नहीं रहे CID के निर्माता-निर्देशक बीपी सिंह, 77 की उम्र में हार्ट अटैक से निधन; टीवी जगत में शोक की लहर
टीवी के मशहूर क्राइम शो CID के निर्माता-निर्देशक बीपी सिंह का 77 साल की उम्र में निधन हो गया है. बताया जा रहा है की उन्हें बड़े हार्ट अटैक के बाद जान गंवानी पड़ी. उनके निधन की खबर से टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है. उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा.
मशहूर क्राइम सीरीज 'CID' के निर्माता-निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह (BP सिंह) का मंगलवार को 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि सुबह उन्हें दिल का हार्ट अटैक पड़ा, जिसके बाद उनका निधन हो गया. उन्होंने BP सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक बेहतरीन फिल्म निर्माता बताया, जिनके काम ने भारतीय टेलीविजन पर एक गहरी छाप छोड़ी है.
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर बीपी सिंह की तस्वीर शेयर कर लिखा, 'आज सुबह तड़के दिल का दौरा पड़ने से दिग्गज निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ. वह एक शानदार फिल्मकार थे, जिन्होंने अपने क्राइम शो 'सीआईडी' और हॉरर शो 'आहट' के जरिए पूरे देश के दर्शकों को बांधे रखा. उनका काम आज भी प्रेरणा देता है और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा.'
उन्होंने आगे लिखा, 'मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि जब वह भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन निर्देशक संघ के अध्यक्ष थे, तब मैं उनके बेहद करीबी सहयोगियों में से एक था. वह एक बेहतरीन इंसान और मेरे प्रिय मित्र थे. मनोरंजन जगत में उनके योगदान के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. उनके परिवार और करीबियों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं. उनका अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को किया जाएगा. इसकी विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी.'
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बीपी सिंह के बारे में
बता दें कि बी.पी. सिंह का पूरा नाम बृजेंद्रपाल सिंह था. उनका जन्म उत्तराखंड के देहरादून में हुआ था. उन्होंने साल 1973 में दूरदर्शन के साथ समाचार कैमरामैन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की. करीब दस साल तक कैमरे के पीछे काम करने के बाद वह मुंबई आ गए और धीरे-धीरे निर्देशन-निर्माण की दुनिया में अपनी पहचान बनाई.
उनके करियर का एक अहम पड़ाव दूरदर्शन के लिए बनाई गई टेलीफिल्म 'सिर्फ चार दिन' थी. इस फिल्म की तैयारी के दौरान वह पुलिस की अपराध शाखा में जाने लगे. इसी दौरान उनकी मुलाकात निरीक्षक जयंत वागले से हुई. पुलिस की जांच-पड़ताल और अपराधों को सुलझाने की प्रक्रिया में उनकी दिलचस्पी बढ़ी और आगे चलकर उन्होंने 'सीआईडी' बनाया.
बीपी सिंह का करियर
साल 1998 में शुरू हुए 'सीआईडी' ने बी.पी. सिंह को भारतीय टेलीविजन के सबसे पहचाने जाने वाले निर्माताओं में शामिल कर दिया. बी.पी. सिंह ने 'सीआईडी' से पहले साल 1995 में प्रसारित हुए डर और रहस्य पर आधारित धारावाहिक 'आहट' के निर्माण और निर्देशन में भी अहम भूमिका निभाई. यह डरावनी कहानियों के चलते लंबे समय तक लोकप्रिय रहा.
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उन्होंने दूरदर्शन के धारावाहिक 'एक शून्य शून्य' का निर्माण भी किया. इसके अलावा, वह 'सीआईडी: स्पेशल ब्यूरो', 'अचानक 37 साल बाद', 'रात होने को है', 'जिंदगी बदल सकता है हादसा', 'गुटुर गू', 'सूर्य द सुपर कॉप', 'हम ने ली है शपथ', 'सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन' और 'दिव्य दृष्टि' जैसे शोज से भी जुड़े रहे.