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झील के बीच बना है भारत का अनोखा डाकघर, नाव पर होती है चिट्ठियों और पार्सल की डिलीवरी

Floating Post Office: क्या आप ऐसे डाकघर के बारे में जानते हैं जो जमीन पर नहीं बल्कि पानी पर तैरता है? अगर नहीं, तो आइए भारत के फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस के बारे में जानते हैं.

Written By Simran Singh
Published: Sep 22, 2026, 02:31 PM IST | Updated: Sep 22, 2026, 03:51 PM IST
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Floating Post Office: 31 मार्च, 1774 को कोलकाता में भारत का पहला डाकघर स्थापित किया गया था. वहीं, दूसरे पोस्ट ऑफिस की स्थापना 1 जून, 1786 को मद्रास (अब चेन्नई) में की गई थी. इसके बाद 1794 में मुंबई और धीरे-धीरे भारत की कई जगहों पर केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले भारतीय डाक की सेवाएं उपलब्ध होने लगीं. लोगों के बीच डाकघर की एक अलग पहचान है और जब लोग डाकघर का नाम सुनते हैं, तो दिमाग में एक खास तस्वीर बनती है. आमतौर पर किसी सामान्य इमारत, काउंटर, डाक टिकट और चिट्ठियों की, लेकिन डल झील के बीच एक विशाल हाउसबोट पर स्थित ये तैरता हुआ डाकघर इस पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल देता है. 

कश्मीर की खूबसूरत वादियों में स्थित श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील, भारत के एक अनोखे और ऐतिहासिक रिकॉर्ड की गवाह भी है. यहां पानी की लहरों पर तैरता हुआ एक ऐसा डाकघर स्थित है, जो पूरी दुनिया में अपनी तरह का इकलौता फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस है. 

कहां है भारत का फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस?

श्रीनगर की डल झील पर स्थित भारत का फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस सिर्फ पर्यटकों के लिए आकर्षण नहीं, बल्कि ये भी दिखाता है कि डाक जैसी जरूरी सार्वजनिक सेवा अलग और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों में भी लोगों तक कैसे पहुंचाई जा सकती है. 

कब शुरू हुआ था? 

श्रीनगर घूमने आने वाले लोगों के लिए ये जगह बेहद खास है. ये जमीन पर बनी किसी सामान्य बिल्डिंग की तरह नहीं है, बल्कि एक हाउसबोट से संचालित होता है. साल 2011 में डल झील पर फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस की शुरुआत हुई थी. इसका उद्देश्य झील और उसके आसपास रहने वाले लोगों को डाक सेवाएं उपलब्ध कराना था. 

 

 

फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस में क्या काम होता है? 

फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस अपनी अनोखी लोकेशन के कारण पर्यटकों के बीच काफी चर्चाओं में आने लगा. हालांकि, ये कोई घूमने की जगह नहीं है बल्कि यहां पर काफी हद तक काम सामान्य डाकघर की तरह ही होता है. यहां से लोग चिट्ठियां और पार्सल भेजने जैसी डाक सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं. फिलाटेली म्यूजियम है इसकी खासियत डाकघर से जुड़ी खास बात ये है कि यहां पर फिलाटेली म्यूजियम भी है. यहां पर लोगों को डाक टिकटों के संग्रह और अध्ययन से संबंधित चीजें देखने को मिलती है. भारतीय डाक व्यवस्था और डाक टिकटों से संबंधित चीजें भी यहां देखी जा सकती है. 

क्यों पानी पर बनाया गया है ये डाकघर 

दरअसल, जमीन की जगह पानी पर डाकघर को बनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य सिर्फ चिट्ठियां भेजना नहीं, बल्कि लोगों तक डाक सेवाएं पहुंचाना है. भारत में लोगों की रहने की जगह और परिस्थितियां अलग-अलग हैं. कहीं पहाड़ हैं, कहीं रेगिस्तान और कहीं झीलों से घिरे इलाके. ऐसे में डल झील पर फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस इसी विविधता का एक उदाहरण है. जहां सामान्य डाकघर की कल्पना अलग लग सकती है, वहां हाउसबोट के जरिए डाक सेवा उपलब्ध कराई जाती है. 

छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस? 

भारत का फ्लोटिंग पोस्ट ऑफिस सामान्य ज्ञान और देश की भौगोलिक विविधता को समझने का एक बेहद दिलचस्प उदाहरण है. ये बताता है कि किसी सेवा का स्वरूप, जगह और जरूरत के हिसाब से कितना अलग हो सकता है. डल झील का ये तैरता डाकघर इसलिए खास है, क्योंकि यहां चिट्ठियां सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह नहीं जातीं, बल्कि एक अनोखी जगह से भारत की विविधता की कहानी भी बयां करती है.

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About the Author

सिमरन सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई हिमालयन यूनिवर्सिटी से की है. साल 2016 में उन्होंने मीडिया जगत में कदम रखा. इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक से लेकर डिजिटल मीडिया से जुड़ी रहीं. पिछले 3 साल से News24 में थी और वहां बतौर फीचर लीड कई सेक्शन को संभाला. फिलहाल, Zee News में शिक्षा, रोजगार और करियर सेक्शन संभाल रही हैं.
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