World Teacher Day 2026: शिक्षकों पर बढ़ा डिजिटल और क्लाइमेट चेंज का दबाव, UNESCO बदलने जा रहा है 60 साल पुराने अंतरराष्ट्रीय नियम!
World Teacher Day 2026: UNESCO ने विश्व शिक्षक दिवस के मौके पर थीम की घोषणा की है और 60 साल पहले के नियम में संशोधन करने की बात रखी है. आइए जानते हैं 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?
World Teacher Day 2026: 'शिक्षकों के साथ खड़े होना: इस पेशे की सुरक्षा, इसके दर्जे को बढ़ाने और हमारे भविष्य को आकार देने के 60 साल.' ये इस साल की थीम है जिसकी घोषणा UNESCO ने विश्व शिक्षक दिवस के मौके पर की है. हर साल 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने के पीछे की मुख्य वजह शिक्षा में शिक्षकों की भूमिका को पहचानने और उनकी कार्य-स्थितियों की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करना है.
इस साल 2026 में शिक्षकों के अधिकारों से जुड़ी 1966 की ऐतिहासिक ILO-UNESCO सिफारिश के 60 साल पूरे हो रहे हैं. UNESCO द्वारा 60 साल पुराने अंतरराष्ट्रीय नियम में बदलाव करने की उम्मीद की जा रही है.
क्यों 5 अक्टूबर को मनाया जाता है विश्व शिक्षक दिवस?
5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक खास ऐतिहासिक कारण है. दरअसल, 5 अक्टूबर 1966 को अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सहयोग से UNESCO द्वारा आयोजित एक स्पेशल अंतर-सरकारी सम्मेलन में 'शिक्षकों की स्थिति' को लेकर एक महत्वपूर्ण सिफारिश अपनाई गई थी. इस सिफारिश के तहत शिक्षकों के अधिकारों, जिम्मेदारियों, प्रारंभिक तैयारी, उच्च शिक्षा, भर्ती, रोजगार और पठन-पाठन की अनुकूल स्थितियों के लिए वैश्विक मानक तय किए गए थे. इसी ऐतिहासिक कदम की याद में हर साल 5 अक्टूबर को ये दिन मनाया जाता है.
60 साल के नियमों में होगा बदलाव
यूनेस्को की ओर से 60 साल पहले यानी 1966 में हुए सिफारिश को संशोधित किया जा रहा है. संगठन का कहना है कि शिक्षकों पर डिजिटल टेक्नोलॉजी, मौसम में बदलाव, माइग्रेस जैसे नए दबाव आ रहे हैं. साथ ही उन्होंने शिक्षकों के वर्क लॉड, सैलरी और उनके लिए बनाई गई पॉलिसी जैसे अंतर्राष्ट्रीय नियमों में बदलाव करने की बात कही है.
2030 तक 4 करोड़ से ज्यादा शिक्षकों की जरूरत
साथ ही यूनेस्को ने ग्लोबली लेवल पर टीचर्स की कमी की चर्चा की. उन्होंने बताया कि यूनिवर्सल प्राइमरी और सेकेंडरी शिक्षा हासिल करने के लिए आगामी चार साल में यानी साल 2030 तक 44 मिलियन यानी 4.4 करोड़ शिक्षकों की जरूरत होगी. इतनी संख्यों में वैश्विक भर्ती की चुनौती को दिखाया है.
पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित होने वाले विश्व शिक्षक दिवस समारोह में दुनिया भर के शिक्षकों, शिक्षा मंत्रियों और हितधारकों का जमावड़ा लगेगा. इस खास मंच पर शिक्षण पेशे की सुरक्षा और इसके भविष्य की दिशा तय करने पर विस्तार से मंथन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में शिक्षक विकास के लिए 9वें यूनेस्को-हम्दान नामक पुरस्कार बांटा जाएगा.
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