जब जेफ्री आर्चर ने बॉलीवुड को बताया 'चोरों का झुंड', फिल्मों के लिए बेस्टसेलर की कहानियां चुराने का लगाया था आरोप
मशहूर ब्रिटिश लेखक जेफ्री आर्चर ने एक समय बॉलीवुड पर अपनी बेस्टसेलर किताबों की कहानियां कथित तौर पर इस्तेमाल करने को लेकर नाराजगी जताई थी. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे ‘चोरों का झुंड’ तक कहा था.
अपनी कई बेस्टसेलिंग नॉवेल के लिए मशहूर ब्रिटिश राइटर जेफरी आर्चर का सोमवार को 86 साल की उम्र में निधन हो गया. अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन कंपनी 'हार्परकॉलिन्स' ने बताया कि आर्चर ने सोमवार को अपने घर पर अंतिम सांस ली. आर्चर के निधन की खबर उनके अंतिम उपन्यास 'एडम एंड ईव' के वैश्विक विमोचन से ठीक एक दिन पहले आई. इसे 50 साल के पब्लिशिंग करियर के बाद उनका आखिरी नॉवेल माना जा रहा है.
यूं तो वह भारतीय लेखक आरके नारायण के फैन थे, लेकिन फिर भी भारत और खासकर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के साथ उनका रिश्ता प्यार और नफरत से भरा था. साल 2015 में आर्चर ने एक इंटरव्यू में आरोप लगाया था, 'जरा अपने बॉलीवुड को तो देखिए, इन चोरों ने बिना मेरी इजाजत के मेरी कई किताबें चुराई हैं. 'लेडीज़ वर्सेस रिकी बहल' और 'खुदगर्ज' जैसी कई फिल्मों का जिक्र किया.
आर्चर ने बॉलीवुड को बताया था 'चोरों का झुंड'
उन्होंने कहा कि भले ही कई हॉलीवुड कपनियां इस किताब के राइट्स चाहती थीं, लेकिन वह एक भारतीय पार्टनर की भी तलाश में थे. उन्होंने हंसते हुए कहा था, 'और इसका मतलब कोई ऐसा घटिया बॉलीवुडिया बेवकूफ नहीं है जो खुद को बॉलीवुड का स्टार प्रोड्यूसर बताता फिरे. बल्कि में वह ऐसा न हो! यह सच है! मैं क्या कहूं? भारत में मेरा अनुभव कई बार ऐसा ही रहा है.'
जेफरी ने दावा किया था कि उनके नॉवेल 'नॉट अ पेनी मोर, नॉट अ पेनी लेस' पर रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म 'लेडीज वर्सेस रिकी बहल' और 'केन एंड एबेल' पर 'खुदगर्ज' फिल्म उनकी इजाजत के बिना बनाई गई. 'द क्लिफ्टन क्रॉनिकल्स' सीरीज की पांचवीं किताब 'माइटीयर दैन द स्वोर्ड' के प्रमोशन के लिए तब भारत आए आर्चर ने कहा था, 'स्वाभाविक है कि मैं इस बात से नाराज हूं कि बॉलीवुड प्रोड्यूसर मेरा काम चुराते हैं और कोई मुआवजा देने की कोशिश भी नहीं करते. यह बहुत निराशाजनक है कि भारत सरकार उन्हें ऐसा करने देती है. उन्हें लंदन में कर्टिस ब्राउन में मेरे एजेंट जोनाथन लॉयड से संपर्क करना चाहिए.'
86 साल की उम्र में जेफ्री आर्चर का निधन
बता दें कि लगभग पांच दशक लंबे अपने राइटिंग करियर के दौरान उन्होंने गलत इन्वेस्ट से हुए भारी नुकसान से खुद को उबारा. उनका पहला नावेल 'नॉट अ पेनी मोर, नॉट अ पेनी लेस' 1976 में प्रकाशित हुआ था. हार्परकॉलिन्स के मुताबिक, जेफ्री आर्चर की किताबें ब्रिटेन की ‘संडे टाइम्स’ की सर्वाधिक बिकने वाली किताबों की लिस्ट में 14 वर्ष और पांच महीने और 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की सर्वाधिक बिकने वाली किताबों की लिस्ट में पांच साल से ज्यादा तक रहीं.
वहीं, साल 1992 में प्रधानमंत्री जॉन मेजर ने जेफरी को 'हाउस ऑफ लॉर्ड्स' के लिए मनोनीत किया. लेकिन फिर साल 2001 में झूठी गवाही देने के मामले में जेल जाने से कुछ समय पहले उन्हें पार्टी से निकाल दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्चर के परिवार में उनकी पत्नी डेम मैरी आर्चर, दो बेटे और पांच पोते-पोतियां हैं.