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Delhi News: दिल्ली विश्वविद्यालय में एक बार फिर छात्रों का विरोध प्रदर्शन सुर्खियों में है. DU नॉर्थ कैंपस गेट नंबर-4 के बाहर पत्रकारिता के छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया है. छात्र अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं. हाथों में पोस्टर और पंपलेट लेकर छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय में आए दिन होने वाले छात्र प्रदर्शनों के बीच अब पत्रकारिता के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है. गेट नंबर-4 के बाहर छात्रों ने धरना शुरू करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है. प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में अलग-अलग तरह के पंपलेट नजर आए. कुछ पंपलेट पर तीखे और व्यंग्यात्मक संदेश लिखे गए हैं तो कुछ में DU प्रशासन और अधिकारियों से इस्तीफे की मांग की गई है.
दरअसल, पत्रकारिता के छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में मूल्यांकन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है. छात्रों का कहना है कि उपस्थिति से जुड़े रिकॉर्ड भी सार्वजनिक नहीं किए जाते. इसके अलावा छात्रों ने भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है.
छात्रों की मांग है कि इन शिकायतों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ किसी भी तरह की अकादमिक कार्रवाई नहीं करने की लिखित गारंटी दी जाए. छात्रों की प्रमुख मांगों में ओएसडी के इस्तीफे के साथ महिला सुरक्षा के लिए प्रभावी पीओएसएच समिति का गठन शामिल है. छात्रों ने महिला शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त करने की भी मांग उठाई है. इसके अलावा जातीय भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है. छात्रों का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को जवाबदेही तय करनी चाहिए.
छात्रों की मांगें सिर्फ अकादमिक मुद्दों तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने फर्स्ट-एड और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, बिजली और फर्नीचर की खराब व्यवस्था को ठीक करने तथा मीडिया और आईसीटी लैब को पूरी तरह कार्यशील करने की मांग की है. वहीं, छात्रों ने फीस और विकास निधि के खर्च का ऑडिट कर उसकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है.
गेट नंबर-4 के बाहर जारी इस प्रदर्शन में छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. अब देखना होगा कि छात्रों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन का अगला कदम क्या होता है.
(दिल्ली से नसीम अहमद की रिपोर्ट)