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दीवाली का त्योहार नजदीक आते ही दिल्ली-NCR के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. लोग घरों की सजावट, मिठाइयों और त्योहार से जुड़ी चीजों की खरीदारी कर रहे हैं. वहीं, पटाखों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है. इस बार पटाखे खरीदने से पहले लोगों को सरकारी नियमों का ध्यान रखना होगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, दिल्ली-NCR में केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति तय नियमों के तहत दी गई है.
दिल्ली में सदर बाजार, जामा मस्जिद, चांदनी चौक और शक्ति नगर पटाखों की खरीदारी के लिए जाने जाते हैं. इनमें सदर बाजार में अलग-अलग बजट के विकल्प मिलते हैं. यहां 10 रॉकेट का बॉक्स करीब 350 रुपये, चार पैक स्पिनर्स 800 रुपये और दो पैक फाउंटेन बम करीब 450 रुपये में मिलते हैं. हालांकि, ये बाजार में दर्ज कीमतें हैं. इन्हें अधिकृत ग्रीन पटाखों की तय कीमत नहीं माना जा सकता.
नोएडा में सेक्टर-110 स्थित श्रमिक कुंज और उसके आसपास के इलाकों में पटाखों की दुकानें लगती हैं. यहां कई स्थानीय विक्रेता मौजूद हैं. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 1 नवंबर तक प्रशासन ने ग्रीन पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए जगह तय नहीं की थी. इसलिए खरीदारी से पहले प्रशासन या पुलिस से अधिकृत दुकानों की जानकारी लेना जरूरी है.
गाजियाबाद में ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए अस्थायी बाजार तय किए गए हैं. यहां 5 से 7 नवंबर तक लाइसेंस प्राप्त दुकानों पर पटाखे खरीदे जा सकेंगे. प्रमुख जगहों में घंटाघर रामलीला मैदान, कविनगर, विजय नगर सेक्टर-9 और इंदिरापुरम का अटल चौक शामिल हैं. इसके अलावा ट्रांस हिंडन और ग्रामीण इलाकों में भी निर्धारित जगहों पर दुकानें लगाई जाएंगी.
पटाखे खरीदने से पहले पैकेट पर लिखी कीमत, मात्रा और प्रमाणिकता जरूर जांचें. साथ ही CSIR-NEERI की प्रमाणिकता, जरूरी QR कोड और PESO से जुड़ी जानकारी भी देख लें. सस्ते पटाखों के चक्कर में बिना प्रमाणित या अवैध सामान न खरीदें.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, दिल्ली-NCR में 4 से 6 नवंबर तक केवल अधिकृत विक्रेता ही तय स्थानों पर ग्रीन पटाखे बेच सकेंगे. वहीं, 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति है। 9 नवंबर से फिर प्रतिबंध लागू हो जाएगा. इसलिए खरीदारी और इस्तेमाल से पहले नियमों की जानकारी जरूर लें.
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