)
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने ऐतिहासिक फैसले में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के निदेशक डॉ. दीपक जोशी की नियुक्ति को अवैध करार दिया है. इसके साथ ही कैट ने उन्हें तत्काल पद से हटाने का आदेश भी जारी किया है. नियमों को दरकिनार करके हुई इस अवैध नियुक्ति का मामला तीन साल से अधिक समय से लगातार सुर्खियों में बना हुआ था, जिस पर आखिरकार कैट का फैसला आ गया है. कैट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि बतौर डायरेक्टर डॉ. दीपक जोशी का अवैध कार्यकाल भविष्य में उनके अनुभव के रूप में मान्य नहीं होगा. यानी वो अपने इस अनुभव का इस्तेमाल किसी दूसरे पद पर नियुक्ति या दावेदारी के लिए नहीं कर सकेंगे.
बीते तीन साल से विभाग के निदेशक के पद पर कार्यरत डॉक्टर जोशी का ये एक्सपीरियंस को अक्टूबर 2023 में उनके विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करते हुए वरिष्ठ पद पर अवैध रूप से नियुक्त किया गया था, जबकि उन वरिष्ठ अधिकारियों के पास डॉ. जोशी के बराबर या उनसे बेहतर अनुभव था. इसी नियुक्ति को CAT में चुनौती दी गई थी.
इसके अलावा, डॉ. दीपक जोशी पर नियमों का उल्लंघन करके प्राइवेट प्रैक्टिस यानी अलग से मरीज देखने के आरोप भी लगे थे. उन आरोपों ने मीडिया की काफी सुर्खियां बंटोरी थीं. जोशी पर वित्तीय धोखाधड़ी के भी आरोप हैं.
उन पर एक आरोप ये भी है कि पिछले साल अगस्त 2025 में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस के लिए उन्होंने एक निजी कंपनी को पैसे ट्रांसफर किए थे. इस मामले को लेकर संबंधित मंत्रालय में भी एक शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस शिकायत को बिना किसी ठोस जांच के खारिज कर दिया गया.
दरअसल 'स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर' में काम करने वाले लोगों के बीच यह आम धारणा थी कि डॉ. जोशी की पहुंच काफी टॉप लेवल तक है, जिसकी वजह से वे हर बार अनुशासनात्मक कार्रवाई से बच जाते हैं. लेकिन हर बार की तरह इस बार ऐसा नहीं हुआ. उनकी कोई कथित जान-पहचान काम नहीं आई. कैट ने उनकी नियुक्त को अवैध बताते हुए डायरेक्टर के पद से उनकी विदाई का रास्ता साफ कर दिया.
कैट में अपने आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा है डॉ. दीपक जोशी को 31 अक्टूबर 2026 से तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए. वहीं विभाग का कामकाज सुचारु रूप से चलाए जाने के लिए स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के सबसे वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य को अंतरिम तौर पर निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी जाए.
आपको बताते चलें कि स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर (SIS) केंद्र सरकार का एक प्रमुख संस्थान है. जहां देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के दौरान लगने वाली चोटों के इलाज की बेहतर सुविधाएं दी जाती हैं. यह देश के उन चुनिंदा संस्थानों में से एक है, जहां पर खिलाड़ियों को हाईक्लास रिहैबिलिटेशन सुविधा भी मिलती है. इसके जरिए चोट से उबरने के बाद खिलाड़ियों को दोबारा खेल के मैदान में लौटने में मदद की जाती है.