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Agnipath Scheme Reforms 2026: सेना के तीनों अंगों में जवानों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना को सबसे आसान रास्ता माना जाता है. इसमें चयनित युवाओं को चार साल की अवधि तक सेवा देने का मौका मिलता है, लेकिन सरकार की ओर से कुछ दिन पहले सेवा की अवधि में विस्तार का ऐलान किया गया है. ऐसे में अग्निपथ योजना के तहत चयनित युवाओं के पास 4 साल और 6 साल की अवधि का ऑप्शन मिलेगा.
इस घोषणा के तहत ये साफ कर दिया गया है कि भारतीय सशस्त्र बलों में भारतीय वायुसेना, भारतीय थलसेना और भारतीय नौसेना शामिल 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा. ऐसे में ये सबसे बड़ा सवाल है कि अग्निवीर में 6 साल की अवधि का विस्तार क्या भूमिका निभा सकता है? अग्निवीरों के लिए क्या-क्या बदलाव हुए हैं? आइए आसान भाषा में 4 और 6 साल की अवधि समेत सैलरी का पूरा गणित समझते हैं.
हाल ही में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने अग्निपथ योजना में बड़े बदलावों का ऐलान किया है, जिसमें सबसे अहम दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार है. इसका मतलब है कि अग्निवीरों को अब 4 साल के बाद 2 और साल सेवा देने का मौका मिलेगा. नए नियम के तहत 75% अग्निवीरों को 6 साल (4+2) की सेवा का विकल्प दिया जाएगा. इससे पहले 4 साल पूरे होने पर सिर्फ 25% अग्निवीरों को ही परमानेंट किया जाता था और बाकी 75% को बाहर होना पड़ता था.
नए सुधारों के बाद 4 साल की सेवा पूरी करने वाले 75% अग्निवीरों को तुरंत बल से बाहर नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके पास 2 साल और रुकने का विकल्प होगा. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जहां पहले 25% अग्निवीरों को सीधे परमानेंट सैनिक के रूप में चुना जाता था, वहीं अब 75% अग्निवीरों को कुल 6 साल तक सेवा में बने रहने और उसके बाद परमानेंट होने का अवसर मिलेगा.

अग्निपथ योजना के तहत 4 साल और 6 साल (4+2 फॉर्मूला) की सेवा के दौरान मिलने वाले वित्तीय फायदों को आसान शब्दों में इस तरह समझा जा सकता है. जो 4 साल बाद बाहर होना चाहते हैं, उन्हें सेवा निधि पैकेज के तहत ब्याज सहित कुल 10.04 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलेगा, जिसमें उनका योगदान 5.02 लाख रुपये और 5.02 लाख रुपये सरकार की ओर से शामिल रहेगा.
वहीं, 4 साल पूरे होने पर जिन 25% अग्निवीरों को परमानेंट किया जाएगा, उन्हें उनके अपने योगदान का 5.02 लाख रुपये वापस मिलेगा. इसके बाद वो सेना के नियमित सैनिक बन जाएंगे तो उन्हें नियमित वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी, अन्य सभी भत्ते और सरकारी सुविधाएं मिलने लगेंगी.
अग्निपथ योजना के तहत 6 साल (4+2 फॉर्मूला) की सेवा पूरी होने के बाद जब अग्निवीर बाहर निकलेंगे तो उन्हें कुल 15.94 लाख का रुपये पैकेज मिलेगा. इसमें पहले 4 साल के लिए 5.02 लाख रुपये और अतिरिक्त 2 वर्षों के लिए 10.92 लाख रुपये शामिल होंगे. कुल मिलाकर 6 साल की अवधि पूरी करने पर अग्निवीरों को सरकार का संयुक्त योगदान और ब्याज हासिल होगा.
4 साल का ऑप्शन चुनें अगर आप सिर्फ शुरुआती अनुभव, अनुशासन और युवा उम्र में एकमुश्त फंड लेकर सिविल करियर, उच्च शिक्षा या अन्य सरकारी नौकरियों जैसे पुलिस/अर्धसैनिक बल की तैयारी करना चाहते हैं. हालांकि, सेना में ही स्थायी देश की सेवा जारी रखना चाहते हैं तो 6 साल (4+2) का विकल्प चुन सकते हैं. ये ऑप्शन उन बाकी 75% अग्निवीरों के लिए हैं जिन्हें 4 साल के बाद बाहर निकलना होता है.

25 प्रतिशत अग्निवीरों की तरह तो नहीं, लेकिन दो साल की अतिरिक्त अवधि के बाद नियमित सैनिक बनने का मौका जरूर दिया जाता है. इसके तहत युवाओं को पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सभी सैन्य बेनिफिट्स मिलते हैं. इसके साथ ही अग्निवीरों को 6 साल के बाद 15.94 लाख रुपये का बड़ा सेवा निधि पैकेज मिलता है.