AIIMS Jodhpur Strike: रेजिडेंट डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, साथी डॉक्टर की मौत के बाद उठाए ये सवाल
AIIMS Jodhpur के रेजिडेंट डॉक्टरों ने साथी डॉक्टर डॉ. राज नरेश यादव की मौत के बाद 23 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की. डॉक्टरों ने काम की स्थिति, ड्यूटी आवर्स, वर्कलोड और रेजिडेंट वेलफेयर को लेकर संस्थान से जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की है.
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) जोधपुर के रेजिडेंट डॉक्टरों ने साथी रेजिडेंट डॉक्टर की मौत के बाद बुधवार, 23 सितंबर को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी. प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने संस्थान प्रशासन से जवाबदेही तय करने और रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े कई मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की है. इनमें काम करने की परिस्थितियां, ड्यूटी के घंटे, काम का बोझ और रेजिडेंट डॉक्टरों के कल्याण से जुड़े प्रावधान शामिल हैं.
डॉ. राज नरेश यादव के साथ क्या हुआ?
विरोध कर रहे डॉक्टरों ने बुधवार शाम कैंडल मार्च निकालकर डॉ. राज नरेश यादव को श्रद्धांजलि दी. वह एनेस्थीसिया विभाग में प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर थे. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर ऑपरेशन थिएटर (OT) में ड्यूटी के दौरान ब्रेक के समय वह डॉक्टरों के रेस्ट एरिया के बाथरूम में अचेत अवस्था में पाए गए. इसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उनकी मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में चिंता और विरोध की स्थिति बनी.
गुरुवार से कौन-सी सेवाएं बंद होंगी?
रेजिडेंट डॉक्टरों ने छात्रों और अपने सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद गुरुवार, 24 सितंबर से वैकल्पिक ऑपरेशन थिएटर यानी elective OT प्रक्रियाओं और नियमित आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाओं को निलंबित करने का फैसला किया है. इसका मतलब है कि सामान्य और गैर-आपातकालीन सेवाओं पर आंदोलन का असर पड़ सकता है. वहीं, जरूरी चिकित्सा सेवाओं को जारी रखने की बात कही गई है.
इमरजेंसी सेवाओं का क्या होगा?
प्रदर्शन के दौरान Emergency OPD और Emergency OT सेवाएं जारी रहेंगी. रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं को आवश्यक सेवाओं के तौर पर संचालित किया जाएगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य आंदोलन के बीच गंभीर और तत्काल चिकित्सा जरूरत वाले मरीजों के उपचार को जारी रखना है.
डॉक्टरों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने काम करने की परिस्थितियों में सुधार, ड्यूटी के घंटों से जुड़े मुद्दों के समाधान और वर्कलोड को व्यवस्थित करने की मांग की है. इसके अलावा रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए बेहतर वेलफेयर मैकेनिज्म और संस्थागत सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग भी रखी गई है. एसोसिएशन का कहना है कि रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों की सुरक्षा तथा कल्याण से जुड़े मुद्दों पर संस्थागत स्तर पर ठोस व्यवस्था जरूरी है.
हड़ताल कब तक जारी रहेगी?
रेजिडेंट डॉक्टरों के अनुसार, उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर संतोषजनक और समयबद्ध कार्रवाई नहीं करता. डॉक्टरों ने प्रशासन से उनकी मांगों पर स्पष्ट कदम उठाने की अपेक्षा जताई है. फिलहाल विरोध का केंद्र रेजिडेंट डॉक्टरों की कार्य परिस्थितियों, ड्यूटी आवर्स, काम के दबाव, वेलफेयर और संस्थागत सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं.
प्रशासन के सामने क्या चुनौती है?
इस घटनाक्रम के बाद संस्थान के सामने एक तरफ रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगों पर कार्रवाई करने और दूसरी तरफ अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने की चुनौती है. रेजिडेंट डॉक्टरों ने elective OT और routine OPD सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय लिया है, जबकि emergency सेवाएं जारी रखने की बात कही है. आगे की स्थिति प्रशासन की ओर से मांगों पर उठाए जाने वाले कदमों पर निर्भर करेगी.