JMI हॉस्टल में दाल कांड: गिरगिट मिलने पर जामिया में बवाल, यूनिवर्सिटी ने गठित की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी
Jamia Millia Islamia Hostel News: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में दाल में गिरगिट मिलने के दावे के बाद यूनिवर्सिटी ने जांच शुरू कर दी है. मामले की पड़ताल के लिए चार सदस्यों वाली फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है.
Delhi News: दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के हॉस्टल में खाने को लेकर विवाद चल रहा है. अब ये विवाद जांच तक पहुंच गया है. यूनिवर्सिटी ने दाल में गिरगिट मिलने वाले दावे की जांच को लेकर चार सदस्यों वाली फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई है. साथ ही यूनिवर्सिटी ने ये भी कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को ध्यान से देखे जाए. अगर जरूरत पड़ी तो सरकारी जांच एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी.
यूनिवर्सिटी के अनुसार, CCTV फुटेज में कथित तौर पर एक छात्र दाल से भरी अपनी कटोरी मेज के नीचे जाता दिखाई दे रहा है. इसके बाद कुछ छात्रों ने हंगामा किया और दावा किया कि कटोरी में गिरगिट मिला है. अब बनाई गई कमेटी घटना से पहले और बाद की पूरी CCTV फुटेज की जांच करेगी. साथ ही ये भी देखा जाएगा कि उस वक्त वहां कौन-कौन मौजूद था और उनकी क्या भूमिका थी.
JMI ने क्या कहा?
JMI ने ये भी कहा कि जांच में ये पता लगाना जरूरी है कि कहीं हॉस्टल मेंस में ऐसा जानबूझकर तो नहीं किया गया. साथ ही कहीं अव्यवस्था पैदा करने या यूनिवर्सिटी की छवि खराब करने की कोशिश तो नहीं की गई. अगर जांच में किसी भी तरह की साजिश, गलत जानकारी फैलाने या जानबूझकर विवाद खड़ा करने की बात सामने आती है तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
AISA ने लगाए गंभीर आरोप
इस मामले में आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की जामिया इकाई ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं. छात्र संगठन का साफ तौर पर आरोप है कि 6 छात्रों को रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे बिना पहले से बताए प्रॉक्टर के कार्यालय बुलाया गया. इसमें ज्यादातर छात्र नाबालिग बताए गए हैं. AISA के अनुसार, वहां छात्रों के मोबाइल फोन भी ले लिए गए थे. प्रॉक्टरियल टीम के कई सदस्यों ने उनसे अलग-अलग पूछताछ की.
AISA का दावा है कि छात्रों को लगभग 7 घंटे से ज्यादा रोका गया. संगठन ये भी कहा कि एक स्टूडेंट पर इस बात का दबाव बनाया गया कि उसने जामिया को बदनाम करने के लिए मेस में गिरगिट रखा था. हालांकि, इन आरोपों पर यूनिवर्सिटी की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
पहले भी खाने को लेकर हुआ था प्रदर्शन
दिल्ली के JMI में खाने की क्वालिटी को लेकर ये कोई पहले विवाद नहीं है. इससे पहले J&K गर्ल्स हॉस्टल की करीब 700 छात्राओं ने मेस के खाने और साफ-सफाई को लेकर 3 दिन तक विरोध प्रदर्शन किया था. स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया था कि खाने में कई बार कीड़े मिलने के अलावा अधपके चावल, कच्चा चिकन और सब्जी में कांच के टुकड़े जैसी समस्याएं सामने आईं. 9 सितंबर को परोसे गए छोले में कथित तौर पर कीड़े मिलने के बाद विरोध तेज हुआ था.
छात्राओं ने मेस कॉन्ट्रैक्टर को हटाने और प्रदर्शन करने वाली छात्राओं पर कार्रवाई नहीं करने समेत कई मांगें रखी थीं. प्रशासन की तरफ से मांगों पर सहमति बनने के बाद 12 सितंबर को प्रदर्शन खत्म कर दिया गया. इसी बीच AMK हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने भी खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत और विरोध किया. इसके बाद दाल में गिरगिट मिलने का मामला सामने आया.
हॉस्टल मेस में बढ़ेंगे CCTV कैमरे
JMI के अनुसार, हॉस्टल के खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई की रोज निगरानी की जाती है. इसके लिए हॉस्टल प्रशासन और मेस कमेटियां काम करती हैं. यूनिवर्सिटी के बड़े अधिकारी भी समय-समय पर हॉस्टल मेस में जाकर खाने की क्वालिटी देखते हैं. अब प्रशासन ने सभी हॉस्टल मेस और उनकी रसोई में अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने का फैसला किया है.
इनके जरिए खाना बनाने, कैटरिंग और मेस से जुड़ी गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी. यूनिवर्सिटी ने साफ तौर पर कहा कि हॉस्टल में खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई से जुड़ी वास्तविक शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा. साथ ही बिना ठोस सबूत के गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.