How to Add Name in Voter List: देश भर के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के बाद मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हट गए हैं. इतने बड़े पैमाने पर नाम कटने के बाद उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है. 29 सितंबर को जारी लिखित निर्देशों और 1 अक्टूबर को हुई समीक्षा बैठक के बाद आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को छूटे हुए और नए पात्र मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर वोटिंग लिस्ट से आपका नाम कट गया है, तो इसे दोबारा कैसे जुड़वाया जा सकता है?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को SIR पूरा हो चुके क्षेत्रों में तुरंत मतदाता सूची अपडेट करने के निर्देश दिए हैं.
चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया के लिए खास अभियान चलाया जाएगा. उस दौरान वोटिंग लिस्ट में उन नामों को शामिल किया जाएगा जो SIR अभियान के तहत छूट गए. इसके अलावा इस लिस्ट में नए एलिजिबल मतदाताओं को भी वोटिंग लिस्ट में जोड़ा जाएगा.
चुनाव आयोग से जब ये सवाल किया जाने लगा कि मतदाता सूची से किसका नाम हटाया जा रहा है, किसका शामिल किया जा रहा है और कौन इस लिस्ट से बाहर हो रहा है, तो इस तरह की आपत्तियों के बाद आयोग ने SIR के ड्राफ्ट मतदाता रिकॉर्ड से 13 करोड़ से ज्यादा वोटर के नाम हटने पर वोटिंग लिस्ट को फिर से अपडेट करने का निर्देश दिया है.
चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मतदाता सूची को एक बार फिर अपडेट किया जा रहा है. जिन लोगों के नाम लिस्ट से हट गए हैं, वो फॉर्म 6 के जरिए अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं. उल्लेखनीय है कि SIR के दौरान फॉर्म 6 में एक अतिरिक्त सवाल शामिल किया गया था- 'क्या आपके माता-पिता पिछली SIR के बाद वोटिंग लिस्ट में थे या नहीं?'. नए आवेदकों की सहूलियत को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस सवाल को फॉर्म 6 से हटा दिया है.
दरअसल, जिन परिवारों के नाम पिछली SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हट गए थे, उनके 18 साल के युवाओं के लिए उस अतिरिक्त सवाल का जवाब देना काफी कठिन साबित हो रहा था. इसी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 से इस अतिरिक्त सवाल को हटा दिया है. आयोग के निर्देशों के तहत 20 राज्यों में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के माध्यम से, SIR के दौरान छूटे हुए लोग और पहली बार वोट देने योग्य पात्र युवा फॉर्म 6 भरकर आसानी से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं.