)
Assam Former Agniveer Reservation: चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद जब 22 से 24 साल की उम्र में कोई युवा फौजी नागरिक जीवन में लौटता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी समस्या भविष्य की अनिश्चितता और पक्की नौकरी को लेकर होती है. कम उम्र में सेना में भर्ती होने और पढ़ाई में आए गैप के कारण कॉर्पोरेट या सिविलियन कल्चर में खुद को ढालना आसान नहीं होता. ऐसे में अगर कोई राज्य सरकार उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का नया मौका दे, तो इससे बड़ी राहत कुछ और नहीं हो सकती. असम सरकार का ताजा फैसला देश के हजारों पूर्व अग्निवीरों के लिए ठीक ऐसा ही बड़ा संबल बनकर आया है.
हालांकि, असम के अलावा हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे भी कई राज्य हैं जहां पर अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद पक्की नौकरी के अवसर दिए जाते हैं. केंद्रीय बल में 10% से 12% आरक्षण मिलता है. साथ ही उम्र में भी छूट दी जाती है, लेकिन कई बार राज्य स्तर की सीधी भर्ती परीक्षाएं जैसे एसएससी, राज्य पुलिस, रेलवे आदि में अधिक कट-ऑफ उन्हें पास होने से रोक सकता है.
हाल ही में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पुलिस और वन विभाग समेत कई विभागों में 5,700 से अधिक पदों पर नई भर्तियों का ऐलान किया था. इसी कड़ी में अब असम कैबिनेट ने 'अग्निपथ योजना' के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 12% आरक्षण देने के ऐतिहासिक फैसले पर मुहर लगा दी है.
असम कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद, गृह (ए) विभाग ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 12% आरक्षण की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस अहम फैसले के साथ ही राज्य में पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों के नए और सुनहरे रास्ते खुल गए हैं.
पूर्व अग्निवीरों को 12 प्रतिशत आरक्षण के साथ कुछ तय पदों पर सीधी भर्ती मिल सकती है. ऐसे में उन्हें सिर्फ आवेदन करना होगा और जरूरी नहीं कि लिखित परीक्षा में शामिल होना पड़े, लेकिन इसके चयन प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
ऐसे युवा जिन्होंने अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, वायुसेना या नौसेना में अग्निवीर के तौर पर भर्ती हासिल की हो, उन एलिजिबल पूर्व अग्निवीरों असम में पक्की नौकरी हासिल करने का मौका मिल सकता है. असम सरकार की आधिकारिक घोषणा के अनुसार सरकार हर साल भर्ती अभियान चलाएगी और नियुक्ति करेगी. वहीं, 12 प्रतिशत आरक्षण के तहत वो पूर्व अग्निवीर ही आवेदन कर सकते हैं जो असम के स्थायी निवासी हैं.