)
गोविंदा बॉलीवुड में अपने डांस और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. बहुत ही कम लोगों को पता है कि गोविंदा की मां हिंदी सिनेमा की एक पॉपुलर एक्ट्रेस थी. एक्टर के पिता भी जाने-माने एक्टर थे. उनके पिता शानदार फिल्ममेकर थे. गोविंदा ने अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने मां ने 10 साल के अंदर इंडस्ट्री छोड़ दी थी, परिवार की देखभाल के लिए साध्वी बन गई थीं.
गोविंदा ने ABP को दिए इंटरव्यू में मां के बारे में बात करते हुए बोला कि एक्ट्रेस बनने के बाद मेरी मां निर्मला देवी इतनी गरीब हो गई थी, बंगले का सारा सामान छि गया था. मेरे पिता ने मेरी मां से बोला था- निर्मला तुम इनती खूबसूरत हो कि जब तुम काम मांगने बाहर जाओगी, तो लोग तुम्हें बुरी नजर से घूरेंगे. इसलिए मेरी मां से सिर मुंडवा लिया था और साध्वी बन गईं. एक्टर ने बोला हम लोग उन मां के साए में पले हैं जिन्होंने अपने सपनों को छोड़कर साध्वी बनने का रास्ता चुना था.
गोविंदा के पिता अरुण कुमार आहूजा 1940 से 1950 के दशक के जाने-माने एक्टर और सिगंर थे. साल 1939 में रिलीज फिल्म एक ही रास्ता से उन्होंने डेब्यू किया था. उन्होंने अपने करियर में 40 से ज्यादा फिल्मों में लीड रोल और सपोर्टिंग रोल निभाया था. एक्टिगं के बाद उन्होंने फिल्ममेकिंग में भी अपना टैलेंट दिखाया. उन्होंने एक फिल्म प्रोड्यूस की थी जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी. फिल्म का नाम सेहरा थी जो कि 1948 में रिलीज हुई थी. फिल्म में अरुण कुमार ने बतौर एक्टर काम किया था. फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर पसंद नहीं किया गया था. इस फिल्म की वजह से वह दीवालिया हो गए. आर्थिक तंगी की वजह से बांद्रा को छोड़कर चॉल में रहने पर मजबूर हो गए.
विरार की चॉल में शिफ्ट होने के बाद अरुण कुमार की तबीयत खराब होने लगी थी. इसके बाद निर्मला देवी ने परिवार को संभाला था. गोविंदा के पिता आर्थिक तंगी और सदमे की वजह से 1 दशक तक बीमार रहे. साल 1998 में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया.
गोविंदा के माता-पिता की पहली मुलाकात साल 1942 में हुई थी. फिल्म सवेरा में निर्मला देवी ने अरुण कुमार संग काम किया था. फिल्म सवेरा एक्ट्रेस की डेब्यू फिल्म थी. इस दौरान दोनों को प्यार हुआ. जिसके बाद कपल ने शादी की. शादी के बाद भी दोनों ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया. शादी से कपल के 5 बच्चे थे, गोविंदा सबसे छोटे थे.