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जेल में बैठकर लॉरेंस तय करता है टारगेट, प्यादे देते हैं अंजाम, टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद बेनकाब हुई 'क्राइम कैबिनेट'

लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. इसके बावजूद उसका गैंग पूरी दुनिया में कोहराम मचा रहा है. आखिर वह काम कैसे करता है, इसे आज हम आपको समझाते हैं.

Edited By Devinder Kumar
Published: Oct 21, 2026, 11:30 PM IST | Updated: Oct 21, 2026, 11:34 PM IST
Image Credit: लॉरेंस बिश्नोई गैंग कैसे काम करता है?
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लॉरेंस गैंग एक तरफ वारदातों को अंजाम देने में महिलाओं को कूरियर की तरह इस्तेमाल कर रहा है. दूसरी तरफ लॉरेंस गैंग ने अंडरवर्ल्ड में काम करने के लिए एक क्राइम कैबिनेट भी बनाई है. बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस की ये क्राइम कैबिनेट एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है. DNA में हम लॉरेंस की इसी क्राइम कैबिनेट के ऊपर से पर्दा हटाने जा रहे हैं.

कैसे काम करता है बिश्नोई गैंग?

जी न्यूज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई की इस टीम में उसके भरोसेमंद गैंगस्टर शामिल हैं. पहले ग्रुप में टाइसन बिश्नोई, हैरी बॉक्सर, हरमन संधू, हिमांशु सोनीपत और अनिल पंडित शामिल हैं. इस ग्रुप का काम अपराधियों को भर्ती करना, हमलों के लिए हथियारों का इंतजाम कराना और सोशल मीडिया पर धमकियां देना या फिर वारदातों की जिम्मेदारी लेना है.

दूसरे ग्रुप में आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रणदीप मलिक नाम के गैंगस्टर शामिल हैं. लॉरेंस कैबिनेट के इस दूसरे गुट का काम टारगेट तय करना, हमले की योजना बनाना और हमले के लिए फंडिंग जुटाना है. खास बात ये है कि लॉरेंस की क्राइम कैबिनेट के सभी सदस्य देश के बाहर मौजूद हैं. यानी इन सभी तक कानून के हाथ आसानी से नहीं पहुंच सकते हैं.

लॉरेंस की क्राइम कैबिनेट में कभी गोल्डी बराड़ का नाम भी शामिल होता था, लेकिन अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ पर दबाव बढ़ाना शुरु किया. गोल्डी बराड़ की जगह अब अनिल पंडित और रणदीप मलिक नाम के दो गैंगस्टर्स ने ले ली है.

गैंग में बढ़ी अनिल पंडित और रणदीप मलिक की सक्रियता

पिछले एक साल से अंडरवर्ल्ड में अनिल पंडित और रणदीप मलिक की सक्रियता काफी बढ़ गई है. अब हम आपको लॉरेंस के इन दोनों गुर्गों की क्राइम कुंडली बताने जा रहे हैं.

रणदीप मलिक पिछले 10 सालों से अमेरिका में रह रहा है. ऊपरी तौर पर वो एक ट्रांसपोर्ट का काम करता है, लेकिन उसकी हकीकत है लॉरेंस गैंग की कैबिनेट का सदस्य. रणदीप मलिक सट्टेबाजी के धंधे में शामिल था और अनिल पंडित इसी रणदीप का डिब्बा चलाता था. अंडरवर्ल्ड की दुनिया में डिब्बा चलाने का मतलब होता है - सट्टेबाजी के नेटवर्क में पैसे का लेन-देन संभालना.

तकरीबन एक साल पहले रणदीप मलिक ने अनिल पंडित को बड़े काम देने शुरु कर दिए थे. इन वारदातों में हमले और हत्या कराना शामिल था. रणदीप मलिक और अनिल पंडित की इस जोड़ी ने ना सिर्फ दिल्ली, बल्कि कनाडा में सिंगर ए पी ढिल्लों और गिप्पी ग्रेवाल के दफ्तरों पर फायरिंग कराई थी.  कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी के पीछे भी रणदीप मलिक और अनिल पंडित का ही हाथ था.

सोशल मीडिया पर क्रेडिट लेने की होड़

लॉरेंस गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए अंडरवर्ल्ड में एक नई परिपाटी भी स्थापित की है. लॉरेंस गैंग की वजह से ये संदेश गया कि जिसने सोशल मीडिया पर ज्यादा वारदातों की जिम्मेदारी ली, उसे उतना ही बड़ा गैंगस्टर माना गया. जानकार मानते हैं कि सोशल मीडिया पर क्रेडिट लेने की ये होड़ गैंग के अंदर फूट की वजह भी बन सकती है.

टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद सबसे पहले हरमन संधू और अनिल पंडित की तरफ से वारदात की जिम्मेदारी ली गई थी. अब रणदीप मलिक ने सोशल मीडिया पोस्ट करके ये दावा किया कि अनिल पंडित उसके हुक्म पर वारदातों को अंजाम देता है. दोनों सोशल मीडिया पोस्ट बताती हैं कि लॉरेंस गैंग के अंदर वारदातों का क्रेडिट लेने की होड़ जारी है.

ये पहली बार नहीं है जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग में दरार की खबरें सामने आई हों. नवंबर 2024 में लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई अमेरिका में गिरफ्तार हो गया था. तब लॉरेंस ने गोल्डी बराड़ को इस गिरफ्तारी के लिए दोषी माना था. गोल्डी बराड़ ने लॉरेंस गैंग से ही अलग हुए, रोहित गोदारा से हाथ मिला लिया था. इस टूट के बाद दोनों गैंग्स के बीच खूनी गैंगवॉर तक हुई थी.
 

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About the Author

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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