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डेवोन के एक प्रोटेक्टेड नेचर रिजर्व से इंग्लैंड की सबसे दुर्लभ चींटी प्रजाति का घोंसला चोरी हो गया है. बीबीसी के अनुसार, डेवोन वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ने बताया कि दक्षिण डेवोन के चडलेले नाइटॉन हीथ से 'नैरो-हेडेड' (संकरे सिर वाली) चींटियों का घोंसला अवैध रूप से हटा दिया गया है. उन्होंने इस जगह को इंग्लैंड में इस प्रजाति का आखिरी बचा हुआ गढ़ बताया है. अक्टूबर के मध्य में, जब रिसर्चर्स रेग्युलर इन्वेस्टिगेशन कर रहे थे, तब उन्हें एक खाली जगह मिली, जहां पहले यह घोंसला हुआ करता था. 'नैरो-हेडेड' चींटियों के एक घोंसले में 1,000 से 5,000 तक चींटियां हो सकती हैं, जिनमें एक या उससे ज्यादा प्रजनन करने वाली रानियां भी शामिल होती हैं, जो 25 साल तक जीवित रह सकती हैं.
डेवोन और कॉर्नवाल पुलिस की ग्रामीण मामलों की टीम की पीसी लूसी व्याट ने कहा कि कानूनी रूप से संरक्षित जगहों को नुकसान पहुंचाना या उनमें छेड़छाड़ करना एक आपराधिक काम हो सकता है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें इस रिजर्व में किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में कोई जानकारी है, तो वे 101 नंबर पर संपर्क करें.
डेवोन वाइल्डलाइफ ट्रस्ट की स्पीशीज रिकवरी ऑफिसर जूलिया बाल्फोर ने इस घटना को इस प्रजाति के लिए एक बड़ा नुकसान बताया और कहा कि यह जंगली पक्षियों के अंडों की अवैध चोरी जितना ही गंभीर मामला है. 2 नवंबर को डेवोन वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के मुताबिक, उनके हालिया सर्वे में रिजर्व में 142 सक्रिय घोंसले पाए गए थे. 'बगलाइफ' के 'मूर इनवर्टेब्रेट्स प्रोजेक्ट' की संरक्षण अधिकारी लौरा क्रुसिन ने चेतावनी दी है कि घोंसलों को हटाने से 'इनकी आबादी पर विनाशकारी असर' पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि ये चीटियां डेवोन में केवल एक जगह पर और स्कॉटलैंड की कुछ ही जगहों पर पाए जाते हैं.
उन्होंने कहा,'ये चींटियां तो बेहद खास हैं ही, साथ ही 'चुडली नाइटॉन हीथ' भी, इन चींटियों और यहां रहने वाली अन्य प्रजातियों की वजह से यह खास वैज्ञानिक महत्व की जगह मानी जाती है.इस जगह को कोई भी नुकसान पहुंचाना या यहां से कोई चीज हटाना एक अपराध है, और इसे एक गंभीर जुर्म माना जाना चाहिए.
डेवोन और कॉर्नवॉल पुलिस की रूरल अफेयर्स टीम की पीसी लूसी व्याट ने बताया कि ऐसी जगह कानूनी रूप से संरक्षित होती हैं. इनको जानबूझकर या लापरवाही से नुकसान पहुंचाना, तबाह करना क्राइम है.