भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /DNA न्यूज़
  • /DNA: चुनाव से पहले 72 घंटे में 2 मर्डर: क्या पंजाब में ड्रग्स माफिया के खिलाफ आवाज उठाने का मतलब सिर्फ मौत है?

DNA: चुनाव से पहले 72 घंटे में 2 मर्डर: क्या पंजाब में ड्रग्स माफिया के खिलाफ आवाज उठाने का मतलब सिर्फ मौत है?

पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले लोग जान गंवा रहे हैं. पंजाब में पिछले 72 घंटे में 2 एंटी-ड्रग्स एक्टिविस्ट का मर्डर हो चुका है. आइए जानते हैं विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में हत्याएं क्यों शुरू हो गईं?

Written ByBhoopendra Rai
Published: Oct 16, 2026, 11:04 PM IST|Updated: Oct 16, 2026, 11:24 PM IST
joinshare
DNA: चुनाव से पहले 72 घंटे में 2 मर्डर: क्या पंजाब में ड्रग्स माफिया के खिलाफ आवाज उठाने का मतलब सिर्फ मौत है?
Image Credit: DNA punjab

About the Author

Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

हरियाणा में धान के गेट पास नहीं कटे तो भड़के किसान, करनाल-कैथल रोड किया जाम

2

अतीक अहमद के अवैध साम्राज्य पर फिर चला पुलिस का डंडा; मदनलाल के नाम दर्ज 30 करोड़ की 14 बेनामी संपत्तियां कुर्क

3

जान से खिलवाड़? घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिली 108 एंबुलेंस, मालवाहक में ऑक्सीजन सिलेंडर बांधकर मरीज पहुंचे अस्पताल

4

'गुस्सा और बेबसी महसूस हुई', शिल्पा राव का शो बीच में रोके जाने पर भड़के पति; बोले-हम नहीं भूलेंगे

5

'मौत को छूकर टक से वापस आ गया': UK में तूफान बोएलो का खौफनाक मंजर; प्लेन की ऐसी लैंडिंग देख कांप उठी रूह

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर 'उड़ता पंजाब' का खौफनाक मंजर दिखने लगा है, लेकिन इस बार शिकार आम लोग नहीं, बल्कि नशे के सौदागरों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग बन रहे हैं. सिर्फ 72 घंटे के अंदर दो एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई, जिसने पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. मानसा से लेकर गुरदासपुर तक इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है और अब इस पर दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक राजनीति भी तेज हो गई है.

13 अक्टूबर को मानसा में परविंदर सिंह झोट्टा की गोली मारकर हत्या की गई थी. कल यानी 15 अक्टूबर को गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह पर धारदार हथियार से हमला किया गया था. विक्रमजीत सिंह को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई. यानी नशा मुक्त पंजाब का वादा लहूलुहान हो गया है. 

आम आदमी पार्टी की सरकार का नारा नशा मुक्त पंजाब का है, लेकिन सच यह है कि नशे के खिलाफ यानी 'उड़ता पंजाब' के खिलाफ जो लड़ेगा, वह मरेगा. यह बात सत्ता में बैठे लोगों को बुरी भी लग सकती है, लेकिन तीन दिन में 2 एंटी-ड्रग्स एक्टिविस्ट की मौत हमारी बात को प्रमाणित करती है. यह स्थिति तब है, जब कुछ ही महीने में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं और शायद इसीलिए यह विषय चुनावी राजनीति का केंद्रबिंदु बना है.

अमित शाह ने किया पोस्ट

आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट किया. इस पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, पंजाब लगातार ड्रग्स, गैंगस्टर और संगठित अपराध से जूझ रहा है. पंजाब की सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

सीएम भगवंत मान का पलटवार

गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे शब्दों में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए तो जवाब आना भी तय था. जवाब खुद सीएम भगवंत मान ने दिया. उन्होंने ड्रग्स की समस्या को बॉर्डर पार से हो रही तस्करी से जोड़ दिया और जिम्मेदारी केंद्र सरकार के ऊपर डाल दी. सरकार में बैठे लोग और राजनीतिक पार्टी चलाने वाले लोग एक-दूसरे की तरफ उंगली उठा रहे हैं, लेकिन सवाल है कि इस समस्या का समाधान कौन देगा और कैसे मिलेगा. मौतें कैसे रुकेंगी? ड्रग्स से पंजाब को मुक्ति कैसे मिलेगी?

DNA की शोधशाला में चौंकाने वाले आंकड़े

पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर जब हमने DNA की शोधशाला में रिसर्च की, तो कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए. इन तथ्यों को आपको भी गौर से देखना और समझना चाहिए.

चंडीगढ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च संस्थान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब की तकरीबन 15 प्रतिशत आबादी किसी न किसी किस्म के नशीले पदार्थ का उपयोग करती है. यानी पंजाब में हर 100 में से 15 लोग नशे के आदी हैं. खुद पंजाब सरकार ने कोर्ट में जानकारी दी है कि राज्य की जेलों में बंद लगभग 45 प्रतिशत कैदियों को ड्रग्स की लत है. NCRB का डेटा बताता है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच राज्य में ड्रग्स के ओवरडोज की वजह से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. साफ है कि पंजाब में ड्रग्स का प्रकोप कम नहीं हो रहा है.

जवाब देने लगा है जनता के सब्र का बांध

आंकड़े और तथ्य बताते हैं कि पंजाब के लिए ड्रग्स की समस्या एक बड़ा चैलेंज बन चुकी है. इसी वजह से अब लोगों का सब्र भी जवाब देने लगा है. मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोट्टा की मौत के बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया था और आगजनी हुई थी. इन तस्वीरों ने बता दिया था कि ड्रग्स के मुद्दे पर अब लोग कानून हाथ में लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं. इन्हीं हालात की वजह से सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सवालों के कठघरे में खड़ी है.

नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की संख्या 52% बढ़ी

मार्च 2022 यानी आम आदमी पार्टी की सरकार आने से पहले पंजाब में ड्रग ट्रीटमेंट के लिए पंजीकृत किए गए लोगों की संख्या तकरीबन साढ़े छह लाख थी. जुलाई 2024 यानी सरकार के ढाई से तीन साल पूरे होने तक मरीजों की संख्या लगभग 10 लाख तक पहुंच गई थी. यह सीधे तौर पर 52 प्रतिशत की वृद्धि है. अगर सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों की बात करें तो वर्ष 2022 में तकरीबन 2 लाख मरीज भर्ती थे, जो अब बढ़कर 3 लाख 17 हजार पहुंच गए हैं. आम आदमी पार्टी के चुनावी प्रचार में नशा मुक्ति एक बड़ा मुद्दा था, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि सरकार तय लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई है.

आगामी विधानसभा चुनाव में गूंजेगा मुद्दा

चुनावी वादा पूरा न होना विपक्ष के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है. जिस तरह जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और राजनीतिक सक्रियता में इजाफा हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि ड्रग्स और हत्याओं से जुड़े ये मुद्दे आगामी विधानसभा चुनाव तक चर्चा और राजनीतिक बयानबाजी का मुख्य विषय बने रहेंगे.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
DNA