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Jas Khetani Quantum Physics: हर किसी का एक सपना तो जरूर होता है कि वह लोगों के लाइमलाइट में रहे, बड़े-बड़े स्टार्स के साथ काम करे, टीवी पर उसका चेहरा दिखे और चारों तरफ नाम हो. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे इंसान के बारे में सुना है जिसने करियर की पीक पर पहुंचते ही इन सारी चकाचौंध को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया हो. आज हम आपको एक ऐसे ही कमाल के लड़के के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने ओडोमोस, डेटॉल, रूह अफजा जैसे 100 से ज्यादा विज्ञापनों में काम किया, ऋतिक रोशन के साथ स्क्रीन शेयर की और फिर अचानक सब कुछ छोड़कर क्वांटम फिजिक्स की दुनिया में डूब गया.
जब हम किसी चाइल्ड आर्टिस्ट को टीवी विज्ञापनों में देखते हैं, तो हमारे मन में यही आता है कि बड़ा होकर यह लड़का या लड़की पक्का बॉलीवुड का सुपरस्टार बनेगा. कुछ ऐसा ही रास्ता जस खेतानी ने भी चुना था. जस ने अपने बचपन और शुरुआती जवानी के दिनों में एक-दो नहीं बल्कि पूरे 100 से ज्यादा विज्ञापनों में काम किया था. उन्होंने भारत के सबसे बड़े ब्रांड्स जैसे ओडोमोस, डेटॉल, एवरेडी, रूह अफजा और मास्टरशेफ के विज्ञापनों में अपनी मासूमियत से लोगों का दिल जीता था. इतना ही नहीं, उन्होंने देश के दिग्गजों जैसे एमएस धोनी और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ स्क्रीन स्पेस भी शेयर किया था. साल 2017 में आई ऋतिक रोशन की सुपरहिट फिल्म 'काबिल' में भी वे अहम भूमिका में नजर आए थे. उनके काम को देखकर साफ लग रहा था कि उनका फ्यूचर एक्टिंग की दुनिया में बहुत ब्राइट है.
किसी भी उभरते हुए कलाकार के लिए यह वह दौर होता है जब वह अपनी सक्सेस को एंजॉय करना चाहता है. लेकिन जस खेतानी के इरादे कुछ और ही थे. जब उनका एक्टिंग करियर अपने चरम पर था और उनके पास प्रोजेक्ट्स की कोई कमी नहीं थी, तब उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाला फैसला लिया. उन्होंने फिल्मी दुनिया और मॉडलिंग की इस चमकीली दुनिया को हमेशा के लिए बाय-बाय कह दिया. वे इस बात से अच्छी तरह वाकिफ थे कि एक्टिंग उनकी मंजिल नहीं है, बल्कि उनकी असली भूख तो कुछ और ही है. उन्होंने शोबिज छोड़कर साइंस, मैथ्स और टेक्नोलॉजी की उस दुनिया का रुख किया, जहां दिमाग के पन्ने खोलने पड़ते हैं. उनका यह फैसला इस बात का सबूत है कि भेड़चाल चलने के बजाय अपने पैशन को चुनना कितना जरूरी है.
आज जस खेतानी सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि यूथ के लिए एक इंस्पिरेशन बन चुके हैं. द इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, वे अमेरिका के न्यू जर्सी में स्थित फेर्ले डिकिंसन यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बैचलर ऑफ साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं, जिसमें उनका माइनर मैथेमैटिक्स है. अपनी पढ़ाई में भी वे कमाल कर रहे हैं और उनका GPA 3.97 का शानदार स्कोर रहा है. उनका फोकस सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन, रोबोटिक्स और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसी भविष्य की तकनीकों पर काम कर रहे हैं. उन्होंने 'JAS' (जस ऑटोमेशन सॉल्यूशन) नाम से अपनी एक वेंचर भी शुरू की है, जो बिजनेस के लिए एल्गोरिदम बेस्ड सॉल्यूशंस और डिजिटलाइजेशन पर काम करती है. महज 20 साल की उम्र में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है.
जस खेतानी की टेक्निकल स्किल्स देखकर बड़े-बड़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स भी सोच में पड़ जाएंगे. उन्होंने अपनी यूनिवर्सिटी में अंडरग्रैजुएट टेक असिस्टेंट के रूप में भी काम किया है, जहां उन्होंने पाइथन और मशीन लर्निंग की मदद से ह्यूमैनॉइड रोबोट्स को अपग्रेड किया है. इसके अलावा उन्होंने टेलीकॉम सिस्टम इंटीग्रेटर में इंटर्नशिप के दौरान एगाइल प्रैक्टिसेज का इस्तेमाल करके पाइथन-बेस्ड कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर भी डेवलप किया है. वे मीडियम प्लेटफॉर्म पर क्वांटम कंप्यूटिंग पर आर्टिकल भी लिखते हैं ताकि इस साइंस के बारे में लोग और ज्यादा जान सकें. उनकी यह काबिलियत दिखाती है कि वे थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज में भी कितने आगे हैं.
उनकी पर्सनालिटी के कई सारे रंग हैं जो किसी को भी हैरान कर सकते हैं. वे 'Ae Haalo' के फाउंडर हैं और गार्बा डांस के बहुत बड़े शौकीन हैं. उनका गरबा प्रेम सिर्फ नाचने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे 'रासलीला गार्बा एकेडमी' में इंस्ट्रक्टर के तौर पर दुनिया भर के स्टूडेंट्स को ट्रेडिशनल गरबा सिखा चुके हैं. इसके अलावा वे बांसुरी बहुत ही शानदार बजाते हैं और मार्शल आर्ट्स में भी ट्रेंड हैं. इतना ही नहीं, वे फायर स्टिक्स के साथ परफॉर्मेंस भी करते हैं. उनकी बहन काव्यांशी सिमारिया ने सोशल मीडिया पर उनके जन्मदिन के मौके पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था कि वह सचमुच 'जैक ऑफ ऑल ट्रेड्स एंड मास्टर ऑफ मेनी' हैं.
साल 2017 में जब वे छठी क्लास में थे, तब उन्होंने धर्मेश पिथवा द्वारा आयोजित एक ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया था. जस ने उस दौरान पेज नंबर के साथ पूरी की पूरी किताब को जुबानी याद करने का चैलेंज लिया था और उसे सफलतापूर्वक पूरा भी किया था. उनके ट्रेनर ने खुद यह माना था कि वे उस प्रोग्राम के सबसे कम उम्र के पार्टिसिपेंट थे. इतनी कम उम्र में इस तरह की याददाश्त और फोकस होना यह बताता है कि उनका दिमाग आम बच्चों से कितना अलग और तेज चलता है.
जस की बहन काव्यांशी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उनके बारे में लिखते हुए कहा था कि अगर उनके भाई की जिंदगी पर एक लंबी फिल्म भी बना दी जाए, तो भी वह कम पड़ जाएगी. उन्होंने लिखा कि उनके भाई की एनर्जी और औरा गजब का है और उनके पास बयां करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं. जस की यही बहुमुखी प्रतिभा आज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. उनके साथ जिन चाइल्ड आर्टिस्ट्स ने विज्ञापनों में काम किया था, वे आज फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाने में लगे हैं, लेकिन जस ने पूरी तरह से एक अलग और अनूठा रास्ता चुना है.