CLAT: MNLU मुंबई ने बदले आरक्षण नियम! अनाथों और ट्रांसजेंडर्स को मिलेगा 1% कोटा, ये है आवेदन की लास्ट डेट
CLAT 2027 Reservation Rules: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) के कंसोर्टियम ने महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (MNLU), मुंबई के आरक्षण नियमों में बड़ा बदलाव किया है. नए नियमों के तहत लॉ कोर्सेज में अनाथों और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए अलग से 1-1% कोटा तय किया गया है.
CLAT 2027 Reservation Rules: कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2027 के माध्यम से प्रवेश के लिए नियमों में बदलाव किया है. यूनिवर्सिटी की ओर से महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (MNLU), मुंबई के आरक्षण नियमों और सीट मैट्रिक्स में संशोधन किया गया है. संशोधित नियमों में अंडर ग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) दोनों कानूनी कोर्स के लिए इन नियमों में बदलाव किया गया है. नए नियमों के तहत अब कानून की पढ़ाई करने वाले ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों और अनाथ बच्चों के लिए अलग से आरक्षण दिया जाएगा.
ऐसे उम्मीदवार जो इन कैटेगरी में आते हैं, वो अब 31 अक्टूबर 2026 तक CLAT 2027 के आवेदन फॉर्म में सुधार कर सकते हैं. इसके बाद करेक्शन विंडो बंद हो जाएगी और इन कैटेगरी को अपडेट करने मौका नहीं मिल सकेगा. आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वो वो फॉर्म में बदलाव करने से पहले छात्र अपनी योग्यता और नए नियम के बारे में जरूर जांच लें.
अनाथों और ट्रांसजेंडर्स को मिलेगा 1% कोटा
कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के अनुसार कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट 2027 के माध्यम से प्रवेश के लिए एमएनएलयू, मुंबई के आरक्षण नियमों में बदलाव किए गए हैं. इसके तहत अनाथ और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को 1 प्रतिशत कोटा मिलेगा. इस आरक्षण का फायदा 5 साल वाले बीए एलएलबी (ऑनर्स) और 1 साल वाले एलएलएम कोर्स में भी मिलेगा. नए नियमों के मुताबिक कुल सीटों में से 1% सीटें ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों और 1% सीटें अनाथ बच्चों के लिए रिजर्व रखी जाएगी.
MNLU मुंबई में सीट मैट्रिक्स
एमएनएलयू मुंबई में क्लैट के माध्यम से बीए एलएलबी (ऑनर्स) में कुल 100 छात्र और एलएलएम में 50 छात्र उपलब्ध हैं. बीए एलएलबी की 100 सीटों में अखिल भारतीय सामान्य श्रेणी के लिए 27 सीटें और महाराष्ट्र राज्य कोटा के लिए 73 सीटें शामिल हैं. वहीं, एलएलएम की 50 सीटों में 12 सीटें, अखिल भारतीय जनरल श्रेणी और 38 सीटें महाराष्ट्र राज्य कोटा शामिल है. इसके अलावा, राज्य कोटे के अंतर्गत एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, विशेष फ्लैम वर्ग और विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों के लिए नियम अनुसार सीटें आरक्षित हैं.
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