App

दिवाली का बंपर ऑफर: भारी डिस्काउंट के साथ MBBS सीट की सेल! क्यों छूट देने को मजबूर मेडिकल कॉलेज?

Discounts on MBBS Seats: दिवाली में जैसे ढेरों छूट के सामान मिलता है, ठीक वैसे ही मेडिकल कॉलेज की ओर से एमबीबीएस सीटों को बेचा जा रहा है. ढेरों छूट के साथ मेडिकल सीट उपलब्ध की जा रही हैं, आइए विस्तार से जानते हैं.

दिवाली का बंपर ऑफर: भारी डिस्काउंट के साथ MBBS सीट की सेल! क्यों छूट देने को मजबूर मेडिकल कॉलेज?

Medical College Fees Discount Offers: मेडिकल कॉलेजों की ओर से अब एमबीबीएस सीटों पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है. जहां मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए लाखों-करोड़ों रुपये की फीस चुकानी पड़ती है, वहीं अब 40 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है. ये जानकर क्या आप भी हैरान हुए हैं? 

नीट यूजी परीक्षा में करीब 11 लाख उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की और कई राउंड की काउंसलिंग का आयोजन भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद देश भर में 3000 से ज्यादा एमबीबीएस सीटें खाली रह गई हैं. जिस तरह दिवाली ऑफर या किसी मॉल में कपड़ों पर बंपर छूट मिलती है, ठीक वैसे ही इन खाली सीटों को भरने के लिए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज फीस में डिस्काउंट की पेशकश कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि आखिर मेडिकल कॉलेजों को ऐसा अनोखा कदम क्यों उठाना पड़ा है?

NEET UG में 11 लाख+ पास, फिर भी सीटें खाली?

इस साल आयोजित नीट यूजी परीक्षा में कुल 11.21 लाख उम्मीदवार सफल हुए, लेकिन इसके बावजूद 3000 से ज्यादा सीटें खाली रहने के पीछे मुख्य वजह अत्यधिक फीस और हॉस्टल का भारी-भरकम खर्च है. आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी कॉलेजों की तुलना में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में सबसे ज्यादा सीटें खाली हैं. हर नीट यूजी उम्मीदवार के परिवार के लिए इतना बड़ा खर्च उठाना मुमकिन नहीं हो पाता है.

एमबीबीएस के पूरे 4.5 साल के कोर्स का बजट देखें तो ये करीब 1.25 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है, जो एक मिडिल क्लास परिवार के लिए वहन करना बेहद मुश्किल है. यही वजह है कि छात्र प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन लेने से बच रहे हैं. नतीजा ये रहा कि, सरकारी कॉलेजों की सीटें तो फुल हो गई हैं, लेकिन प्राइवेट संस्थानों में अब भी सीटें खाली पड़ी हैं.

इन साउथ के कॉलेजों में सीटें खाली

साउथ के मेडिकल कॉलेज में सीटें खाली

मेडिकल सीट पर 40 प्रतिशत तक की छूट

रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु के एक बड़े मेडिकल कॉलेज की ओर से एमबीबीएस सीट पर सीधा 40 प्रतिशत डिस्काउंट दिया जा रहा है. जहां मेडिकल सीट की फीस 25 लाख रुपये सालाना है, वो छूट के बाद 15 लाख रुपये सालाना फीस के साथ मिल रही है. इतना ही नहीं, खाली मेडिकल सीटों को भरने के लिए एडमिशन एजेंट्स और काउंसलर्स की भी मदद ली जा रही है. इसके अलावा कॉलेज की ओर से NEET परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों से भी संपर्क कर मेडिकल सीट पर छूट दे रहे हैं.

5 सालों में पहली बार सीटें खाली!

कर्नाटक में कुल 76 कॉलेज हैं जिनमें 51 प्राइवेट और 25 सरकारी मेडिकल कॉलेज खाली हैं. इन कॉलेज में कुल 15,745 एमबीबीएस सीटें हैं और ऐसा पिछले 5 सालों में पहली बार हुआ है जब करीब 191 एमबीबीएस सीटें खाली रह गई हैं. सीटों को भरने के लिए कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) द्वारा नीट यूजी काउंसलिंग के 7 राउंड का आयोजन किया गया था, लेकिन फिर भी इतनी सीटें बाकी हैं.

क्यों मेडिकल सीटों पर दिया जा रहा डिस्काउंट

KEA के कार्यकारी निदेशक एच. प्रसन्ना का कहना है कि 7 राउंड का आयोजन करने के बाद भी सीटें भरी नहीं है, अगर मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की ओर से और राउंड का आयोजन करने की अनुमति दे दी जाए, तो सीटें भरी जा सकती हैं. हालांकि, काउंसलिंग के कई राउंड होने के कारण और इस प्रक्रिया के खत्म होने की वजह से मेडिकल कॉलेज में खाली 3426 सीटों को भरने के लिए प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की ओर से फीस में करीब 40% तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है.

पिछले साल की तुलना में 5 गुना ज्यादा सीटें खाली

पिछले साल 2025, मेडिकल कॉलेज की करीब 802 सीटें खाली रह गई थीं, लेकिन इस बार 3426 सीटें खाली हैं जो कि पिछले 5 साल की तुलना में 5 गुना ज्यादा है. MCC के मुताबिक कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु और पुडुचेरी में 'स्ट्रे वैकेंसी राउंड' का आयोजन करने के बाद भी 837 सीटें खाली हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Simran Singh

Simran Singh

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
Read More