संभालना हो गया था मुश्किल: राजेश खन्ना के घमंड और शराब ने कैसे बर्बाद किया उनका करियर? म्यूजिक कंपोजर का सबसे बड़ा खुलासा
मशहूर संगीतकार आनंदजी ने राजेश खन्ना के रवैये, शराब की लत और उनके डाउनफॉल को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. जानिए कैसे सफलता मिलने के बाद बदल गए थे बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार.
Rajesh Khanna Alcohol Addiction: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का दौर ऐसा था जब लोग उनके नाम के दीवाने थे. दिग्गज संगीतकार आनंदजी विरजी शाह ने हाल ही में राजेश खन्ना को लेकर कई हैरान कर देने वाले खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि कैसे स्टारडम के बाद राजेश खन्ना बदल गए थे, उन्हें शराब की लत लग गई थी और कैसे उनका एटीट्यूड ही उनके डाउनफॉल की वजह बना.
मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर आनंदजी ने विक्की लालवानी के पॉडकास्ट पर बात करते हुए पुराने दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि फिल्म 'राज' के समय उन्होंने राजेश खन्ना को काफी प्रमोट किया था. कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी ने ही कई प्रोड्यूसर्स से राजेश खन्ना की सिफारिश की थी. फिल्म 'सच्चा झूठा' के लिए भी उन्होंने ही मेकर्स को मनाया था कि यह लड़का ऑडियंस को पसंद आएगा. कल्याणजी भाई ज्योतिष जानते थे, इसलिए लोग उनकी सलाह मानते थे. लेकिन जब वही लड़का स्टार बन गया, तो उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया.
अमिताभ और राजेश के एटीट्यूड में फर्क
आनंदजी ने बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की तारीफ करते हुए राजेश खन्ना से उनकी तुलना की. उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन इतने बड़े स्टार बनने के बाद भी हमेशा एक स्टूडेंट की तरह ही रहे. अमिताभ कभी भी अपने डायरेक्टर्स से बहस नहीं करते थे और हमेशा जमीन से जुड़े रहते थे. इसके उलट राजेश खन्ना जब बड़े स्टार बने, तो उनके तेवर ही बदल गए. जो इंसान पहले आनंदजी को 'सर' कहकर बुलाता था, वह बाद में यह उम्मीद करने लगा कि जब भी वह कमरे या सेट पर आए, तो सब खड़े होकर उसे सम्मान दें.
शराब की बुरी लत और सेट पर नखरे
दिग्गज संगीतकार ने दावा किया कि सफलता के साथ-साथ राजेश खन्ना को शराब की बहुत बुरी लत लग गई थी. वे बहुत ज्यादा ड्रिंक करने लगे थे और उनके साथ काम करना मुश्किल होता जा रहा था. आनंदजी ने साल 1972 की फिल्म 'जोरू का गुलाम' का एक वाकया शेयर किया. उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना पहले तो गाना रिकॉर्ड करने आए, लेकिन जब सेट पर शूटिंग की बारी आई तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया कि वे इस गाने की शूटिंग नहीं करेंगे. इस पर आनंदजी काफी नाराज हुए और उन्होंने साफ कह दिया कि अगर शूटिंग नहीं करनी तो मत करो, इसे फिल्म से काट दो.
डायरेक्शन में फालतू दखल
एक और घटना का जिक्र करते हुए आनंदजी ने बताया कि फिल्म 'दुश्मन' के दौरान राजेश खन्ना ने उन्हें गाना सुनाने के लिए बुलाया. वहां आकर उन्होंने बस एक सीटी बजाई और चले गए. आनंदजी काफी कंफ्यूज हो गए. उन्होंने कहा कि राजेश खन्ना को डायरेक्शन की क्या समझ? गाने तो कहानी की जरूरत के हिसाब से ही डाले जाएंगे. आनंदजी को समझ आ गया था कि सफलता अब राजेश खन्ना के सिर पर चढ़कर बोल रही है और उनका अच्छा समय अब खत्म होने वाला है.
"तुम्हारा दौर अब खत्म हो चुका है"
आनंदजी ने राजेश खन्ना को सीधे मुंह पर बोल दिया था कि अब तुम्हारा प्राइम टाइम चला गया है. जब इंसान खुद को सब कुछ समझने लगता है, तो समझो उसके बुरे दिन शुरू हो गए हैं. उन्होंने राजेश खन्ना से कहा था कि सेट पर सभी को अपना काम करने देना चाहिए और हमेशा जमीन से जुड़कर रहना चाहिए.
डाउनफॉल के बाद की मुलाकात
कुछ सालों बाद जब राजेश खन्ना का डाउनफॉल शुरू हुआ और उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगीं, तब उनकी मुलाकात फिर से आनंदजी से हुई. उस वक्त राजेश खन्ना ने पूछा कि 'आनंदजी, क्या अब आपका गुस्सा शांत हुआ?' इस पर आनंदजी ने बहुत शांति से जवाब दिया कि 'जिस वजह से मुझे गुस्सा आया था, वो तो अब हो चुका है. अब गुस्सा करने का कोई फायदा नहीं है.' आनंदजी के मुताबिक, वे राजेश खन्ना को अपने बच्चे की तरह मानते थे, लेकिन एटीट्यूड और शराब ने उनका करियर खराब कर दिया.