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NEET PG 2026 Counselling: राउंड-1 के लिए कॉलेज रिपोर्टिंग शुरू, 'फ्रीज-फ्लोट' नियम से लेकर एडमिशन तक जुड़ी हर जरूरी बात

NEET PG Counselling 2026 Round 1: नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के राउंड 1 प्रक्रिया के तहत सीट हासिल करने वाले उम्मीदवारों के लिए अलॉटेड कॉलेज में रिपोर्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. आइए इससे संबंधित सभी डिटेल्स जानते हैं.

Written By Simran Singh
Published: Oct 26, 2026, 10:51 AM IST | Updated: Oct 26, 2026, 11:51 AM IST
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NEET PG Counselling 2026 Round 1: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा पोस्ट ग्रेजुएशन (NEET PG) के पहले राउंड की सीट जारी कर दिया है. कमेटी की ओर से 24 अक्टूबर 2026 को नीट पीजी काउंसलिंग के तहत सीट अलॉटमेंट की सूची को जारी किया था जिसके तहत 26 अक्टूबर 2026 से कॉलेज में सीट रिजर्व करने की प्रक्रिया है. ऐसे उम्मीदवार जिन्हें कॉलेज में उनकी मनपसंदीदा सीट अलॉट कर दी गई है वो राउंड 1 प्रक्रिया को अपना सकते हैं. 

मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए ये एक काम की खबर है. आवंटित संस्थानों में रिपोर्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 2 नवंबर 2026 तक जारी रहेगी. एडमिशन प्रक्रिया के तहत डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से लेकर 'फ्रीज' और 'फ्लोट' का नियम भी लागू है, आइए नीट पीजी काउंसलिंग राउंड-1 से जुड़ी सभी डिटेल्स जानते हैं.

NEET PG राउंड-1: किसे मिली सीट और क्या है पात्रता? 

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा 24 अक्टूबर 2026 को जारी लिस्ट में जिन उम्मीदवारों को सीट अलॉट हुई है, वो राउंड-1 के तहत एडमिशन के लिए पूरी तरह एलिजिबल हैं. अलॉटेड सीट पर अपनी रिजर्वेशन के लिए यानी कहें कि ये आपकी ही है, उसके लिए कुछ स्टेप्स को फॉलो करना पड़ता है. बस वो ही राउंड 1 का हिस्सा है. आपको मेडिकल कॉलेजों में 2 नवंबर 2026 से पहले-पहले जाकर एडमिशन की प्रक्रिया को अपनाना होगा. ध्यान रहे कि ये काम 2 नवंबर से पहले करना होगा, अगर देरी की तो ये सीट हाथ से जा सकती है या फिर अगर डॉक्यूमेंट पूरे नहीं हुए उस वक्त भी सीट रद्द हो सकती है. 

एडमिशन प्रक्रिया में 'फ्रीज' और 'फ्लोट' का नियम क्या है?

नीट पीजी कोर्स एडमिशन प्रक्रिया में सबसे जरूरी और समझने लायक हिस्सा, फ्रीज और फ्लोट नियम है. इसकी सही जानकारी पहले ले लेंगे तो शायद बाद में ये कहने की नौबत तो नहीं आएगी कि 'अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत.' दरअसल, फ्रीज का मतलब है कि उम्मीदवार अलॉटेड सीट और कॉलेज को ही चुनना चाहता है और किसी अन्य कॉलेज या राउंड का हिस्सा नहीं बनना चाहता है. ऐसे में फ्रीज का ऑप्शन चुनना होता है. 

हालांकि, अगर अलॉटेड सीट से तो आप ओके-ओके फील कर रहे हो मगर अभी भी चाहते हो कि किसी दूसरे कॉलेज में भी सीट मिल जाए तो वहां एडमिशन चाहते हो तो ऐसे में फ्लोट ऑप्शन को चुनना होगा. ऐसे में होगा ये कि जो सीट मिली है वो तो सुरक्षित रहेगी ही और अगले राउंड यानी जब राउंड 1 होगा तो और बेहतर सीट की कोशिश की जा सकती है. फ्लोट ऑप्शन चुनने के साथ ही ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रोसेस को जरूर अपनाना होगा. 

कौन-कौन से दस्तावेज कॉलेज में रिपोर्टिंग के समय जरूरी होंगे?

  1. नीट पीजी एडमिट कार्ड 
  2. एमसीसी सीट अलॉटमेंट लेटर 
  3. एमबीबीएस डिग्री या प्रोविजनल सर्टिफिकेट 
  4. एमबीबीएस की सभी मार्कशीट
  5. 1 साल का अनिवार्य इंटर्नशिप पूरा होने का सर्टिफिकेट
  6. MCI या NMC का स्थायी या प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट 
  7. आधार, पैन, पासपोर्ट में से कोई एक पहचान पत्र
  8. जन्मतिथि का प्रमाण 
  9. करीब 10 पासपोर्ट साइज फोटो 
  10. लागू होने पर जाति प्रमाणपत्र 

दस्तावेजों से संबंधित विस्तार से जानकारी के लिए उम्मीदवार एमसीसी या कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं. ध्यान रहे कि MCC के आधिकारिक पोर्टल mcc.nic.in पर ही 'Seat Allotment Letter' मिलेगा, जिसका प्रिंटआउट निकाल कर अपने पास सुरक्षित कर लें.

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About the Author

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
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