App

Delhi में Protest के दौरान मेट्रो सेवा में 'कोई कटौती नहीं की गई', DMRC ने SC को ऐसा क्यों कहा?

DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन के दौरान 303 में से 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद थे, लेकिन ट्रेन सेवाओं और फेरों में कोई कटौती नहीं की गई थी. उस दिन करीब 32 लाख यात्रियों ने सफर किया.

Delhi में Protest के दौरान मेट्रो सेवा में 'कोई कटौती नहीं की गई', DMRC ने SC को ऐसा क्यों कहा?
Image Credit: Delhi में Protest के दौरान मेट्रो सेवा में 'कोई कटौती नहीं की गई', DMRC ने SC को ऐसा क्यों कहा?

Delhi News: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान 45 मेट्रो स्टेशनों पर एक रात पहले से ही एंट्री और एग्जिट पर रोक लगा दी थी. मगर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुप्रीम कोर्ट (SC) में बताया है कि 10 अक्टूबर यानी कि प्रदर्शन के दिन दिल्ली मेट्रो सेवाओं में न तो कोई कटौती की और न ही ट्रेनों के फेरों की संख्या घटाई गई थी.

DMRC ने बताया कि 303 में से 45 स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद थे, जबकि 258 खुले रहे. उस दिन 271 ट्रेनों ने 4,157 फेरे लगाए. करीब 32 लाख यात्रियों ने सफर किया.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश की राजधानी में 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान किसी भी मेट्रो ट्रेन सर्विस में कटौती या कैंसिल नहीं किया गया था और इसके 303 स्टेशनों में से सिर्फ 45 पर एंट्री और एग्जिट पर रोक थी.

सुप्रीम कोर्ट में फाइल किए गए एक हलफनामा  में DMRC ने कहा कि उसके 85% से ज्यादा नेटवर्क, जिसमें 258 स्टेशन शामिल हैं, वह पूरी तरह चालू रहे और यात्रियों के लिए एक्सेसिबल रहे.

DMRC ने कहा कि 45 स्टेशनों पर रोक, जो नेटवर्क का लगभग 15 परसेंट हिस्सा हैं. यह रोक लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के असेसमेंट और उनके निर्देशों के अनुसार लगाई गई थी.

DMRC ने कहा कि 10 अक्टूबर को लगभग 32 लाख यात्रियों ने मेट्रो से यात्रा की, जबकि आमतौर पर लगभग 58 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी. यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के ऑर्डर के मुताबिक फाइल किया गया था. यह ऑर्डर 10 अक्टूबर के प्रोटेस्ट से पहले मेट्रो स्टेशन बंद करने और दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को कैंसिल करने को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया था.

DMRC ने कहा कि उसने प्रभावित स्टेशनों पर पुलिस के निर्देशों का पालन किया, साथ ही यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाया, जिसमें विश्वविद्यालय में एग्जिट गेट खुले रखना और GTB नगर में आवाजाही को रेगुलेट करना शामिल है. उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों को अनाउंसमेंट, सोशल मीडिया, साइनेज, वेबसाइट और सारथी ऐप के जरिए जानकारी दी गई.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हेड वाली बेंच ने केंद्र को यह पक्का करने का निर्देश दिया था कि नेशनल कैपिटल में मेट्रो और ट्रेनों के आने-जाने पर "पूरी तरह से रोक" न हो. इसने DMRC और दूसरी अथॉरिटीज को भी कंप्लायंस हलफनामा फाइल करने का निर्देश दिया था.

यह प्रोटेस्ट कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कुछ स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन्स ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इलेक्शन कमीशन के कामकाज में कथित गड़बड़ियों को लेकर बुलाया था. 
ये भी पढ़ें: शाम होते बढ़ेगी टेंशन, अगले 7 दिन दिल्ली की इन सड़कों पर जाम की आशंका
 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Renu Akarniya

Renu Akarniya

रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
Read More