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SC Big Order: 'एडमिशन के बाद 1 रुपया भी फीस नहीं बढ़ेगी', प्रोफेशनल कोर्सों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त चेतावनी

सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रोफेशनल कोर्सों की फीस को लेकर खास निर्देश जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी संस्थान प्रोफेशनल कोर्स के बीच में फीस नहीं बढ़ा सकता है.

Written By Simran Singh
Published: Oct 16, 2026, 10:50 AM IST | Updated: Oct 16, 2026, 12:11 PM IST
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SC Order on Professional Course Fees: सुप्रीम कोर्ट (SC) ने देश भर के प्रोफेशनल कॉलेजों और फीस निर्धारण समितियों को लेकर एक बहुत जरूरी आदेश जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देशित किया है कि किसी भी प्रोफेशनल कोर्स की पूरी अवधि के लिए कुल फीस एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही तय हो जानी चाहिए और बीच सत्र में इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की जा सकती. 

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने 'डॉ. बीसी रॉय इंजीनियरिंग कॉलेज बनाम पश्चिम बंगाल सरकार' मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि दाखिला लेने वाले छात्र और उनके परिवार को शुरुआत में ही पता होना चाहिए कि उन पर कितना वित्तीय बोझ पड़ने वाला है.

प्रोफेशनल कोर्स की फीस डिटेल्स पहले दें

कोर्ट के निर्देश के अनुसार प्रोफेशनल कॉलेजों और फीस निर्धारण समितियों को पहले उन छात्रों को फीस संबंधित पूरी डिटेल्स देनी चाहिए जो चार या पांच साल के कोर्स में एडमिशन लेने वाले हैं. शुरुआत में उन्हें पूरी फीस स्ट्रक्चर बताना चाहिए. ऐसे में छात्र या उनके परिवार को पहले पता चल सकता है कि उन पर कितना फाइनेंशियल बोझ पड़ सकता है.

बीच में फीस बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट की ओर से ये भी साफ कह दिया जा चुका है कि प्रोफेशनल कोर्स की फीस को बीच में न बढ़ाया जाए. हालांकि, अगर असाधारण आर्थिक स्थिति पैदा होती है या फिर किसी कानून में बदलाव होने के कारण अप्रत्याशित खर्च बढ़ता है तब ऐसी स्थिति में फीस में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन बिना किसी वजह के कोर्स के बीच में फीस नहीं बढ़ाई जाएगी. 

पहले ही लगा लें खर्चों का अनुमान

सुप्रीम कोर्ट की ओर से ये भी कहा गया है कि फीस निर्धारण समितियों को कोर्स के दौरान होने वाले संभावित खर्चों का अनुमान पहले ही लगा लेना चाहिए. समितियों को समय-समय पर इसका मूल्यांकन कर समय पर फैसला लेना चाहिए, जिससे दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही फीस तय की जा सके. इससे छात्रों और उनके अभिभावकों को ये पूरी तरह स्पष्ट रहेगा कि पूरे प्रोफेशनल कोर्स की अवधि के दौरान कुल कितना खर्च आने वाला है.

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About the Author

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
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