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30 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले अपने कॉन्सर्ट से पहले पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ आगरा में ताजमहल देखने पहुंचे. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी इस टूर का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें इस मशहूर स्मारक की झलक देखने को मिली.
वीडियो में दिलजीत दोसांझ कड़ी सुरक्षा के बीच ताजमहल घूमते हुए नजर आ रहे हैं. अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर दिलजीत ने अपने इस टूर की एक रील शेयर की और साथ में कैप्शन लिखा, 'वाह ताज बोलिए'
अपने फैंस से बात करते हुए दिलजीत ने कहा, 'अरे हुजूर, 'वाह ताज' बोलिए! दोस्तों, यह सब प्यार के बारे में है. हम भारत आए हैं, तो शुरुआत यहीं से होनी चाहिए.' यह क्लिप सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, क्योंकि यह दिल्ली में उनके शो से कुछ दिन पहले ही सामने आई है. बता दें कि सिंगर अपने 'ऑरा इंडिया टूर 2026' के तहत दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में परफॉर्म करने वाले हैं.
22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने 'सुरक्षा चिंताओं' का हवाला देते हुए 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. हालांकि, एक दिन बाद भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल, पार्किंग और सुरक्षा इंतजामों पर बातचीत के बाद पुलिस ने उनके शो के लिए अनुमति दे दी.
सिंगर ने भी पुष्टि की कि कॉन्सर्ट तय प्लान के मुताबिक ही होगा और उन्होंने इस प्रोग्राम के बारे में अफवाहें फैलाने वालों पर तंज कसा. इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान दिलजीत ने कहा था, 'आपने अपनी रील्स बना लीं, अपने ट्वीट्स पोस्ट कर दिए और न्यूजरूम में बहसें भी कर लीं, है ना? अब 30 तारीख को दिल्ली में मिलते हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'कम से कम पहले खबर तो पता कर लें. खुद को बेवकूफ बनाने से पहले अपने फैक्ट्स सही कर लें. बेहतर होगा कि पहले यह जान लें कि असल में क्या हुआ था. आप लोग बिना तथ्यों को जाने लगातार बहस कर रहे हैं और ट्वीट कर रहे हैं. खैर अब बहुत हो गया. 30 तारीख को दिल्ली में मिलते हैं. मैं आ रहा हूं!'
बैठकों में शामिल अधिकारियों ने बताया कि आयोजकों ने शुरुआत में लगभग 400 प्राइवेट सुरक्षाकर्मी तैनात करने का प्रस्ताव दिया था. अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने जोर देकर कहा कि भीड़ को संभालने, लाइन को को व्यवस्थित करने, कॉन्सर्ट में आने वालों को सही एंट्री गेट तक पहुंचाने, हेल्प कियोस्क संभालने और कॉन्सर्टवाली जगह के अंदर व आसपास पैदल चलने वालों की आवाजाही को आरामदायक बनाने के लिए 1,500 से 2, 000 सुरक्षाकर्मियों की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि इससे पुलिस पर बोझ कम होगा और आखिरी समय में होने वाली भीड़-भाड़ को रोका जा सकेगा.