मुन्ना भाई 3 या हेरा फेरी 3 बनेगी या नहीं? प्रियदर्शन और बोमन ईरानी का बेबाक इंटरव्यू, शेयर किया लाइफ का सबसे क्रेजी किस्सा
फिल्म हैवान के प्रमोशन पर प्रियदर्शन और बोमन ईरानी ने अक्षय कुमार के टेलीप्रॉम्प्टर विवाद से लेकर हेरा फेरी 3 और मुन्ना भाई 3 तक हर मुद्दे पर खुलकर बात की. जानिए इस खास इंटरव्यू में बॉलीवुड के दो दिग्गजों ने क्या-क्या बड़े खुलासे किए.
Boman Irani And Priyardarshan Interview: बॉलीवुड में जब भी कल्ट कॉमेडी फिल्मों की बात होती है तो प्रियदर्शन और बोमन ईरानी का नाम सबसे पहले आता है. हाल ही में इनकी नई फिल्म 'हैवान' आने वाली है और इसी सिलसिले में जी न्यूज ने इन दोनों दिग्गजों से एक बहुत ही खास और बेबाक बातचीत की. इस इंटरव्यू में कोई फिल्टर नहीं था, सिर्फ सीधी और सच्ची बातें थीं. अक्षय कुमार के टेलीप्रॉम्प्टर इस्तेमाल करने वाले विवाद से लेकर हेरा फेरी 3 और मुन्ना भाई 3 जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर प्रियदर्शन और बोमन ईरानी ने ऐसे-ऐसे खुलासे किए जिन्हें सुनकर हर मूवी लवर का दिल खुश हो जाएगा. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि पर्दे के पीछे का असली सच क्या है तो यह पूरी बातचीत आपके लिए ही है.
रिपोर्टर: बॉलीवुड के मैवरिक फिल्ममेकर प्रियदर्शन सर और एक्टर बोमन ईरानी सर, ये दोनों अपनी नई फिल्म 'हैवान' के लिए हमारे साथ जुड़े हैं. बोमन सर, अगर मैं गलत नहीं हूं तो प्रियदर्शन सर के साथ यह आपकी पहली फिल्म है.
बोमन ईरानी: नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है. इससे पहले मैंने इनके साथ 'तेज' फिल्म में काम किया था. लगभग 10 साल का गैप. या शायद उससे भी ज्यादा का टाइम हो गया है.
रिपोर्टर: प्रियदर्शन सर की फिल्मों का जो स्टाइल हम देखते हैं, वह बहुत ही मैडकैप और फुल एंटरटेनिंग होता है. एक एक्टर के तौर पर आपका क्या एक्सपीरियंस रहा?
बोमन ईरानी: आपको लगता है कि वह सिर्फ मैडकैप है. प्रियदर्शन सर की 98 फिल्मों में से सिर्फ 20 या 25 फिल्में ही मैडकैप कॉमेडी होंगी. बाकी उनके काम में बहुत वेराइटी है. उन्होंने थ्रिलर, फैंटेसी और हर तरह के जॉनर में फिल्में बनाई हैं. वे जहां जाना चाहते हैं उन्हें जाने देना चाहिए. डायरेक्टर का मूड दर्शकों के मूड से ज्यादा इम्पॉर्टेंट होता है.
रिपोर्टर: आपने इतने सारे डायरेक्टर्स के साथ काम किया है. प्रियदर्शन सर में ऐसी क्या खास बात है जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है? जैसे अक्षय कुमार कहते हैं कि पूरा सीन सर के दिमाग में पहले से फिक्स होता है.
बोमन ईरानी: उनके काम, सोच और हर तरह की कहानी सुनाने के तरीके में बहुत वैराइटी है. थ्रिलर हो या फैंटेसी, वे हर तरह की दुनिया में चले जाते हैं. और उन्हें अपनी पसंद की जगह जाने की आजादी मिलनी चाहिए जो उनका मूड हो, न कि जो दर्शकों का मूड हो. डायरेक्टर का मूड ज्यादा जरूरी होता है. प्रियदर्शन सर के साथ काम करना एक्टर्स के लिए बहुत आसान हो जाता है. वे आपको सीन का सही फील समझा देते हैं. उनके साथ काम करते समय आपको सिर्फ अपने कैरेक्टर पर फोकस करना होता है. बाकी चीजों की टेंशन नहीं लेनी होती. आप बस अपना काम करो, लाइनें बोलो और घर जाओ. इसके अलावा वे साउथ के सुपरस्टार मोहनलाल के साथ अपनी 100वीं फिल्म कर रहे हैं, जिन्होंने उनके साथ ही अपना करियर शुरू किया था. यह अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. उनके साथ काम करना एक शानदार एक्सपीरियंस है.
रिपोर्टर: बोमन सर, कॉमेडी करना बहुत मुश्किल माना जाता है. क्या आपको लगता है कि कॉमेडी फिल्मों और कॉमेडियंस को इंडस्ट्री में वह रिस्पेक्ट और अवॉर्ड्स नहीं मिलते जिसके वे हकदार हैं.
बोमन ईरानी: यह सिर्फ इंडिया में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में होता है. ऑस्कर के इतिहास में भी बहुत कम एक्टर्स को कॉमेडी के लिए अवॉर्ड मिला है. लोग सीरियस या डार्क रोल्स को ज्यादा तवज्जो देते हैं. लेकिन हंसाने वाले कलाकारों को अवॉर्ड्स की चिंता नहीं होती. जब ऑडियंस थिएटर से हंसते हुए बाहर निकलती है, वही हमारा असली इनाम होता है. जो हंसाने की जबरदस्ती कोशिश करता है वह कभी हंसा नहीं पाता. सिचुएशन सच्ची होनी चाहिए.
प्रियदर्शन: मैं बोमन की बात से बिल्कुल सहमत हूं. कॉमेडी करना सबसे मुश्किल काम है. एक कंप्लीट एक्टर ही सही मायनों में लोगों को हंसा सकता है. अमिताभ बच्चन और मोहनलाल जैसे महान एक्टर्स इसके सबसे बड़े एग्जांपल हैं. जो आपको हंसा सकता है वह आपको बहुत आसानी से रुला भी सकता है.
रिपोर्टर: बोमन सर, 'लगे रहो मुन्ना भाई' का लकी सिंह आज भी सबका फेवरेट है. हम सब यूथ चाहते हैं कि मुन्ना भाई 3 बने. क्या आप लोगों के बीच कभी इसकी बात होती है.
बोमन ईरानी: 'लगे रहो मुन्ना भाई' बहुत ही शानदार फिल्म बनी थी. डायरेक्टर राजकुमार हिरानी कोई भी फिल्म जल्दबाजी में या सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं बनाते. जब तक उनके पास एक परफेक्ट और सॉलिड कहानी नहीं होगी, वे मुन्ना भाई 3 नहीं बनाएंगे. अगर कहानी अच्छी होगी तो जरूर बनेगी. लेकिन अगर नहीं भी बनती है तो पुरानी फिल्मों की यादें ही इतनी खूबसूरत हैं कि वही काफी हैं. वैसे हम 'खोसला का घोसला 2' पर काम कर रहे हैं क्योंकि उसकी स्क्रिप्ट बहुत कमाल की है.
प्रियदर्शन: 'लगे रहो मुन्ना भाई' बॉलीवुड की सबसे बेस्ट सीक्वल फिल्मों में से एक है जो पहली फिल्म से भी ज्यादा बेहतरीन बनी थी.
रिपोर्टर: प्रियदर्शन सर, 'वेलकम 3' और दूसरी सीक्वल फिल्मों का ट्रेंड चल रहा है. क्या आप 'हेरा फेरी 3' को डायरेक्ट करने के बारे में दोबारा सोच रहे हैं?
प्रियदर्शन: मैं सीक्वल्स बनाने पर विश्वास नहीं रखता हूं. मेरी फिल्मों के जितने भी सीक्वल बने हैं, वे हमेशा किसी दूसरे डायरेक्टर ने बनाए हैं. मुझे 'भागम भाग' का सीक्वल बनाने का भी ऑफर मिला था लेकिन मैंने मना कर दिया. मैं एक ही चीज बार-बार करके बोर नहीं होना चाहता. मैंने जब हेरा फेरी बनाई थी तो सिर्फ एक अच्छी फिल्म बनाने की सोच के साथ बनाई थी, न कि कोई फ्रैंचाइजी शुरू करने के लिए.
रिपोर्टर: सर, अक्षय कुमार के साथ आप दोनों ने बहुत काम किया है. लेकिन जब सोशल मीडिया पर लोग अक्षय कुमार को ट्रोल करते हैं कि वे टेलीप्रॉम्प्टर देखकर डायलॉग बोलते हैं, तो इस पर आपका क्या कहना है?
प्रियदर्शन: आज के समय में सोशल मीडिया पर लोग किसी भी चीज पर क्रिटिसाइज कर सकते हैं. पहले लोग चाय की दुकान पर बैठकर बातें करते थे, अब इंटरनेट पर करते हैं. हमें इन बातों को इग्नोर करना चाहिए. जब तक जनता आपको पसंद कर रही है और आप स्क्रीन पर हिट हैं, तब तक कोई फर्क नहीं पड़ता.
बोमन ईरानी: मेरा मानना बहुत सिंपल है. ऑडियंस को सिर्फ स्क्रीन पर दिखने वाली परफॉर्मेंस से मतलब होना चाहिए. पीछे एक्टर टेलीप्रॉम्प्टर यूज कर रहा है या स्टिकर लगा रहा है, उससे किसी को क्या लेना-देना. अगर आपको किसी ने यह नहीं बताया होता कि टेलीप्रॉम्प्टर यूज हुआ है तो आप उसी सीन को देखकर ताली बजाते. इसलिए काम को देखो, बेवजह की कमियां मत निकालो. अगर परफॉर्मेंस अच्छी लगी तो उसकी तारीफ करो.