खत्म हुआ हिंदी सिनेमा का एक और अध्याय: 75 की उम्र में नाना पाटेकर का निधन, 45 मिनट तक CPR देते रहे डॉक्टर; मगर बॉडी में नहीं हुई कोई हरकत
Nana Patekar Passes Away: हिंदी सिनेमा से एक बड़ी ही चौंका देने वाली खबर सामने आ रही है. फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो चुका है. उन्होंने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया है. इस खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है. उनके फैंस के बीच गम का माहौल बना हुआ है.
हिंदी सिनेमा जगत से बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली खबर आ रही गै. अपनी बेमिसाल अदाकारी और अनोखे डायलॉग डिलीवरी के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके जाने की इस अचानक खबर ने पूरे फिल्म जगत और करोड़ों फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया. हर कोई इस अनहोनी से बेहद हैरान और दुखी है. सोशल मीडिया पर फैंस और जानी-मानी हस्तियां उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रही हैं. सिनेमा के पर्दे पर अपनी बुलंद आवाज से जान फूंक देने वाले इस महान कलाकार का यूं चले जाना फिल्म जगत के लिए कभी न पूरा होने वाला भारी नुकसान है.
सुबह के समय गोवा स्थित उनके फ्लैट पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया. उन्हें सीने में बहुत तेज दर्द महसूस हुआ था, जिसके बाद तुरंत मेडिकल टीम को उनके आवास पर बुलाया गया. जब डॉक्टर वहां पहुंचे तो वे बेहोशी की हालत में मिले. डॉक्टरों ने मौके पर ही उन्हें कार्डियक मसाज दी और बिना देरी किए गोवा के मणिपाल अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही. सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर डॉक्टरों की टीम ने उन्हें ऑफिशियल तौर से मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल का ऑफिशियल बयान और जांच प्रोसेस
मणिपाल अस्पताल के ओंकोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉक्टर शेखर सालकर ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अभिनेता को बचाने के लिए मेडिकल टीम ने लगातार 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई और उन्हें बचाया नहीं जा सका. अस्पताल प्रशासन ने सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित किया. डॉक्टर शेखर सालकर ने आगे बताया कि ये एक मेडिको-लीगल मामला यानी MLC बनता है, जिसके चलते नियम के तहत उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा. अस्पताल से आई इस ऑफिशियल पुष्टि के बाद से पूरे देश में गमगीन माहौल बना हुआ है.
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शुरुआती संघर्ष और राष्ट्रीय पुरस्कार का गौरव
नाना पाटेकर ने बड़े पर्दे पर अपनी शानदार पारी की शुरुआत साल 1978 में आई हिंदी फिल्म ‘गमन’ से की थी. इसके बाद उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर हिंदी के साथ-साथ मराठी और साउथ सिनेमा में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी. फिल्म डेटाबेस के मुताबिक, उन्होंने अपने लंबे फिल्मी सफर में 65 से ज्यादा यादगार फिल्मों में बेहतरीन काम किया. फिल्म ‘परिंदा’ में उनके जबरदस्त किरदार ने उन्हें रातों-रात एक बड़ा स्टार बना दिया था. वहीं, फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में उनके बेजोड़ और असरदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था.
हर तरह के किरदारों में दिखाई अपना दमदार टैलेंट
उनका अभिनय हमेशा ऑडियंस के जेहन में जिंदा रहेगा. नाना पाटेकर ने अपने चार दशक से भी लंबे करियर में हर तरह के किरदार निभाकर ऑडियंस का दिल जीता. चाहे गंभीर किरदार हों, एक्शन से भरे रोल हों, कॉमेडी हो या फिर नेगेटिव रोल्स, उन्होंने हर किरदार में खुद को पूरी तरह साबित किया. उनकी बड़ी फिल्मों में ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘यशवंत’, ‘गुलाम-ए-मुस्तफा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’, ‘टैक्सी नंबर 9211’, ‘वेलकम’, ‘राजनीति’, ‘वेलकम बैक’ और मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ हमेशा याद की जाएंगी. फिल्म ‘वेलकम’ में उनके उदय शेट्टी के मजाकिया अंदाज ने सबको हंसाया, तो ‘नटसम्राट’ में उनके इमोशनल अभिनय ने हर किसी की आंखें नम कर दी थीं.
जिंदगी के आखिरी पलों तक जारी रहा फिल्मों का सफर
नाना पाटेकर उम्र के इस पड़ाव पर भी सिनेमा से पूरी तरह जुड़े रहे और लगातार बेहतरीन काम करते रहे. साल 2023 में उन्होंने ‘द वैक्सीन वॉर’ में साइंटिस्ट के किरदार को बहुत ही शानदार ढंग से निभाया था. इसके बाद साल 2024 में वे फैमिली फिल्म ‘वनवास’ में नजर आए और साल 2025 में कॉमेडी फिल्म ‘हाउसफुल 5’ में नजर आए. साल 2026 में रिलीज हुई उनकी फिल्मों में ‘ओ रोमियो’ और ‘सूबेदार’ शामिल हैं, जिन्हें उनके हालिया काम के रूप में देखा जा रहा है. कैमरे के सामने जिंदगी के आखिरी दौर तक एक्टिव रहने वाले इस महान कलाकार की कमी हमेशा खलती रहेगी.