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Delhi विश्वविद्यालय में DUSU उपाध्यक्ष का सत्याग्रह, छात्रों की सुरक्षा और आवास को लेकर धरने पर बैठे

DUSU उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन ने सत्य निकेतन हादसे के पीड़ित परिवारों को न्याय-मुआवजा और छात्रों की सुरक्षा, हॉस्टल व PG सुविधाओं को लेकर नंगे पैर सत्याग्रह शुरू किया है.

Written By Renu Akarniya
Published: Sep 30, 2026, 03:55 PM IST | Updated: Sep 30, 2026, 03:56 PM IST
Image Credit: DUSU उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन
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Delhi News: दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा और आवास समेत कई मांगों को लेकर डूसू उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन ने मोर्चा खोल दिया है. सत्य निकेतन हादसे के पीड़ित छात्र परिवारों को न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर दीपांशु नंगे पैर सत्याग्रह पर बैठे हैं. उनका कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

उत्तरी दिल्ली स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय में डूसू के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन छात्रों की मांगों को लेकर नंगे पैर सत्याग्रह कर रहे हैं. दीपांशु विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्रों की सुरक्षा, आवास और सत्य निकेतन हादसे के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठा रहे हैं.

दीपांशु शौकीन की प्रमुख मांगों में सत्य निकेतन में हुई दुर्घटना के पीड़ित छात्रों के परिवारों को उचित न्याय और मुआवजा देने के साथ-साथ विश्वविद्यालय और उससे जुड़े परिसरों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना शामिल है. उनका कहना है कि अलग-अलग राज्यों से दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए पर्याप्त आवास की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए.

डूसू उपाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल सुविधाओं के विस्तार और पीजी आवासों के लिए किराया नियंत्रण की व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी है. इसके अलावा पीजी और विश्वविद्यालय परिसरों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने और सुरक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करने की मांग की जा रही है. दीपांशु का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. उनका आरोप है कि छात्रों के लिए सुरक्षित आवास और बेहतर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसी मांग को लेकर वह नंगे पैर सत्याग्रह कर रहे हैं.

दीपांशु शौकीन ने साफ किया है कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और सत्य निकेतन हादसे के प्रभावित परिवारों को न्याय एवं उचित आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा. अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है.

(दिल्ली से नसीम अहमद की रिपोर्ट)

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रेनू अकर्णिया, वर्तमान में Zee News में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा की लेटेस्ट, ट्रेंडिंग कंटेंट, यूटिलिटी जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. रेनू पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने 2022 में Zee News से करियर की शुरुआत की.  लोकल चैनल समाचार प्लस में इंटर्न से शुरुआत की और कारवां बढ़ता हुआ जी न्यूज पहुंचा.
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