दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होने वाले सिंगर दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को दिल्ली पुलिस से मंजूरी मिल गई. हालांकि, पहले पुलिस ने 'सुरक्षा संबंधी चिंताओं' का हवाला देते हुए इस कॉन्सर्ट के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था. लेकिन फिर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजामों को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद यह अनुमति दी गई.
दिल्ली का यह कॉन्सर्ट दोसांझ के चल रहे 'ऑरा इंडिया टूर' का पहला फेज है. इसके बाद इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में भी कॉन्सर्ट आयोजित किए जाएंगे. अधिकारियों ने बताया कि एक डिटेल सुरक्षा प्लानिंग तैयार की जा रही है. पुलिस ने आयोजकों से कहा है कि वे अतिरिक्त प्राइवेट सुरक्षा गार्ड तैनात करें और कार्यक्रम स्थल पर आने-जाने के लिए ज्यादा एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाएं. इन उपायों का मकसद वहां आने वाली भारी भीड़ को संभालना और यह सुनिश्चित करना है कि कॉन्सर्ट में आने वाले लोग व्यवस्थित तरीके से आ-जा सकें.
बैठकों में शामिल अधिकारियों ने बताया कि आयोजकों ने शुरुआत में लगभग 400 प्राइवेट सुरक्षाकर्मी तैनात करने का प्रस्ताव दिया था. अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने जोर देकर कहा कि भीड़ को संभालने, लाइन को को व्यवस्थित करने, कॉन्सर्ट में आने वालों को सही एंट्री गेट तक पहुंचाने, हेल्प कियोस्क संभालने और कॉन्सर्टवाली जगह के अंदर व आसपास पैदल चलने वालों की आवाजाही को आरामदायक बनाने के लिए 1,500 से 2, 000 सुरक्षाकर्मियों की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि इससे पुलिस पर बोझ कम होगा और आखिरी समय में होने वाली भीड़-भाड़ को रोका जा सकेगा.
अधिकारियों और इवेंट टीम से उम्मीद की जाती है कि वे आनेवालों की आवाजाही को कण्ट्रोल करने, कतारों का प्रबंधन करने और कार्यक्रम स्थल पर महत्वपूर्ण जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए आपस में तालमेल बिठाएं. गुरुवार को दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि टिकट पार्टनर 'बुकमायशो' (BookMyShow) को एक पत्र भेजा गया था. इसमें बताया गया था कि गायक के कॉन्सर्ट को लेकर कुछ संभावित 'खतरों' की जानकारी मिली है. अधिकारी ने यह भी कहा कि त्योहारों के मौसम के कारण दक्षिण जिले (South District) में सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल पहले से ही काफी व्यस्त है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहले अनुमति इसलिए नहीं दी गई थी, क्योंकि आयोजकों द्वारा की गई व्यवस्थाएं पुलिस की जरूरतों के अनुरूप नहीं थीं. मौजूदा त्योहारी सीजन भी एक चिंता का विषय था. शहर भर के बाजारों में पहले से ही भारी भीड़ है, जिससे पुलिस बल की तैनाती पर और दबाव पड़ रहा है. अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने आयोजकों से कॉन्सर्ट की तारीख बदलने पर विचार करने का भी अनुरोध किया था, लेकिन दोसांझ की पहले से तय प्रतिबद्धताओं के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोसांझ को कथित तौर पर खालिस्तानी अलगाववादी समूहों से धमकियां मिली थीं, जिसकी जानकारी उन्होंने पुलिस को दी थी. इस साल मई में करनाल में दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप सिंह कांग के घर के बाहर गोलियां चलाई गई थीं. लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कथित तौर पर इसकी जिम्मेदारी ली थी. इस बीच, शुक्रवार को दोसांझ को एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. यह गायक 27 नवंबर को मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स में परफॉर्म करने वाले हैं. ईमेल में मुंबई कॉन्सर्ट के दौरान आत्मघाती हमले की बात कही गई है.
पुलिस ने आयोजकों से कहा है कि वे निजी वाहनों से आने वाले लोगों के लिए आस-पास की पार्किंग जगहों को बुक कर लें. यह सुझाव दिया गया है कि पैदल चलने वालों के लिए अलग रास्ते बनाए जाएं और महत्वपूर्ण जगहों पर सहायता केंद्र (हेल्प कियोस्क) लगाए जाएं, ताकि कॉन्सर्ट में आने वाले लोग अपने तय गेट तक आसानी से पहुंच सकें और उन्हें कोई ज्यादा परेशानी न हो. खासकर तब, जब लोगों के आने-जाने की सबसे ज्यादा भीड़ होती है.
पुलिस की प्लानिंग यह भी है कि कार्यक्रम स्थल के आस-पास 500-700 मीटर के दायरे को 'सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए' (पेडस्ट्रियन-ओनली) और 'नो-कार जोन' घोषित कर दिया जाए. अधिकारियों ने बताया कि इस प्रतिबंधित इलाके में केवल कलाकारों के वाहनों और कार्यक्रम से जुड़े अधिकृत लोगों के वाहनों को ही जाने की अनुमति होगी.