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टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई से 'हीरो पायलट' बनने तक: 174 यात्रियों की जान बचाने वाले स्मित मच्छार की एजुकेशन स्टोरी

Captain Smit Machchhar Education and Qualifications: अपनी बहादुरी से करीब 174 लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की हर तरफ तारीफ हो रही है. क्या आप जानते हैं कि वो पायलट से पहले टेक्सटाइल कोर्स कर चुके हैं? आइए स्मित मच्छार की पढ़ाई-लिखाई और करियर के बारे में जानते हैं.

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई से 'हीरो पायलट' बनने तक: 174 यात्रियों की जान बचाने वाले स्मित मच्छार की एजुकेशन स्टोरी

Captain Smit Machchhar Education and Qualifications: दुबई से इजराइल जा रही 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट में एक खौफनाक मंजर के बीच 174 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है. मूल रूप से गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित ने ये साहसिक कारनामा तब अंजाम दिया, जब वो खुद गंभीर रूप से घायल थे. उड़ान के दौरान उनके ओमानी को-पायलट ने उन पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया और विमान के नेविगेशन सिस्टम को भी ठप करने की कोशिश की. 

खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपने साहस का परिचय दिया, हमलावर को काबू में किया और सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करवाई. उनकी इस अभूतपूर्व सूझबूझ और जांबाजी की सराहना भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू तक कर चुके हैं. आइए टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर आसमान के सिकंदर बने कैप्टन स्मित मच्छार की शिक्षा, करियर और हीरो पायलट बनने के पूरे सफर की कहानी जानते हैं.

कौन हैं स्मित मच्छार?

फ्लाईदुबई एयरलाइन में कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से गुजरात के रहने वाले एक भारतीय नागरिक हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई मुंबई से की है. यहां के तिलक नगर स्थित स्वास्तिक हाइट्स में वो करीब 2022 तक रहे थे. कैप्टन स्मित मच्छार और उनकी पत्नी के दो बच्चे हैं जीवा की उम्र 9 साल और कृषय की उम्र 2 साल है. फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में सवार करीब 174 लोगों की जान बचाने के लिए हर तरफ स्मित की तारीफ की जा रही है. 

पायलट हैं लेकिन टेक्सटाइल इंजीनियरिंग से स्मित मच्छार का क्या संबंध?

दरअसल, पायलट स्मित मच्छार का सफर सिर्फ पायलट तक नहीं रहा है बल्कि आसमान में विमान उड़ाने से पहले उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. उन्होंने इसमें बीटेक डिग्री हासिल करने के बाद एविएशन सेक्टर में कदम रखा था. उनकी इंजीनियरिंग बैकग्राउंड और टेक्निकल समझ ने उन्हें विमान के जटिल नेविगेशन और कॉकपिट सिस्टम्स को तेजी से समझने में काफी मदद की.

पायलट स्मित मच्छार ने कितनी कर रखी है पढ़ाई लिखाई?

कैप्टन स्मित मच्छार ने महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित एम डी भाटिया स्कूल से 10वीं पास की है. मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की है. इसी संस्थान से उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री भी हासिल की है. 

इसके बाद मच्छार ने एविएशन सेक्टर का रुख किया, उन्होंने न्यूजीलैंड के मेनलैंड एविएशन कॉलेज से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल किया. इसके लिए उन्होंने कड़ा ग्राउंड वर्क, कॉकपिट रिसोर्स मैनेजमेंट और फ्लाइंग ट्रेनिंग पूरी की थी जिसके बाद उनका पायलट बनने का सफर शुरू हुआ. 

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स्मित मच्छार ने बिजनेस कोर्स करने के बाद पायलट बनने का क्यों सोचा?

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद भी उन्होंने 9 से 5 घंटे की नौकरी को चुनना पसंद नहीं किया. यहां तक कि उनके पास एक सेटल कॉर्पोरेट जॉब का ऑप्शन भी था, लेकिन उन्होंने उसके सामने अपने बचपन के सपने को चुना. उन्होंने बिजनेस कोर्स के दौरान डिसीजन-मेकिंग एबिलिटी सीखी थी और उसको उन्होंने एविएशन से जोड़ा जिसके बाद उन्होंने अपने हुनर और जुनून को प्रोफेशन बनाना चाहा. इसलिए उन्होंने मान्यता प्राप्त फ्लाइंग अकेडमी में एडमिशन लिया और वहां से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) के कड़ी परीक्षा पास की जिसके बाद जाकर वो फ्लाईदुबई में कैप्टन बने.

पायलट स्मित मच्छार का करियर बैकग्राउंड क्या है?

कैप्टन स्मित माछर के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उनके पास बोइंग 737 विमानों पर 13 सालों से ज्यादा कमर्शियल फ्लाइट का अनुभव है. वो साल 2011 में भारत की स्पाइसजेट एयरलाइन में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने 10 साल तक काम किया था. यहां उन्होंने 6,400 से अधिक घंटे कमांड के तौर पर उड़ान भरी है. इसके अलावा, उन्होंने लाइन ट्रेनिंग कैप्टन और सीनियर कमांडर के तौर पर भी काम किया है.

साल 2022 में उन्होंने एयरलाइन फ्लाईदुबई में नौकरी हासिल की थी. उन्होंने वनलाइनर ट्रेनिंग कैप्टन के तौर पर काम कर रखा है. बात करें उड़ान के अनुभव की तो उनके पास 9,750 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव है. वर्तमान में एक अनुभवी भारतीय पायलट स्मित मच्छार दुबई की एयरलाइन फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के तौर पर काम कर रहे हैं. 

कैप्टन स्मित मच्छार की जान किसने बचाई थी?

कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी सूझबूझ से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाई थी, लेकिन खुद उनकी जान बचाने वाले इजरायल के एक डेंटिस्ट थे, जो उसी विमान में यात्री के रूप में मौजूद थे. इस इजरायली डेंटिस्ट का नाम डॉ. मूसायेव शोता है. वो उन चार जाबांज यात्रियों में शामिल थे, जो इमरजेंसी के समय सबसे पहले कॉकपिट की तरफ दौड़े थे और कैप्टन की मदद की थी. दरअसल, संदिग्ध हमलावर ओमान के को-पायलट को रोकने वाले शोता पहले व्यक्ति थे और उन्होंने ही स्मित मच्छार का शुरुआती इलाज किया था. उन्हें इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट देकर उनकी जान बचाई थी.

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About the Author

Simran Singh

Simran Singh

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
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