न ऑडियंस कम्युनिटीज को एक ही छत के नीचे जोड़ने का नया कास्टिंग फार्मूला अपना रहे हैं.