Zee News के खुलासे के बाद अस्पताल पहुंचे मंत्री, कहा - दवाओं की कमी नहीं', महिला ने सामने ही खोल दी पोल
Issue of Medicine Shortages in Hospitals: दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में दवाओं की कमी का जी न्यूज ने मुद्दा उठाया. इस खुलासे के 40 घंटे बाद मंत्री पंकज सिंह अस्पताल में पहुंचे और दावा किया वहां दवाओं की कमी नहीं है. इस पर एक महिला ने अस्पताल की पोल खोल दी.
Zee News Coverage on Medicine Shortages in Hospitals: आपकी सेहत DNA की प्राथमिकता में है. हम अस्पतालों और दवाओं से जुड़ी ख़बर लगातार दिखाते आ रहे हैं. दो दिन पहले हमने दिखाया था कि किस तरह देश के सरकारी अस्पताल में दवाओं की कमी है. इतनी कमी है कि उस अस्पताल के डॉक्टर की लिखी दवाई भी अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर नहीं मिलती है.
जनता ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने खोली पोल
हमने दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल की तस्वीर दिखाई थी. जहां हर साल करीब तीन लाख मरीज OPD में आते हैं. लेकिन डॉक्टर को दिखाने के बाद पर्ची पर लिखी दवा उन्हें नहीं मिलती है.
खबर दिखाने के करीब 40 घंटे बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह बुधवार को जीबी पंत अस्पताल पहुंचे. स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि पूरे अस्पताल में दवाइयों की कमी नहीं है, लेकिन तभी वहां मौजूद एक महिला ने सच्चाई बता दी. इस पर पंकज सिंह ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को फटकार लगाई.
मंत्री ने दवाएं उपलब्ध करवाने का दिया निर्देश
उन्होंने अगले सोमवार तक सारी दवाइयां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने डॉक्टरों को वही दवा लिखने के निर्देश दिए, जो अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध हो. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री जब अस्पताल पहुँचे थे, तब वहां जी न्यूज़ की टीम भी मौजूद थी.
अलग-अलग अस्पतालों में हो रहा एक्शन
DNA में ख़बर दिखाए जाने के बाद अलग-अलग अस्पतालों में एक्शन हो रहा है. लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे वही दवाइयां लिखें, जो अस्पताल की फार्मेसी में उपलब्ध हों. फार्मेसी से बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. वहीं पटना में भी जांच कराने की बात कही गई है.
दवाओं की कमी को उजागर कर रहा Zee News
बताते चलें कि Zee News देशभर के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी को जोर-शोर से उजागर कर रहा है. अपनी कवरेज में हम इस कमी की वजह बताते हुए लोगों पर इसके असर के बारे में बता रहे हैं. जिसके बाद अब सरकारों की ओर से इन खबरों पर एक्शन शुरू हो गया है. अस्पतालों में दवाएं चेक की जा रही हैं. साथ ही, जनता भी नेताओं और अफसरों को इन कमियों से अवगत करवा रही है.