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बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर नितेश तिवारी की नई फिल्म ‘रामायण’ को लेकर लोगों में गजब का क्रेज देखने को मिल रहा है. हर कोई इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. नितेश तिवारी ने हमारी इस पुरानी और जानी-पहचानी कहानी को एकदम नए अंदाज और कमाल की मॉर्डन टेक्निक के साथ पर्दे पर उतारा है. फिल्म में इस्तेमाल किए गए विजुअल इफेक्ट्स इंटरनेशनल लेवल के हैं, जो देखने में बेहद शानदार लगते हैं. कहानी को सिर्फ शानदार ही नहीं बनाया गया, बल्कि इसमें जज्बातों का भी पूरा ध्यान रखा गया. इसे आज तक की सबसे बड़ी और खास फिल्मों में गिना जा रहा है.
ये फिल्म लोगों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ जबरदस्त सिनेमैटिक एक्सपीरियंस भी देती है. इस बेहतरीन फिल्म में दिग्गज एक्टर अनुपम खेर ने एक बहुत खास और यादगार रोल निभाया है. उन्होंने पक्षीराज जटायु के किरदार को अपनी दमदार आवाज देकर पर्दे पर जिंदा कर दिया. इसके अलावा उन्होंने फिल्म की शुरुआत में नरेशन भी किया है. जब रावण माता सीता को जबरन उठाकर ले जाता है, उस वक्त जटायु की बहादुरी, उनकी लड़ाई और उनका बलिदान देखकर ऑडियंस के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. अनुपम खेर के इस किरदार और आवाज ने थिएटर में बैठी ऑडियंस की आंखें नम कर दीं.
अभी-अभी स्टॉकहोम के एक खचाखच भरे हॉल में करीब पाँच सौ लोगों के साथ रामायण देखकर लौटा हूँ। मन प्रफुल्लित है। खुश हूँ। और गर्व से भरा हुआ हूँ कि हमारे भारत में ऐसी अद्भुत फिल्म बनी है! इस बात का भी सौभाग्य और गर्व है कि जटायु की भूमिका में और इस फ़िल्म के शुरू के नैरेशन के ज़रिए मैं इस फिल्म का एक हिस्सा हूँ। 🙏🏻 मेरे लिए यह भारतीय सिनेमा के इतिहास की बेहतरीन फिल्मों में से एक है। और दृश्यात्मक रूप से इतनी शानदार फिल्म मैंने आज तक नहीं देखी। सच में नहीं देखी!❤️ फिल्म खत्म हुई तो हॉल तालियों से गूँज उठा। लोग “जय श्री राम” के जयकारे लगा रहे थे। स्टॉकहोम में बैठकर उस उत्साह और उस भाव को महसूस करना अपने आप में एक अविस्मरणीय अनुभव था।इस साढ़े सात मिनट के वीडियो में उसी अनुभव को आपसे बाँट रहा हूँ। इसे मेरा रिव्यू कहने की जगह दिल से निकली प्रशंसा कहिए! जो महसूस किया, वही कहा है। बाकी आप सुन लीजिए। ❤️ इस फिल्म से जुड़े हर कलाकार, हर तकनीशियन और पूरी टीम को हृदय से बधाई! आपने गर्व करने का एक अद्भुत अवसर दिया है। जय श्री राम! जय हिंद! 🚩🇮🇳❤️ @malhotra_namit @WorldOfRamayana
— Anupam Kher (@AnupamPKher) November 5, 2026
हाल ही में अनुपम खेर ने स्वीडन के शहर स्टॉकहोम के एक सिनेमाघर में करीब 500 लोगों के साथ बैठकर ये फिल्म देखी. पूरा थिएटर खचाखच भरा था और वहां भारतीय लोगों के अलावा कई विदेशी लोग भी मौजूद थे. फिल्म जैसे ही खत्म हुई, पूरा हॉल तालियों और नारों की गूंज से भर गया. सिनेमाघर से बाहर आने के बाद अनुपम काफी इमोशनल नजर आए. इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, ‘ये देखकर मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है कि हमारे अपने देश ने इतनी शानदार और बेमिसाल फिल्म बनाई है, जिसने विदेशियों का भी दिल जीत लिया’.
अनुपम खेर ने फिल्म के एक्टर्स की दिल खोलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर ने भगवान श्री राम के रोल में गजब की सादगी और गहराई दिखाई है. हालांकि, लोगों के जेहन में आज भी अरुण गोविल की पुरानी इमेज बसी है, लेकिन फिर भी रणबीर ने अपने शांत और शालीन अंदाज से इस किरदार में एक नई जान फूंक दी. इसके अलावा रावण के किरदार में रॉकिंग स्टार यश के काम को सराहते हुए उन्होंने कहा कि पूरे 3 घंटे तक पर्दे पर जिस तरह का डर, जोश और दम यश ने बनाए रखा, वो सच में हैरान कर देने वाला है. उन्होंने पर्दे पर अपनी जबरदस्त मौजूदगी से सबको चौंका दिया.
#Ramayana 💥🔥 https://t.co/NuJHQWRurE
— Let's X OTT GLOBAL (@LetsXOtt) November 5, 2026
अनुपम खेर ने माता सीता के रोल में साई पल्लवी के काम की जमकर तारीफ की है. उनका कहना है कि साई पल्लवी सिर्फ शांत और खूबसूरत ही नहीं लगीं, बल्कि उन्होंने एक निडर और ताकतवर योद्धा का रूप भी पर्दे पर बखूबी दिखाया. वहीं, फिल्म के आखिरी हिस्से में जब हनुमान जी के किरदार में सनी देओल पर्दे पर आते हैं, तो पूरा थिएटर सीटियों और तालियों से गूंज उठता है. जैसे ही बैकग्राउंड में ‘जय हनुमान ज्ञान गुन सागर’ बजना शुरू होता है, हॉल में बैठे लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं और हर कोई खुशी से झूमने लगता है. सच में यह सीन दर्शकों के लिए एकदम पैसा वसूल साबित होता है.
फिल्म के शानदार सीन्स, स्पेशल इफेक्ट्स, एआर रहमान और हैंस जिमर के कमाल के म्यूजिक की तारीफ करते हुए अनुपम खेर ने इसे बीते 100 सालों की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनाया है. उन्होंने दिल खोलकर बात करते हुए बताया कि फिल्म देखते वक्त वो दो-तीन बार अपने आंसू नहीं रोक पाए और बुरी तरह रो पड़े. अनुपम खेर ने हर हिंदुस्तानी से गुजारिश की है कि वो इस फिल्म को सिर्फ धर्म या आस्था के नजरिए से न देखें. इसे भारत की मॉडर्न तकनीक, टीम की कड़ी मेहनत और लाजवाब सिनेमाई हुनर को महसूस करने के लिए जरूर देखना चाहिए. उनका मानना है कि ये फिल्म दिल को छू जाती है.