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दिल्ली में PUCC नहीं तो पेट्रोल नहीं, बोतल और डिब्बे लेकर पहुंचे लोगों को भी लौटाया!

Delhi में बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के पहुंचे वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है. कुछ लोग बोतल और छोटे डिब्बे लेकर पेट्रोल लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन पेट्रोल पंप कर्मचारी उन्हें भी वापस भेज रहे हैं. वहीं, प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है.

दिल्ली में PUCC नहीं तो पेट्रोल नहीं, बोतल और डिब्बे लेकर पहुंचे लोगों को भी लौटाया!
Image Credit: Zee Media/ Harkishor Shah

दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने 1 नवंबर 2026 से ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ नियम लागू किया है. इसके तहत वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट यानी PUCC के बिना वाहन चालकों को पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी नहीं देने का प्रावधान किया गया है. सोमवार 2 नवंबर को राजधानी के पेट्रोल पंपों पर इस नियम का असर साफ दिखाई दिया. बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के पहुंचे लोगों को ईंधन नहीं दिया गया और उन्हें पहले अपना PUCC बनवाने की सलाह दी गई.

बोतल और डिब्बे लेकर पहुंचे लोग भी लौटाए गए

पेट्रोल पंप पर कुछ लोग अपनी गाड़ियों के बजाय बोतल और छोटे-छोटे डिब्बे लेकर पेट्रोल लेने पहुंच रहे हैं. हालांकि, कर्मचारियों ने ऐसे लोगों को भी ईंधन देने से मना कर दिया. पेट्रोल पंप कर्मचारी एकता ने बताया कि उनके यहां 10 से 15 गाड़ियां ऐसी आई थीं, जिनके चालकों के पास वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं था. ऐसे लोगों को पहले PUCC बनवाने के लिए भेजा गया. प्रमाणपत्र बनवाकर लौटने के बाद ही उन्हें पेट्रोल दिया गया. उन्होंने बताया कि कुछ लोग डिब्बे लेकर भी पेट्रोल लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें भी वापस किया जा रहा है.

प्रदूषण केंद्रों पर बढ़ी भीड़

प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने वाले हेमंत सैनी ने बताया कि ठंड के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है. इसी को देखते हुए सरकार ने ‘नो PUCC, नो फ्यूल’ नियम को सख्ती से लागू किया है. उन्होंने बताया कि पहले उनके केंद्र पर रोजाना 15 से 20 प्रदूषण प्रमाणपत्र बनते थे, लेकिन अब यह संख्या 100 से अधिक हो गई है. सुबह से ही लोग अपनी गाड़ियों के साथ प्रमाणपत्र बनवाने पहुंच रहे हैं. उनके मुताबिक, लोगों में प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है.

वाहन चालकों ने नियम का किया समर्थन

पेट्रोल पंप पर कार लेकर पहुंचे साजिद ने कहा कि सरकार का यह नियम अच्छा है. जब तक किसी वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है, तब तक उसे सड़क पर नहीं चलाना चाहिए. वहीं, संतोष कुमार ने कहा कि वाहन चालकों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने चाहिए. इनमें प्रदूषण प्रमाणपत्र भी शामिल है. मोहम्मद मुनीर ने भी नियम का समर्थन करते हुए कहा कि इसका सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके.

दिल्ली में लागू किए गए अन्य प्रतिबंध

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन से जुड़ी पाबंदी के अलावा दूसरे कदम भी उठाए हैं. दिल्ली के बाहर से आने वाले गैर-BS-VI वाहनों की राजधानी में एंट्री पर रोक लगाई गई है. यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा. इसके अलावा सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की गई है.

निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क भी दोगुना किया जा रहा है. यह बढ़ोतरी 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी. हालांकि, दिल्ली मेट्रो के अपने पार्किंग स्थलों को इस बढ़ोतरी से छूट दी गई है. सरकार की ओर से लागू किए गए इन उपायों का उद्देश्य सर्दियों के दौरान वाहनों की आवाजाही और उनसे होने वाले प्रदूषण को कम करना है. 
हरिकिशोर शाह की रिपोर्ट

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About the Author

Gaurav Pandey

Gaurav Pandey

Gaurav is a multimedia journalist writing across a wide range of subjects, including politics, sports, cinema, explainers, opinion and Delhi Haryana civic issues. With analysis, he regularly covers social issues and public policy through in-depth. With around nine years of experience, he has worked with India Today, Hindustan Times, and Network18, producing stories with a strong focus on facts and ground reality. He studied journalism at IIMC Delhi.
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