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DNA: 10 टीमें, 50 हजार का इनाम और नेपाल-यूपी का सफर... पुलिस को चकमा दे रही मॉडल श्रद्धा दुबे कहां छिपी है?

पुलिस और एसओजी को चकमा देकर फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश तेज हो गई है. 10 टीमें, 50 हजार का इनाम और नेपाल से लेकर यूपी तक उसकी तलाश में छापेमारी जारी है. जानें, आखिर कहां छिपी है श्रद्धा दुबे और क्या है पूरा मामला.

DNA: 10 टीमें, 50 हजार का इनाम और नेपाल-यूपी का सफर... पुलिस को चकमा दे रही मॉडल श्रद्धा दुबे कहां छिपी है?
Image Credit: नेपाल से लौटी मॉडल, पुलिस की पकड़ से दूर; लखनऊ से रायबरेली तक हड़कंप

टाइगर पर गोलियां चलाने के बाद..ये शूटर्स नेपाल भागने की तैयारी कर रहे थे. अब हम मर्डर की आरोपी एक मॉडल की बात करेंगे जिसके बारे में कहा जा रहा था कि वो लखनऊ से नेपाल भाग गई. और अब कहा जा रहा है कि वो यूपी में ही कहीं छिपी है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि जो यूपी पुलिस..अपराधियों का एनकाउंटर करने के लिए जानी जाती है, उसे ये मॉडल कहीं नहीं मिल रही. ना नेपाल में मिली और ना उत्तर प्रदेश में मिल रही.

मित्रों, ये मामला लखनऊ के एक हाई-प्रोफाइल केस से जुड़ा है और आरोप एक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर और मॉडल पर है. श्रद्धा दुबे नाम की इस आरोपी को यूपी पुलिस की 10 टीम पिछले 10 दिनों से तलाश रही है. नेपाल तक उसे तलाशा गया. लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं.अब श्रद्धा दुबे नेपाल से लौटकर वापस उत्तर प्रदेश आ गई. फरार श्रद्धा दुबे तक पत्रकार पहुंच गए, उसने मीडिया को इंटरव्यू देकर ख़ुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश की. लेकिन जो उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों के एनकाउंटर के मामले में पूरे देश में सबसे आगे है, वो अभी तक श्रद्धा दुबे तक नहीं पहुंच पाई है. यहां तक कि उसे श्रद्धा दुबे के नेपाल से लौटने की भनक तक नहीं मिल पाई.

शिवा शर्मा की मौत की मुख्य आरोपी है श्रद्धा दुबे

मित्रों, 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में चौथी मंजिल से गिरकर शिवा शर्मा नाम के एक कारोबारी की मौत हो गई थी. शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे मुख्य आरोपी है. आरोप है कि श्रद्धा दुबे ने ही शिवा शर्मा को धक्का देकर नीचे गिराया, जिससे शिवा की मौत हो गई. इस वारदात के कुछ ही घंटे बाद श्रद्धा दुबे लखनऊ से फरार हो गई. दावा है कि बहराइच होते हुए श्रद्धा नेपाल बॉर्डर पहुंची. गिरफ़्तारी से बचने के लिए वो बॉर्डर पर अपनी गाड़ी छोड़कर नेपाल चली गई. श्रद्धा दुबे के साथ उसकी बहन और उसका एक साथी भी है. नेपाल में कुछ दिनों तक रहने के बाद श्रद्धा दुबे अब वापस यूपी लौट गई है. उत्तर प्रदेश लौटने के बाद उसने मीडिया को इंटरव्यू भी दिया. इसमें वो खुद को पूरी तरह पाक साफ बता रही है.

लखनऊ से नेपाल तक सैकड़ों किमी का सफर

सोचिए, आरोपी श्रद्धा दुबे पत्रकार को मिल जाती है लेकिन पुलिस केवल कयास लगा रही है कि वो कहां छिपी होगी. आप 9 अक्टूबर से अब तक के घटनाक्रम पर नजर डालिए. श्रद्धा दुबे पहले लखनऊ से नेपाल गई. उसके बाद नेपाल से वापस उत्तर प्रदेश लौटी. इस दौरान उसने सैकड़ों किलोमीटर का सफर किया होगा. वो न जाने कितने जिलों से गुजरी होगी, कितने थाने उसके रास्ते में आए होंगे, कितने पुलिस नाके उसने पार किए होंगे. लेकिन इसके बावजूद श्रद्धा दुबे को पकड़ने में पुलिस नाकाम रही. और ये स्थिति तब है, जब पुलिस की 10 टीमें श्रद्धा दुबे की तलाश कर रही है. उत्तर प्रदेश लौटने से पहले नेपाल से उसके कई वीडियो सामने आए. उन वीडियो में तीनों आरोपी एक साथ दिखते हैं. 14 से 15 अक्टूबर के बीच श्रद्धा ने 3 वीडियो जारी किए. इन वीडियो का भी मक सद खुद को बेगुनाह बताना था.

 

  •    14 अक्टूबर को जारी पहले वीडियो में उसने दावा किया कि शिवा शर्मा ने आत्महत्या की है.
  •    इसके कुछ मिनट बाद जारी दूसरे वीडियो में उसने सरेंडर करने की इच्छा जताई
  •    15 अक्टूबर को जारी तीसरे वीडियो में उसने 9 अक्टूबर की घटना का ब्यौरा दिया जिस दिन ये घटना हुई थी.

श्रद्धा का नेपाल जाना फिर यूपी वापस आना... पुलिस के रडार से गायब कैसे?

सवाल है कि हत्या की आरोपी इस तरह बेरोकटोक वीडियो कैसे जारी कर रही है? पुलिस की नजरों में आए बिना यूपी से नेपाल और नेपाल से वापस यूपी कैसे आ रही है? उस पर इनाम घोषित है, गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया है, फिर भी वो पुलिस के रडार से पूरी तरह गायब कैसे है? आखिर श्रद्धा के नेटवर्क के आगे पुलिस और उसके मुखबिरों का नेटवर्क नाकाम क्यों हो गया है? कहीं उसकी कोई मदद तो नहीं कर रहा है?

पुलिस की बढ़ी किरकिरी तो बढ़ा दिया इनाम

जब श्रद्धा दुबे के मामले में पुलिस की किरकिरी होने लगी तो उस पर घोषित इनाम 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया. इसके अलावा 3 पुलिस अधिकारियों पर भी एक्शन लिया गया है. लखनऊ के DCP सेंट्रल विक्रांत वीर को हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया है. साथ ही ACP रजनीश वर्मा का भी ट्रांसफर किया गया है. हजरतगंज थाने के SHO इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया है. DCP से लेकर SHO तक के ट्रांसफर का कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन स्पष्ट है कि ये कार्रवाई उस समय की गई है जब श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी में नाकामी को लेकर पुलिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

श्रद्धा दुबे मामले में पहले दिन से ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

  •   पूछा जा रहा है कि संदिग्ध परिस्थितियों में शिवा शर्मा की मौत के तुरंत बाद श्रद्धा दुबे को गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया?
  •    तीनों आरोपी लखनऊ से नेपाल तक कैसे पहुंच गए?
  •    श्रद्धा दुबे पुलिस से एक कदम आगे कैसे चल रही है?

श्रद्धा दुबे के रायबरेली वाले घर पर पुलिस की नोटिस

हर तरफ से निशाने पर आने के बाद आज लखनऊ पुलिस की एक टीम इस मामले में छानबीन के लिए रायबरेली में श्रद्धा दुबे के घर भी पहुंची. श्रद्धा दुबे के पिता और सौतेली मां से लगभग डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई. श्रद्धा ने शुरुआती पढ़ाई रायबरेली से ही की थी. पुलिस की एक और टीम लखनऊ में उस फ्लैट तक पहुंची जहां शिवा शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी. फिलहाल इस फ्लैट को सील कर दिया गया है. साथ ही फ्लैट के बाहर एक नोटिस भी चिपकाया गया है जो सहारनपुर की अदालत ने जारी किया है.

ठगी के मामले में श्रद्धा को 31 अक्टूबर तक तलब किया गया

इसमें ठगी के एक मामले में श्रद्धा को अपना पक्ष रखने के लिए 31 अक्टूबर तक तलब किया गया है. यानी शिवा मर्डर केस के साथ-साथ अब ठगी के मामले में भी श्रद्धा दुबे पर शिकंजा कस गया है. इन सबके बीच पुलिस को चकमा देने के लिए श्रद्धा दुबे ने क़ानूनी तैयारी भी कर ली है. उसने सरेंडर के लिए लखनऊ की अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उसका इरादा किसी तरह पुलिस की पूछताछ से बचने का है. और पुलिस की कोशिश उसे हर हाल में पकड़ने की है. चोर-सिपाही के खेल की तरह लग रहा ये असली मुकाबला जारी है.

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Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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