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Delhi Schools Closed or Not: देश की राजधानी दिल्ली में क्या अब वो एहसास महसूस नहीं होता, जो पहले कभी हुआ करता था? अब चेन की सांस लेना, दिल्ली में दम घुटने लगा है? लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से आपके लिए भी समस्या बढ़ती जा रही है और एलर्जी के कारण परेशान हो रहे? राजधानी की हवा में अब क्या पहली जैसी बात नहीं है? हर साल का हो गया है, दिवाली से पहले दिल्ली की हवा की क्वालिटी में कमी आ जाती है और फिर उसे कंट्रोल करने के लिए सरकार भी तरह-तरह की कोशिश करती है. राज्य में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज II को लागू कर दिया गया है लेकिन सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) का कहना है कि अभी भी कई इलाके हैं जहां पर AQI काफी खराब दर्ज किया गया है.
इस खराब हवा में घर से बाहर निकलना सही नहीं है, जिसका असर बच्चों की सेहत पर बुरा भी पड़ सकता है. ऐसे में सवाल है कि ग्रैप 2 के लागू होने से क्या बच्चों के लिए स्कूल की छुट्टी रहेगी? पहली कक्षा से 12वीं तक के छात्रों को क्या स्कूल नहीं जाना होगा? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं. वहीं, कॉलेज के छात्रों के लिए भी एग्जाम के दिन करीब है. ऐसे में खराब हवा के कारण दिल्ली एनसीआर में ग्रैप 2 के लागू होने से अभिभावकों और छात्रों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है. सरकार की ओर से क्या GRAP चरण II के तहत स्कूल-कॉलेज को बंद रखा जाएगा या खुले रहेंगे?
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— ANI Digital (@ani_digital) November 3, 2026
ग्रैप-2 लागू करने के बाद सरकार की ओर से अभी तक स्कूल और कॉलेज की छुट्टी को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है और ना ही ये कहा गया है कि कक्षाएं हाइब्रिड में मोड में होंगी या नहीं. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वो राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अगले आदेश तक स्कूल या कॉलेज में नियमित कक्षाएं जारी रख सकते हैं. सीधे और साफ शब्दों में कहें तो ग्रैप 2 के दौरान स्कूल-कॉलेज पर प्रतिबंध नहीं होता है, सिर्फ उन पर कंट्रोल किया जाता है जिन से प्रदूषण बढ़ सकता है.
राज्य में ग्रैप-3 के लागू होने के दौरान सरकार की ओर से स्कूल को बंद करने का आदेश दिया जा सकता है. ऐसे में हाइब्रिड मोड लागू हो जाता है और छात्र घर रहकर ऑनलाइन क्लास ले सकते हैं. चरण III को काफी गंभीर माना जाता है, उस दौरान AQI 401 से 450 तक हो सकता है. ऐसी स्थिति में दिल्ली और NCR के गुरुग्राम, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर आदि में कक्षा 5 तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जा सकती है.